March 8, 2026

Chandra Grahan 2025 : चंद्र ग्रहण का सूतक और सभी 12 राशियों पर असर

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chandra Grahan 2025

भाद्रपद मास की पूर्णिमा यानी रविवार 7 सितंबर को साल का आखिरी चंद्र ग्रहण लगेगा। रात 9 बजकर 57 मिनट से शुरू होने वाले ग्रहण की अवधि करीब साढ़े तीन घंटे की होगी। रात 1 बजकर 27 मिनट पर ग्रहण शुद्ध होगा। चंद्र ग्रहण का सूतक 9 घंटे पहले लगता है। इस कारण दोपहर 12 बजकर 57 मिनट पर चंद्र ग्रहण का सूतक लग जाएगा। इस बार यह ग्रहण पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र और कुंभ राशि पर रहेगा। इस कारण इस राशि के लोगों के लिए कष्टदायक होगा। ऐसे में ग्रहण से बचने के लिए राहु और चंद्रमा के जप कर सकते हैं। इसके अलावा शनि के जप भी लाभदायक रहेंगे। ज्योतिषाचार्य पंडित सुनील शर्मा से जानिए ग्रहण के दौरान क्या करना है और क्या नहीं करना…

सूतक काल कब रहेगा?
सूतक काल ग्रहण शुरू होने से लगभग 9 घंटे पहले लग जाता है। इस बार सूतक काल 7 सितंबर को दोपहर 12:57 बजे शुरू होगा और ग्रहण खत्म होने तक यानी 8 सितंबर की रात 1:26 बजे तक चलेगा।

सूतक काल में क्या न करें?
भोजन और पकाना वर्जित है।
सूतक लगने के बाद नया खाना नहीं बनाया जाता।
पहले से बना भोजन भी ढककर रखना चाहिए।
मंदिरों और घरों में भगवान को भी इस दौरान भोग नहीं लगाया जाता।
शुभ कार्य न करें
इस समय शादी, नामकरण, पूजा-पाठ, हवन जैसे शुभ कार्य नहीं किए जाते।
कोई नया काम शुरू करना भी अशुभ माना जाता है।

यात्रा से बचें
परंपरा के अनुसार, ग्रहण के समय यात्रा करना शुभ नहीं माना जाता।
अगर जरूरी हो तो भगवान का नाम लेकर यात्रा शुरू की जा सकती है।
धार्मिक कार्य रोके जाते हैं
मंदिरों के द्वार बंद कर दिए जाते हैं।
पूजा-पाठ और मूर्तियों को छूना वर्जित होता है।
गर्भवती महिलाओं के लिए सावधानियां
परंपरा के अनुसार, गर्भवती महिलाओं को ग्रहण के दौरान बाहर नहीं निकलना चाहिए।
कैंची, चाकू या नुकीली चीज़ों का इस्तेमाल करने से मना किया जाता है।

सूतक काल में क्या करें?
मंत्र जाप और भजन-कीर्तन करना बहुत शुभ माना जाता है।
भगवान का ध्यान करने से सकारात्मक ऊर्जा मिलती है।
ग्रहण खत्म होने के बाद स्नान करना और घर की सफाई करना जरूरी है।
भोजन में तुलसी पत्र डालने की परंपरा है, जिससे वह सुरक्षित रहता है।

जानिए धार्मिक महत्व
यह ग्रहण पितृ पक्ष में लग रहा है। इस समय लोग अपने पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए श्राद्ध कर्म करते हैं। मान्यता है कि सूतक शुरू होने से पहले श्राद्ध और पूजा कर लेना चाहिए। ऐसा करने से पितरों की कृपा और दिव्य आशीर्वाद मिलता है।

राशियों पर असर

1. मेष राशि
इस दौरान कोई बुरी घटना घट सकती है, या किसी से लड़ाई हो सकती है। ऐसे में दुष्प्रभावों से बचने के लिए आप नमक का दान ग्रहण के बाद करे।

2. वृषभ राशि
आपके सामने पारिवारिक विवाद और पैतृक संपत्ति संबंधी उलझनें आ सकती हैं। ऐसे में सफेद वस्त्र और दूध का दान करें और शुक्र मंत्र का जप करें।

3. मिथुन राशि
आपको नौकरी–व्यवसाय में अनिश्चितता, संतान को लेकर चिंता रह सकती है। इनसे बचने के लिए आप हरे वस्त्र पहनें, मूंग और धन का दान करें व बुध ग्रह को जल चढ़ाएं।

4. कर्क राशि
आपका स्वास्थ्य प्रभावित होने के साथ ही मानसिक अस्थिरता संभव है। इससे बचाव के लिए ग्रहण के बाद गंगा जल से स्नान करें। चावल और दूध का दान करें।

5. सिंह राशि
आपको इस दिन सावधान रहने की जरूरत है। मगर चंद्र ग्रहण के असर से बचने के लिए खास तरह का उपाय कर आप चिंता मुक्त हो सकते हैं। छोटा सा सफेद मोती खरीदें और ग्रहण के बाद उसका दान कर दें।

6. कन्या राशि
आपके लिए कामकाज में अड़चनें, आर्थिक हानि की आशंका है। बचाव के लिए दुर्गा सप्तशती का पाठ करें साथ ही हरी सब्जियाँ और मूंग का दान करें।

7. तुला राशि
आपको प्रेम संबंध और संतान पक्ष में बाधाए आ सकती हैं। बचाव के लिए देवी लक्ष्मी की पूजा करने के साथ ही कन्याओं को खीर व वस्त्र दान करें।

8. वृश्चि​क राशि
आपको घर–परिवार में मतभेद और भूमि–संपत्ति से जुड़े तनाव हो सकते हैं। ऐसे में ग्रहण के बाद पीपल पर जल चढ़ाएं और लाल वस्त्र और मसूर दाल का दान करें।

9. धनु राशि
चंद्र ग्रहण के बुरे असर से बचने के लिए आप ग्रहण के बाद स्नान करें और फिर एक कटोरी चीनी को दान कर दें। आप उससे ज्यादा चीनी भी अपनी सहुलियत के हिसाब से दान कर सकते हैं।

10. मकर राशि
आपको धन हानि और मानसिक बेचैनी रहेगी। शनिदेव के मंदिर में दीपक जलाएं और तिल और तेल का दान करें।

11.कुंभ राशि
आपको चंद्र ग्रहण के बुरे प्रभाव से बचने के लिए खास उपाय करने की जरूरत है। इस राशि के लोग छाया पात्र जो बाजार में आसानी से मिल जाता है उसमें सरसों का तेल भरें और अपनी आंखें और चेहरा देखें और एक रुपये का सिक्का डालें और फिर ग्रहण के बाद उसका दान कर दें। बता दें कि इस उपाय को सभी राशियां कर सकती हैं।

12. मीन राशि
आप ग्रहण के बुरे असर से बचने के लिए और शुभ फल की प्राप्ति के लिए चावल का दान करें।

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