विश्व विजेता भारत के आगे बौना साबित हुआ पाकिस्तान, पूर्व कप्तान लतीफ बोले- 10 साल की तपस्या का फल काट रहा है हिंदुस्तान
राशिद लतीफ ने बड़े टूर्नामेंटों में भारत और पाकिस्तान की अलग-अलग मानसिकता पर बेबाकी से अपनी राय रखी। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा, भारत के DNA में अब ट्रॉफियां जीतना बस गया है, जबकि हमारे पाकिस्तान DNA में नॉकआउट से पहले ही घुटने टेक देना शामिल हो गया है। लतीफ का यह तंज पाकिस्तान क्रिकेट की उस गिरती साख पर है, जहां टीम पिछले कई आईसीसी आयोजनों में शुरुआती दौर से ही बाहर होती रही है। लतीफ ने जोर देकर कहा कि टीम इंडिया का यह दबदबा कोई रातों-रात मिली सफलता नहीं है, बल्कि यह पिछले एक दशक की कड़ी मेहनत, अनुशासन और सटीक योजना का परिणाम है।
भारतीय क्रिकेट के सुनहरे सफर पर नजर डालें तो 2024 के टी20 वर्ल्ड कप में रोहित-विराट की विदाई के बाद भी टीम की धार कम नहीं हुई। सूर्यकुमार यादव की कप्तानी और गौतम गंभीर के मार्गदर्शन में बनी नई टीम इंडिया ने क्रिकेट खेलने के अंदाज को ही बदल दिया है। भारत ने न केवल 2024 का खिताब जीता, बल्कि आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी और 2026 टी20 वर्ल्ड कप में भी अपनी बादशाहत कायम रखी। इसके साथ ही एशिया कप में भारत का चैंपियन बनना यह साबित करता है कि टीम हर दबाव वाले मैच को जीतने का हुनर सीख चुकी है।
दूसरी ओर, पाकिस्तान की स्थिति इसके ठीक उलट है। 2022 के टी20 वर्ल्ड कप फाइनल के बाद से पाकिस्तानी क्रिकेट का ग्राफ लगातार नीचे गिरा है। 2023 के वनडे वर्ल्ड कप से लेकर 2025 की चैंपियंस ट्रॉफी तक, पाकिस्तान का सफर निराशाजनक रहा और 2026 के टी20 वर्ल्ड कप में तो टीम सुपर-8 की बाधा भी पार नहीं कर पाई।
लतीफ ने भारतीय टीम की जुझारू क्षमता का उदाहरण देते हुए कहा कि टॉस हारने जैसी प्रतिकूल स्थितियों के बावजूद भारतीय खिलाड़ी 250 रन जैसे विशाल स्कोर खड़ा करने का माद्दा रखते हैं। उन्होंने पत्रकारों से मुखातिब होते हुए कहा, भारतीय टीम को हराना अब किसी भी टीम के लिए टेढ़ी खीर है। वे दबाव में निखरते हैं और उनके पास फाइनल खेलने और उसे जीतने की मानसिक मजबूती है। राशिद लतीफ का यह बयान न केवल टीम इंडिया के प्रति सम्मान को दर्शाता है, बल्कि पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड और खिलाड़ियों के लिए एक कड़ी चेतावनी भी है कि अगर वे समय रहते नहीं संभले, तो यह फासला कभी नहीं भरा जा सकेगा।
