महाराजपुरा सुसाइड केस: शादी के 3 साल बाद विवाहिता की संदिग्ध मौत, मायके पक्ष के आरोपों के बाद पति समेत ससुराल वाले घेरे में
सूचना मिलते ही महाराजपुरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। पुलिस ने शव को फंदे से उतारकर अपने कब्जे में लिया और पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया। शुरुआती जांच में यह मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा था, लेकिन मृतका के मायके पक्ष के बयानों ने इस पूरे घटनाक्रम को एक नया और गंभीर मोड़ दे दिया है। किरन के मायके वालों का आरोप है कि यह महज आत्महत्या नहीं, बल्कि ससुराल पक्ष द्वारा किए गए मानसिक और शारीरिक शोषण का परिणाम है।
परिजनों ने बताया कि किरन का विवाह करीब तीन साल पहले पुष्पेंद्र लोधी के साथ हुआ था। उन्होंने आरोप लगाया कि शादी के कुछ समय बाद से ही ससुराल पक्ष के लोग उसे छोटी-छोटी बातों पर प्रताड़ित करने लगे थे। “शादी के बाद से ही उसे चैन से रहने नहीं दिया गया, ससुराल वालों का व्यवहार उसके प्रति लगातार क्रूर होता जा रहा था,” मायके पक्ष ने पुलिस को दिए अपने बयान में यह बात स्पष्ट रूप से कही है। उनका दावा है कि इसी निरंतर हो रहे उत्पीड़न और प्रताड़ना से तंग आकर उनकी बेटी ने मौत को गले लगाना बेहतर समझा।
इस संवेदनशील मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए महाराजपुरा थाना सर्किल के सीएसपी नागेंद्र सिंह सिकरवार ने बताया कि पुलिस ने घटना के हर पहलू की जांच शुरू कर दी है। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव को अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को सौंप दिया गया है। सीएसपी ने आगे जानकारी दी कि मायके पक्ष द्वारा लगाए गए गंभीर आरोपों और उनके बयानों को आधार मानते हुए गुरुवार रात को ससुराल पक्ष के खिलाफ विधिवत मामला दर्ज कर लिया गया है।
पुलिस इस बात की गहराई से तफ्तीश कर रही है कि क्या आत्महत्या के पीछे केवल प्रताड़ना ही मुख्य कारण था या कुछ और भी तथ्य छिपे हुए हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच के दौरान जो भी नए तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर अग्रिम कानूनी कार्रवाई की जाएगी। ग्वालियर में हुई इस घटना ने एक बार फिर नवविवाहिताओं की सुरक्षा और उनके प्रति हो रहे सामाजिक व पारिवारिक व्यवहार पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा कर दिया है।
