अखिलेश ने एक्सप्रेसवे का वीडियो दिखाकर भाजपा पर साधा निशाना, बोले- निर्माण पूरा होने से पहले ही टूटने लगते हैं
रिवरफ्रंट और आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे की गुणवत्ता का किया जिक्र
अखिलेश यादव ने लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे की स्थिति को लेकर वीडियो दिखाते हुए कहा कि ऐसा लगता है कि दिल्ली और लखनऊ वालों के बीच इस बात को लेकर मुकाबला चल रहा है कि किसके पास ज्यादा मुनाफा होगा। उन्होंने सपा सरकार के दौरान बने रिवरफ्रंट और अन्य निर्माण कार्यों की गुणवत्ता को बेहतर बताया।
उन्होंने आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे का भी जिक्र किया और कहा कि उसका डिजाइन सबसे अच्छा है, लेकिन भाजपा के लोग अब उसे खराब कर रहे हैं। उन्होंने रिवरफ्रंट पर लगे फव्वारों और सपा सरकार के दौरान बच्चों को दिए गए लैपटॉप का उल्लेख करते हुए कहा कि ये अभी भी वैसे ही हैं।
लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे को लेकर इससे पहले भी गुणवत्ता के सवाल उठते रहे हैं। अगस्त में सड़क के हिस्सों को लेकर मरम्मत और पंखों से सुखाने का वीडियो सामने आने के बाद भी अखिलेश यादव ने सरकार पर निशाना साधा था।
यूपीआई भुगतान पर टैक्स को लेकर भी हमला
अखिलेश यादव ने यूपीआई से भुगतान करने पर व्यापारियों पर लगाए गए टैक्स को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने यूपीआई को “रुपये ऐंठने वाली योजना” बताते हुए कहा कि चुंगीजीवी लोगों को रुपये ऐंठने वाली योजना बंद कर देनी चाहिए। उनका आरोप था कि ऐसी योजनाएं उद्योगपतियों की जेबें भरने के लिए बनाई जा रही हैं। इस मुद्दे को लेकर उनके बयान की हालिया रिपोर्टिंग भी सामने आई है।
https://x.com/yadavakhilesh/status/2100210386243084303
200 करोड़ पौधे लगाने के दावे पर सवाल
सपा प्रमुख ने प्रदेश में 200 करोड़ पेड़ लगाए जाने के सरकारी दावे पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि सपा सरकार के दौरान एक हजार एकड़ जमीन पर एक लाख 34 हजार पेड़ लगवाए गए थे। अखिलेश ने सवाल किया कि यदि सरकार ने 200 करोड़ पौधे लगाए हैं तो वह यह भी बताए कि इतनी बड़ी संख्या में पौधे लगाने के लिए जमीन कहां है। यह दावा और उनका सवाल हालिया रिपोर्टिंग में भी दर्ज है।
पूर्व मंत्री राम आश्रय कुशवाहा सपा में लौटे
इस दौरान पूर्व मंत्री राम आश्रय कुशवाहा भाजपा छोड़कर समाजवादी पार्टी में शामिल हो गए। सपा की सदस्यता लेने के बाद उन्होंने कहा कि उन्हें आज भी नेताजी यानी मुलायम सिंह यादव अपने बीच महसूस होते हैं। उन्होंने कहा कि जब तक अखिलेश यादव को मुख्यमंत्री नहीं बना देते, तब तक वह घर नहीं बैठेंगे।
राजनीतिक रूप से अखिलेश यादव के इस कार्यक्रम में सरकार पर कई मुद्दों को लेकर निशाना साधने के साथ पार्टी में पूर्व मंत्री की वापसी को भी महत्वपूर्ण घटनाक्रम के तौर पर देखा गया।
