September 29, 2026

ऊंची अमेरिकी बॉन्ड यील्ड और वैश्विक तनाव से सोने-चांदी पर दबाव, दोनों कीमती धातुओं में एक प्रतिशत से ज्यादा गिरावट

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नई दिल्ली ।ऊंची अमेरिकी बॉन्ड यील्ड और अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण मंगलवार को घरेलू बाजार में सोने और चांदी की कीमतों पर दबाव देखने को मिला। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी एमसीएक्स पर दोनों कीमती धातुओं में गिरावट दर्ज की गई। कारोबार के दौरान चांदी में गिरावट सोने के मुकाबले अधिक रही।

दिसंबर डिलीवरी वाला सोना वायदा 487 रुपये यानी 0.33 प्रतिशत की गिरावट के साथ 1,48,410 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा था। कारोबार के दौरान सोना 747 रुपये यानी 0.50 प्रतिशत गिरकर 1,48,150 रुपये प्रति 10 ग्राम के इंट्राडे निचले स्तर तक पहुंच गया। इसका दिन का उच्चतम स्तर 1,49,034 रुपये रहा।

चांदी वायदा में भी दबाव ज्यादा दिखाई दिया। दिसंबर डिलीवरी वाली चांदी कारोबार के दौरान 2,942 रुपये यानी 1.29 प्रतिशत की गिरावट के साथ 2,24,500 रुपये प्रति किलोग्राम के इंट्राडे निचले स्तर तक पहुंच गई। बाद में इसमें गिरावट कुछ कम हुई और यह 2,104 रुपये यानी 0.93 प्रतिशत नीचे 2,25,338 रुपये प्रति किलोग्राम पर कारोबार करती रही।

कीमती धातुओं में कमजोरी के पीछे अमेरिका और ईरान के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर बढ़ता तनाव प्रमुख कारणों में शामिल रहा। इस तनाव के कारण वैश्विक ऊर्जा कीमतों पर दबाव बना हुआ है। वहीं अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में तेजी से सोने और चांदी जैसे गैर-ब्याज देने वाले निवेश विकल्पों की आकर्षण क्षमता प्रभावित हुई है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने पर दबाव बना रहा। पिछले कारोबारी सत्र में स्पॉट गोल्ड में करीब 4 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई थी। इसके बाद कीमत सात सप्ताह के निचले स्तर तक पहुंच गई थी।

ईरान की ओर से नवंबर में होने वाले अमेरिकी मध्यावधि चुनावों से पहले वॉशिंगटन के साथ किसी समझौते की संभावना को लेकर निराशा जताए जाने से स्थिति और जटिल हुई। इसके बाद अमेरिका की ओर से होर्मुज जलडमरूमध्य को सात दिनों के भीतर फिर से खोलने संबंधी ईरान के प्रस्ताव को खारिज किए जाने से ऊर्जा बाजार में अनिश्चितता बनी रही।

बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, सोने के लिए निकट अवधि में 1,50,000 से 1,50,700 रुपये का स्तर पहला प्रतिरोध क्षेत्र है। इसके ऊपर 1,52,000 से 1,52,600 रुपये का स्तर महत्वपूर्ण रहेगा। नीचे की ओर 1,48,000 से 1,47,300 रुपये का दायरा प्रमुख समर्थन क्षेत्र माना जा रहा है। 1,48,000 रुपये से नीचे मजबूती से फिसलने पर सोने में और गिरावट का दबाव बन सकता है।

चांदी के लिए 2,27,000 से 2,28,000 रुपये प्रति किलोग्राम का स्तर निकटतम प्रतिरोध है। इसके ऊपर 2,32,000 से 2,33,000 रुपये का क्षेत्र अगला प्रतिरोध माना जा रहा है। नीचे की ओर 2,24,000 से 2,23,000 रुपये और फिर 2,20,000 से 2,19,000 रुपये प्रमुख समर्थन स्तर हैं।

विशेषज्ञों के मुताबिक फिलहाल सोने और चांदी दोनों का रुख सतर्क से नकारात्मक बना हुआ है। सोने में मजबूती के संकेत के लिए 1.50 लाख रुपये के ऊपर टिकना जरूरी होगा, जबकि चांदी के लिए 2.28 लाख रुपये का स्तर पार करना महत्वपूर्ण रहेगा। समर्थन स्तर टूटने की स्थिति में दोनों धातुओं पर अतिरिक्त दबाव बना रह सकता है।

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