गुजरात में इंसानों पर हमला करने वाले शेरों के लिए बनेगा विशेष प्रतिबंधित बाड़ा, प्राकृतिक माहौल में होगी निगरानी और सुरक्षा
नई दिल्ली । गुजरात में एशियाई शेरों के संरक्षण और मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करने की दिशा में वन विभाग ने एक महत्वपूर्ण पहल शुरू की है। विभाग ने अमरेली जिले के धारी के पास स्थित आंबरडी सफारी पार्क में इंसानों पर हमला करने वाले शेरों को रखने के लिए लगभग 100 हेक्टेयर क्षेत्र में एक विशेष प्रतिबंधित बाड़ा विकसित करने का काम शुरू किया है। इस क्षेत्र को इस तरह तैयार किया जाएगा कि शेरों को उनके प्राकृतिक आवास जैसा वातावरण उपलब्ध हो सके और उनकी गतिविधियों पर सुरक्षित तरीके से निगरानी भी रखी जा सके। अधिकारियों के अनुसार, इस पहल का उद्देश्य ऐसे शेरों को आबादी वाले क्षेत्रों से दूर रखते हुए उनके संरक्षण और प्रबंधन के बीच संतुलन कायम करना है।
गुजरात सरकार के वन विभाग की ओर से यह कदम शेरों की बढ़ती आबादी के साथ मानव और वन्यजीवों के बीच बढ़ती संभावित टकराव की स्थिति को देखते हुए उठाया गया है। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में राज्य सरकार शेरों के संरक्षण, उनके प्राकृतिक आवास की सुरक्षा और वन्यजीव प्रबंधन से जुड़ी योजनाओं को आगे बढ़ा रही है। हर वर्ष 10 अगस्त को मनाया जाने वाला विश्व शेर दिवस भी शेरों की सुरक्षा, उनके संरक्षण और उनके प्राकृतिक आवास को बचाने के प्रति जागरूकता बढ़ाने का अवसर प्रदान करता है।
वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, आंबरडी सफारी पार्क में विशेष बाड़े के लिए तारबंदी और अन्य जरूरी व्यवस्थाओं का काम शुरू कर दिया गया है। इस क्षेत्र में ऐसे शेरों को रखा जाएगा जिनका व्यवहार इंसानों के लिए गंभीर खतरा पैदा कर चुका है। उन्हें सामान्य वन क्षेत्र या आबादी के नजदीक छोड़ने के बजाय नियंत्रित क्षेत्र में रखा जाएगा, ताकि शेरों की सुरक्षा के साथ स्थानीय लोगों की सुरक्षा भी सुनिश्चित की जा सके। प्राकृतिक वातावरण उपलब्ध होने से इन जानवरों को लंबे समय तक अपेक्षाकृत बेहतर परिस्थितियों में रखने में मदद मिल सकती है।
वन्यजीव प्रबंधन में स्थानांतरण एक महत्वपूर्ण वैज्ञानिक प्रक्रिया मानी जाती है। जब कोई जंगली जानवर भोजन, पानी या अन्य कारणों से आबादी वाले क्षेत्र में पहुंच जाता है, तो उसे सुरक्षित तरीके से पकड़कर उपयुक्त वन क्षेत्र में स्थानांतरित किया जाता है। घायल या बीमार वन्यजीवों के उपचार, उनके लिए बेहतर आवास उपलब्ध कराने और कुछ परिस्थितियों में आबादी प्रबंधन के लिए भी स्थानांतरण किया जाता है। गुजरात में शेरों और तेंदुओं के अलावा मगरमच्छ जैसे वन्यजीवों को भी परिस्थितियों के अनुसार सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया जाता रहा है।
आंबरडी सफारी पार्क इस पूरी योजना के लिए इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि यह गिर के प्राकृतिक पर्यावरण से जुड़ा प्रमुख वन्यजीव पर्यटन केंद्र है। लगभग 365 हेक्टेयर क्षेत्र में फैले इस पार्क में एशियाई शेरों के साथ तेंदुए, चीतल, नीलगाय, चिंकारा, मोर और कई अन्य पक्षियों को देखा जा सकता है। वर्ष 2017 में शुरू किए गए इस पार्क का उद्देश्य वन्यजीव संरक्षण के साथ लोगों को प्राकृतिक पर्यावरण और जैव विविधता के प्रति जागरूक करना भी रहा है। यहां विकसित सफारी सुविधाओं के कारण पर्यटकों को गिर क्षेत्र के वन्यजीवन को करीब से समझने का अवसर मिलता है।
नए प्रतिबंधित बाड़े के निर्माण से शेर संरक्षण की व्यवस्था को एक अतिरिक्त आधार मिलने की उम्मीद है। मानव बस्तियों में बार-बार पहुंचने या इंसानों पर हमला करने वाले शेरों को अलग और नियंत्रित वातावरण में रखने से संभावित संघर्ष को कम किया जा सकता है। साथ ही, वैज्ञानिक निगरानी के माध्यम से ऐसे शेरों के व्यवहार और स्वास्थ्य पर नजर रखना भी संभव होगा। गुजरात की यह पहल शेरों के संरक्षण के साथ स्थानीय समुदायों की सुरक्षा और वन्यजीवों के साथ सह-अस्तित्व की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
