अखिलेश के बयान पर भड़के ओपी राजभर! जयंत चौधरी को लेकर कही बात पर पलटवार, अजय राय की मछली पार्टी पर भी उठाए सवाल
दरअसल अखिलेश यादव ने 17 अगस्त को गठबंधन की राजनीति पर टिप्पणी करते हुए कहा था कि उनकी पार्टी ने कुछ ऐसे गठबंधन भी किए जिनके लोग बाद में अलग हो गए। उन्होंने बिना नाम लिए कहा था कि जिनको चवन्नी से रुपया बनाया वे भी उन्हें छोड़कर चले गए। माना गया कि उनका इशारा राष्ट्रीय लोक दल और जयंत चौधरी की तरफ था। इसी बयान पर ओपी राजभर ने जवाब देते हुए कहा कि विरासत में सत्ता मिल सकती है लेकिन बुद्धि नहीं। उन्होंने कहा कि जिन चौधरी चरण सिंह को मुलायम सिंह यादव ने नेता बनाया था उनकी पार्टी को चवन्नी कहना उचित नहीं है।
राजभर ने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय के अयोध्या में हुए एक कार्यक्रम में मछली परोसे जाने के मुद्दे पर भी हमला बोला। उन्होंने कहा कि सावन के महीने में सनातन परंपरा को मानने वाले कई लोग मछली नहीं खाते हैं। ऐसे में अयोध्या में मछली परोसे जाने को लेकर उन्होंने सवाल उठाया और इसे सनातन का अपमान बताया। अजय राय की ओर से मछली नहीं खाने की बात कहे जाने पर राजभर ने सवाल उठाते हुए कहा कि अगर उन्होंने नहीं खाई तो भी कार्यक्रम में मछली बनाई गई थी।
दिलचस्प बात यह रही कि जब राजभर से पूछा गया कि क्या वह खुद मछली खाते हैं तो उन्होंने जवाब दिया कि अगर मिल जाती है तो खा लेते हैं और नहीं मिलती तो नहीं खाते। इसके बाद जब उनसे पश्चिम बंगाल में भाजपा का भगवा पटका पहनकर मछली खाने से जुड़ा सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा कि सावन के दौरान उन्होंने ऐसा नहीं किया।
वहीं आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर सीट बंटवारे के सवाल पर ओपी राजभर ने कहा कि भाजपा के साथ सीटों को लेकर कोई विवाद नहीं है। उन्होंने दावा किया कि उनके साथ लोग लगातार खड़े हो रहे हैं। राजभर के इस बयान को यूपी में आने वाले चुनाव से पहले गठबंधन की स्थिति को लेकर महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
इसी बीच बहुजन समाज पार्टी प्रमुख मायावती ने भी चुनावी राजनीति को लेकर बड़ा फैसला किया है। मायावती ने पंजाब विधानसभा चुनाव में BSP के अकेले चुनाव लड़ने का ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि गठबंधन की राजनीति से पार्टी को सीट और वोट प्रतिशत दोनों में नुकसान हुआ है। इसके अलावा गठबंधन के कारण कार्यकर्ताओं का मनोबल भी प्रभावित होता है। पिछली बार BSP ने पंजाब में अकाली दल के साथ गठबंधन किया था।
लखनऊ स्थित BSP कार्यालय में पंजाब के पार्टी पदाधिकारियों के साथ बैठक के बाद मायावती ने चुनावी तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि पंजाब के साथ उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में होने वाले आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर भी पार्टी की तैयारियां तेज की जाएंगी। उम्मीदवारों के चयन में मेहनती और ईमानदार नेताओं को प्राथमिकता देने की बात कही गई है।
उधर वृंदावन के बांके बिहारी मंदिर में चढ़ावे को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने भी सख्त रुख अपनाया है। कोर्ट ने कहा कि श्रद्धालुओं की ओर से दिया गया एक एक पैसा सीधे मंदिर की तिजोरी तक पहुंचना चाहिए। मंदिर में चढ़ावे की रकम में कथित हेराफेरी के आरोपों के बीच अदालत ने हाई पावर्ड कमेटी की रिपोर्ट पर गौर किया। इससे मंदिर की वित्तीय व्यवस्था और चढ़ावे की पारदर्शिता को लेकर निगरानी और सख्त होने के संकेत मिले हैं।
