धनतेरस पर सोना खरीदने का बदला तरीका, अब घर में रखे बिना भी खरीद सकेंगे असली गोल्ड, जानें क्या है गोल्ड वॉल्ट
क्या है गोल्ड वॉल्ट की सुविधा
गोल्ड वॉल्ट एक ऐसा फीचर है जिसके माध्यम से निवेशक मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी MCX से जुड़े निर्धारित कॉन्ट्रैक्ट्स के आधार पर भौतिक सोना और चांदी खरीद सकते हैं। सामान्य डिजिटल गोल्ड प्लेटफॉर्म से इसकी व्यवस्था अलग बताई गई है। इसमें खरीदारी एक्सचेंज के कॉन्ट्रैक्ट और भौतिक निपटान से जुड़ी होती है। इस व्यवस्था में बाजार की लाइव कीमतों के आधार पर ऑर्डर दिया जाता है। लेनदेन पूरा होने के बाद खरीदी गई कमोडिटी की रसीदें निवेशक के खाते में दर्ज होती हैं। यह व्यवस्था संबंधित एक्सचेंज और नियामकीय नियमों के तहत संचालित होती है।
कैसे काम करता है गोल्ड वॉल्ट
इस सुविधा का इस्तेमाल करने के लिए सबसे पहले यूजर को धन एप में गोल्ड वॉल्ट को एक्टिव करना होता है। इसके बाद उसका कमोडिटी रिसीट्स होल्डिंग खाता बनाया जाता है। इसे शेयर बाजार के डीमैट खाते की तरह समझा जा सकता है जहां खरीदी गई कमोडिटी से जुड़ी रसीदें दर्ज रहती हैं। इसके बाद निवेशक एप में उपलब्ध कॉन्ट्रैक्ट के अनुसार सोना खरीदने का ऑर्डर दे सकता है। ऑर्डर MCX पर निष्पादित होता है और निर्धारित निपटान प्रक्रिया पूरी होने के बाद सोने की रसीदें खाते में दिखाई देने लगती हैं। खरीदा गया सोना एक्सचेंज से स्वीकृत सुरक्षित तिजोरी में रखा जाता है। जरूरत पड़ने पर निवेशक अपने पंजीकृत पते पर भौतिक डिलीवरी का अनुरोध भी कर सकता है। हालांकि डिलीवरी के लिए अलग शुल्क और शर्तें लागू हो सकती हैं।
सोने की शुद्धता के लिए तय हैं अलग मानक
गोल्ड वॉल्ट में सोने की शुद्धता कॉन्ट्रैक्ट के अनुसार निर्धारित होती है। एक ग्राम के गोल्ड पेटल और आठ ग्राम के गोल्ड गिनी के साथ दस ग्राम के गोल्ड टेन कॉन्ट्रैक्ट में 999 शुद्धता का मानक बताया गया है। वहीं 100 ग्राम के गोल्ड मिनी और एक किलोग्राम के गोल्ड कॉन्ट्रैक्ट में 995 शुद्धता निर्धारित है। इसलिए निवेश करने से पहले यह समझना जरूरी है कि किस कॉन्ट्रैक्ट के तहत कितना शुद्ध सोना खरीदा जा रहा है।
गोल्ड वॉल्ट के फायदे और नुकसान
इस सुविधा का सबसे बड़ा फायदा यह है कि निवेशक को घर में सोना रखने की चिंता नहीं करनी पड़ती। चोरी या सुरक्षा से जुड़े जोखिम कम हो जाते हैं। बाजार की कीमतों से जुड़ी खरीदारी होने के कारण कीमतों में पारदर्शिता मिल सकती है। धनतेरस के विशेष ऑफर के तहत 19 अक्टूबर से 13 नवंबर 2026 तक शून्य ब्रोकरेज और शून्य मार्कअप की सुविधा देने की जानकारी दी गई है।
हालांकि इस सुविधा की कुछ सीमाएं भी हैं। इसमें 100 या 500 रुपये जैसी मनचाही छोटी रकम से निवेश नहीं किया जा सकता। खरीदारी एक्सचेंज के निर्धारित कॉन्ट्रैक्ट के अनुसार ही करनी होती है। इसके अलावा जीएसटी और स्टांप ड्यूटी के साथ स्टोरेज तथा डिलीवरी शुल्क भी कुल लागत बढ़ा सकते हैं। इसलिए केवल सोने की लाइव कीमत देखकर निवेश का फैसला करना सही नहीं होगा।
धनतेरस पर गोल्ड वॉल्ट के जरिए सोना खरीदने की योजना बना रहे लोगों को सभी शुल्क और नियम पहले समझ लेने चाहिए। साथ ही यह भी जांचना चाहिए कि भौतिक डिलीवरी कब और किन शर्तों पर मिलेगी। किसी भी निवेश से पहले अपनी जरूरत और बजट के अनुसार विकल्पों की तुलना करना जरूरी है।
