MP में रातें ठंडी, दिन में गर्मी, 7-8 अक्टूबर को 14 जिलों में बारिश की संभावना
पिछली तीन रातों में प्रदेश के कई शहरों के न्यूनतम तापमान में करीब 4 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की गई है। अनूपपुर के अमरकंटक में पारा 16 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। इंदौर में भी न्यूनतम तापमान 18 डिग्री से नीचे रहा। भोपाल, उज्जैन और पचमढ़ी में भी रात के तापमान में गिरावट आई है। हालांकि, दिन में तेज धूप निकलने से गर्मी और उमस का असर बना हुआ है।
मौसम विशेषज्ञ शैलेंद्र कुमार नायक के मुताबिक, पिछले 10 साल के अक्टूबर के आंकड़ों में बारिश, गर्मी और ठंड तीनों तरह का मौसम देखने को मिलता रहा है। इस बार भी अक्टूबर में इसी तरह मौसम में बदलाव का ट्रेंड रहने का अनुमान है। महीने की शुरुआत में मौसम साफ हो गया है और दिन में धूप निकल रही है, जबकि रात के समय ठंडक बढ़ने लगी है।
7-8 अक्टूबर को इन जिलों में बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग ने 7 और 8 अक्टूबर को प्रदेश के पूर्वी हिस्से में मौसम बदलने का अनुमान जताया है। इस दौरान गरज-चमक और आंधी के साथ हल्की बारिश हो सकती है।
छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, मैहर, उमरिया, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला और बालाघाट में बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।
5 और 6 अक्टूबर को मौसम रहेगा साफ
मौसम विभाग के अनुसार, अगले दो दिन यानी 5 और 6 अक्टूबर को प्रदेश में कहीं भी बारिश होने की संभावना नहीं है। इन दोनों दिनों में ज्यादातर इलाकों में मौसम साफ रहेगा और दिन में धूप खिली रहेगी। इसके बाद 7 अक्टूबर से पूर्वी मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में बारिश का दौर शुरू हो सकता है।
100 दिन सक्रिय रहा मानसून
मध्य प्रदेश में इस बार दक्षिण-पश्चिम मानसून करीब 100 दिन सक्रिय रहा। मानसून ने 24 जून को प्रदेश में दस्तक दी थी और 3 अक्टूबर को पूरे मध्य प्रदेश से विदा हो गया।
मानसून सीजन में प्रदेश में कुल 908.4 मिमी यानी 35.8 इंच बारिश दर्ज हुई, जो सामान्य बारिश 949.5 मिमी यानी 37.3 इंच की तुलना में 1.5 इंच कम है। इस तरह प्रदेश में सामान्य से करीब 4 प्रतिशत कम बारिश हुई।
बारिश के आंकड़ों में पूर्वी और पश्चिमी मध्य प्रदेश के बीच भी अंतर रहा। पूर्वी हिस्से में सामान्य से 4 प्रतिशत ज्यादा, जबकि पश्चिमी हिस्से में औसत से 12 प्रतिशत कम बारिश हुई है।
पूर्वी हिस्से में 4% ज्यादा बारिश, फिर भी 9 जिलों में कमी
पूर्वी मध्य प्रदेश के जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में औसत के मुकाबले 4 प्रतिशत ज्यादा बारिश हुई है। हालांकि, इन क्षेत्रों के कुछ जिलों में बारिश का आंकड़ा सामान्य से नीचे रहा।
बालाघाट, छिंदवाड़ा, दमोह, जबलपुर, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, रीवा, सागर और सिवनी में सामान्य से 5% से 21% तक कम बारिश दर्ज हुई।
पश्चिमी MP के 20 जिलों में 9 से 51% तक कमी
पश्चिमी मध्य प्रदेश के कई जिलों में बारिश की कमी ज्यादा रही। आलीराजपुर, अशोकनगर, बड़वानी, बैतूल, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, खंडवा, मंदसौर, मुरैना, नर्मदापुरम, नीमच, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, उज्जैन और विदिशा में सामान्य के मुकाबले 9% से 51% तक कम बारिश हुई है।
इन 25 जिलों में बारिश का कोटा पूरा
प्रदेश के 25 जिलों में मानसून के दौरान बारिश का निर्धारित कोटा पूरा हो चुका है। इनमें भोपाल, राजगढ़, बुरहानपुर, खरगोन, कटनी, मंडला, डिंडौरी, ग्वालियर, गुना, दतिया, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, मैहर, आगर-मालवा, भिंड, श्योपुर, सिंगरौली, सीधी, सतना, मऊगंज, शहडोल, उमरिया और अनूपपुर शामिल हैं।
30 जिलों में सामान्य से कम बारिश
इस बार प्रदेश के 30 जिलों में सामान्य से कम बारिश हुई है। इनमें नरसिंहपुर, दमोह, बालाघाट, अशोकनगर, मुरैना, मंदसौर, खंडवा, बड़वानी, नीमच, जबलपुर, रीवा, सागर, देवास, सिवनी, सीहोर, शिवपुरी, रायसेन, छिंदवाड़ा, विदिशा, शाजापुर, पांढुर्णा, इंदौर, उज्जैन, बैतूल, हरदा, नर्मदापुरम, रतलाम, झाबुआ, धार और आलीराजपुर शामिल हैं।
