21 जुलाई शेयर बाजार आज निवेशकों के लिए रहेगा बेहद अहम वैश्विक संकेतों और कंपनियों के नतीजों पर टिकी बाजार की चाल
पिछले कुछ कारोबारी सत्रों में बाजार में मिश्रित रुख देखने को मिला है। कभी बैंकिंग शेयरों ने मजबूती दिखाई तो कभी आईटी और ऑटो सेक्टर में दबाव नजर आया। ऐसे माहौल में निवेशक अब नई आर्थिक जानकारी और कॉर्पोरेट नतीजों का इंतजार कर रहे हैं। जिन कंपनियों के पहली तिमाही के परिणाम आने वाले हैं उनके शेयरों में अच्छी हलचल देखने को मिल सकती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि विदेशी संस्थागत निवेशकों की खरीदारी जारी रहती है तो बाजार को मजबूती मिल सकती है। वहीं यदि वैश्विक बाजारों में कमजोरी का असर दिखाई देता है तो घरेलू सूचकांकों पर भी दबाव बन सकता है। अमेरिका और एशियाई बाजारों की चाल का असर भारतीय बाजार की शुरुआत पर देखने को मिल सकता है।
कच्चे तेल की कीमतें भी बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगी। यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चा तेल महंगा होता है तो इससे कई सेक्टरों पर असर पड़ सकता है। वहीं रुपये की चाल भी निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण रहेगी क्योंकि विदेशी निवेश और आयात निर्यात से जुड़े कारोबार पर इसका सीधा प्रभाव पड़ता है।
बाजार जानकारों का कहना है कि इस समय निवेशकों को जल्दबाजी में बड़े निवेश से बचना चाहिए। मजबूत बुनियादी स्थिति वाली कंपनियों में चरणबद्ध निवेश की रणनीति अधिक सुरक्षित मानी जा रही है। अल्पकालिक उतार चढ़ाव के बजाय लंबी अवधि के नजरिए से निवेश करने वाले निवेशकों को बेहतर अवसर मिल सकते हैं। विशेष रूप से बैंकिंग आईटी फार्मा एफएमसीजी और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर पर बाजार की नजर बनी रहेगी।
तकनीकी विश्लेषकों के अनुसार प्रमुख सूचकांकों के महत्वपूर्ण सपोर्ट और रेजिस्टेंस स्तरों पर भी निवेशकों की नजर रहेगी। यदि बाजार इन स्तरों को मजबूती से पार करता है तो नई तेजी देखने को मिल सकती है। वहीं कमजोर शुरुआत होने पर मुनाफावसूली भी बढ़ सकती है। ऐसे में ट्रेडिंग करने वाले निवेशकों को जोखिम प्रबंधन के साथ आगे बढ़ने की सलाह दी जा रही है।
घरेलू आर्थिक संकेतकों के साथ वैश्विक घटनाक्रम भी निवेशकों की रणनीति तय करेंगे। इसलिए किसी भी अफवाह के आधार पर निवेश करने के बजाय प्रमाणित जानकारी और विशेषज्ञों की सलाह को प्राथमिकता देना बेहतर रहेगा। 21 जुलाई का कारोबारी दिन कई सेक्टरों के लिए नई दिशा तय कर सकता है और बाजार की चाल इस बात पर निर्भर करेगी कि वैश्विक संकेत और कॉर्पोरेट नतीजे कितने सकारात्मक रहते हैं। समझदारी धैर्य और संतुलित निवेश रणनीति ही मौजूदा बाजार में सफलता की सबसे बड़ी कुंजी मानी जा रही है।
