March 13, 2026

कच्चे तेल की कीमतों में उछाल पर Donald Trump बोले- अमेरिका के लिए अच्छा मौका

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नई दिल्ली। मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और तेल आपूर्ति में आई बाधाओं के कारण वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल देखने को मिल रहा है। इस स्थिति से कई देशों की अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ गया है और कई सरकारें ईंधन की खपत कम करने के उपाय तलाश रही हैं। इसी बीच Donald Trump ने कहा है कि तेल की कीमतों में बढ़ोतरी से अमेरिका को आर्थिक रूप से फायदा हो रहा है। उनका कहना है कि क्योंकि United States दुनिया का सबसे बड़ा तेल उत्पादक देश है, इसलिए तेल महंगा होने पर उसे ज्यादा आय प्राप्त होती है।

ट्रुथ सोशल पर ट्रंप ने रखी अपनी बात
ट्रंप ने यह टिप्पणी अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर की। उन्होंने लिखा कि जब वैश्विक बाजार में तेल की कीमतें बढ़ती हैं तो अमेरिका को इससे काफी मुनाफा होता है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि उनके लिए सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि Iran को परमाणु हथियार हासिल करने से रोका जाए, क्योंकि इससे मध्य पूर्व और पूरी दुनिया की सुरक्षा को गंभीर खतरा हो सकता है। ट्रंप ने अपने बयान में यह भी दावा किया कि वे किसी भी हालत में ईरान को परमाणु हथियार हासिल नहीं करने देंगे।

गैस की बढ़ती कीमतों को बताया नियंत्रण में
ट्रंप ने बुधवार को ओहियो में एक कार्यक्रम के दौरान भी ईंधन की बढ़ती कीमतों पर टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि गैस की कीमतें जितनी बढ़ने की आशंका थी, उतनी नहीं बढ़ी हैं। उन्होंने भरोसा जताते हुए कहा कि आने वाले समय में कीमतें इतनी कम हो जाएंगी कि लोगों को इसकी चिंता भी नहीं रहेगी। उनकी यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के कारण वैश्विक ऊर्जा बाजार में अस्थिरता बनी हुई है।

आईईए ने दी तेल आपूर्ति संकट की चेतावनी
इस बीच International Energy Agency (आईईए) ने चेतावनी दी है कि ईरान से जुड़े हमलों और क्षेत्रीय संघर्षों के कारण दुनिया को तेल आपूर्ति में बड़ी बाधा का सामना करना पड़ सकता है। एजेंसी का कहना है कि यह इतिहास की सबसे बड़ी आपूर्ति बाधाओं में से एक साबित हो सकती है। स्थिति को संभालने के लिए आईईए के सदस्य देशों ने बुधवार को एक अहम फैसला लिया। इसके तहत 32 सदस्य देशों ने अपने आपातकालीन भंडार से लगभग 40 करोड़ बैरल तेल बाजार में जारी करने पर सहमति जताई है, ताकि वैश्विक बाजार में आपूर्ति की कमी को पूरा किया जा सके।

आपातकालीन भंडार से तेल जारी करने का फैसला
आईईए के सदस्य देशों के पास कुल मिलाकर 1.2 अरब बैरल से अधिक का आपातकालीन तेल भंडार मौजूद है। इसके अलावा उद्योगों के पास भी सरकारी नियमों के तहत लगभग 60 करोड़ बैरल अतिरिक्त तेल का भंडार उपलब्ध है।
यह समन्वित रूप से तेल भंडार जारी करने का आईईए के इतिहास में छठा मौका है। इससे पहले 1991, 2005, 2011 और 2022 में भी इसी तरह के कदम उठाए गए थे। गौरतलब है कि International Energy Agency की स्थापना 1974 में वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने के उद्देश्य से की गई थी।

होर्मुज जलडमरूमध्य से प्रभावित हुई आपूर्ति
आईईए के कार्यकारी निदेशक Fatih Birol ने हाल ही में सदस्य देशों की एक विशेष बैठक बुलाई थी, जिसमें पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति और तेल आपूर्ति पर उसके असर का आकलन किया गया। बैठक के बाद ही आपातकालीन भंडार जारी करने का निर्णय लिया गया।

दरअसल, 28 फरवरी से शुरू हुए पश्चिम एशिया के संघर्ष के कारण Strait of Hormuz के रास्ते तेल आपूर्ति प्रभावित हो गई है। यह मार्ग वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। मौजूदा हालात में कच्चे तेल और रिफाइंड उत्पादों का निर्यात संघर्ष से पहले के स्तर के 10 प्रतिशत से भी कम रह गया है।

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