समुद्री लुटेरों पर भारतीय नौसेना का शिकंजा, 3000 किलोमीटर दूर जाकर बचाए 20 ईरानी नाविक, भारत-ईरान की दोस्ती की दुनिया में चर्चा
जानकारी के मुताबिक भारतीय नौसेना ने 2 नवंबर 2026 को अरब सागर में इस विशेष बचाव अभियान को अंजाम दिया था। समुद्री लुटेरों ने मछली पकड़ने वाले जहाज अजिनी को निशाना बनाया था। जहाज पर 20 ईरानी नागरिक सवार थे और उनकी सुरक्षा को लेकर गंभीर स्थिति पैदा हो गई थी। घटना की जानकारी मिलने के बाद भारतीय नौसेना ने तत्काल कार्रवाई शुरू की। यह अभियान करीब 48 घंटे तक चला और इसमें भारतीय वायुसेना ने भी महत्वपूर्ण सहयोग दिया। अभियान मुंबई से 3000 किलोमीटर से अधिक दूरी पर चलाया गया। भारतीय युद्धपोत आईएनएस कोलकाता ने भी इस पूरे ऑपरेशन में अहम भूमिका निभाई।
सफल रेस्क्यू के बाद ईरान ने भारत के प्रति आभार व्यक्त किया। नई दिल्ली स्थित ईरानी दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी बयान में कहा कि भारत सरकार भारतीय नौसेना और भारतीय वायुसेना ने अजिनी जहाज के 20 ईरानी चालक दल के सदस्यों को समुद्री लुटेरों से बचाने के लिए सफल अभियान चलाया। दूतावास ने भारतीय सशस्त्र बलों के पेशेवर अंदाज साहस और आपसी तालमेल की सराहना की।
ईरान ने इस अभियान को केवल एक सैन्य सफलता नहीं बल्कि मानवीय सहायता और अंतरराष्ट्रीय सहयोग का उदाहरण बताया। दूतावास के मुताबिक यह कार्रवाई दिखाती है कि भारत समुद्री सीमाओं से परे जाकर भी लोगों की जान बचाने और जरूरतमंदों की मदद करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। ईरान ने इसे दोनों देशों के बीच दोस्ती एकजुटता और सहयोग की भावना का प्रतीक भी बताया।
इस अभियान की सराहना भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी की। उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा कि भारतीय नौसेना की यह कार्रवाई हिंद महासागर क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा सुनिश्चित करने और लोगों की जान बचाने के प्रति भारत के मजबूत संकल्प को दर्शाती है। उन्होंने अभियान में शामिल सभी जवानों के प्रयासों की सराहना की।
अरब सागर में हुई इस कार्रवाई ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों की सुरक्षा का महत्व सामने ला दिया है। समुद्री लूट की घटनाएं व्यापारिक जहाजों और नाविकों के लिए लगातार चुनौती बनी हुई हैं। ऐसे में भारतीय नौसेना की त्वरित कार्रवाई को क्षेत्रीय सुरक्षा और मानवीय सहयोग के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। 20 ईरानी नागरिकों की सुरक्षित वापसी ने भारत और ईरान के बीच सहयोग की भावना को भी मजबूती दी है।
