June 25, 2026

कीमती धातुओं में फिर बढ़ी खरीदारी, सोना और चांदी संभले; हालिया गिरावट के बाद निवेशकों को मिली राहत

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नई दिल्ली । घरेलू सर्राफा और वायदा बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में एक बार फिर मजबूती लौटती दिखाई दी है। लगातार दो कारोबारी सत्रों तक दबाव में रहने के बाद दोनों कीमती धातुओं में खरीदारी बढ़ी, जिससे कीमतों में उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया गया। शुरुआती कारोबार में कमजोरी के संकेत मिलने के बावजूद निवेशकों की सक्रियता ने बाजार की दिशा बदल दी और सोना-चांदी दोनों ही हरे निशान में कारोबार करते नजर आए।

मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज में सोने की शुरुआत दबाव के साथ हुई थी। कारोबार के शुरुआती चरण में कीमतें पिछले बंद स्तर की तुलना में नीचे खुलीं, जिससे यह संकेत मिला कि बाजार में अभी भी सतर्कता बनी हुई है। हालांकि कुछ ही समय बाद खरीदारी का माहौल बनने लगा और सोने ने तेजी से रिकवरी करते हुए अपने शुरुआती नुकसान की भरपाई कर ली। कारोबार के दौरान सोने में उतार-चढ़ाव भी देखने को मिला, लेकिन निवेशकों की रुचि बढ़ने से कीमतें मजबूती के साथ आगे बढ़ती रहीं।

चांदी के बाजार में भी लगभग यही तस्वीर दिखाई दी। शुरुआत में कीमतों पर दबाव रहा और बाजार कमजोर स्तर पर खुला, लेकिन बाद में मांग बढ़ने से तेजी का रुख बन गया। कारोबार के शुरुआती घंटों में ही चांदी ने अपनी गिरावट को पीछे छोड़ते हुए मजबूती हासिल कर ली। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि हाल के दिनों में हुई तेज गिरावट के बाद निवेशकों ने निचले स्तरों पर खरीदारी को अवसर के रूप में देखा, जिससे कीमतों को समर्थन मिला।

अंतरराष्ट्रीय बाजारों का प्रभाव भी घरेलू कारोबार पर स्पष्ट रूप से दिखाई दिया। वैश्विक स्तर पर सोने में सीमित बढ़त दर्ज की गई, जबकि चांदी के दामों में दबाव बना रहा। इसके बावजूद भारतीय बाजार में दोनों धातुओं ने अपेक्षाकृत बेहतर प्रदर्शन किया। विश्लेषकों के अनुसार घरेलू निवेशकों की मांग और तकनीकी स्तरों पर हुई खरीदारी ने स्थानीय बाजार को सहारा दिया।

बीते कुछ महीनों का प्रदर्शन देखें तो सोना और चांदी दोनों ही भारी दबाव में रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय आर्थिक परिस्थितियों, डॉलर की चाल, ब्याज दरों से जुड़ी उम्मीदों और वैश्विक निवेश प्रवाह में बदलाव के कारण कीमती धातुओं में व्यापक बिकवाली देखी गई। इसका असर भारतीय बाजार पर भी पड़ा और निवेशकों को कई बार तेज गिरावट का सामना करना पड़ा।

विशेष रूप से चांदी में गिरावट का दायरा अधिक रहा है। पिछले कुछ महीनों के दौरान इसके दामों में उल्लेखनीय कमजोरी दर्ज की गई, जबकि सोना भी लगातार दबाव में बना रहा। एक सप्ताह के भीतर चांदी में दो अंकों की गिरावट ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी थी। ऐसे में मौजूदा तेजी को बाजार सहभागियों ने राहत के संकेत के रूप में देखा है।

बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि वर्तमान तेजी को अभी स्थायी रुझान नहीं माना जा सकता। आने वाले दिनों में वैश्विक आर्थिक संकेतकों, केंद्रीय बैंकों की नीतियों और डॉलर की चाल पर निवेशकों की नजर बनी रहेगी। यदि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर परिस्थितियां अनुकूल रहती हैं तो सोना और चांदी अपनी हालिया रिकवरी को आगे बढ़ा सकते हैं। वहीं किसी भी नकारात्मक संकेत की स्थिति में बाजार में फिर से अस्थिरता लौट सकती है।

फिलहाल, दो दिनों की लगातार गिरावट के बाद कीमती धातुओं में आई यह मजबूती निवेशकों के लिए सकारात्मक संकेत मानी जा रही है। बाजार की मौजूदा स्थिति यह दर्शाती है कि निचले स्तरों पर खरीदारी अभी भी मजबूत बनी हुई है और निवेशक सोने तथा चांदी को सुरक्षित निवेश विकल्प के रूप में देख रहे हैं। आने वाले कारोबारी सत्रों में यह स्पष्ट होगा कि यह तेजी अल्पकालिक राहत है या फिर बाजार में नए उछाल की शुरुआत।

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