June 24, 2026

निर्जला एकादशी पर तुलसी जी को अर्पित करें ये वस्तुएं, घर में आएगी सुख-समृद्धि और धन की बरसात

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नई दिल्ली ।हिंदू धर्म में निर्जला एकादशी को सभी एकादशियों में सबसे श्रेष्ठ और पुण्यदायी माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन श्रद्धा और नियमपूर्वक व्रत रखने से वर्षभर की सभी एकादशियों के बराबर पुण्य फल प्राप्त होता है। वर्ष 2026 में निर्जला एकादशी का व्रत 25 जून गुरुवार को रखा जाएगा। चूंकि गुरुवार भगवान विष्णु का प्रिय दिन माना जाता है, इसलिए इस बार इस व्रत का महत्व और अधिक बढ़ गया है।

ज्योतिष और धर्मशास्त्रों में तुलसी माता को भगवान विष्णु की प्रिय और माता लक्ष्मी का स्वरूप माना गया है। कहा जाता है कि जिस घर में तुलसी की नियमित पूजा होती है, वहां सुख, शांति, समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का वास बना रहता है। निर्जला एकादशी के दिन तुलसी माता की विशेष पूजा करने से भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी दोनों की कृपा प्राप्त होती है।

तुलसी माता को अर्पित करें ये शुभ वस्तुएं

 अक्षत और हल्दी
निर्जला एकादशी के दिन तुलसी माता को हल्दी मिले हुए पीले अक्षत अर्पित करना अत्यंत शुभ माना जाता है। पीला रंग भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी दोनों को प्रिय है। यह उपाय आर्थिक उन्नति और सौभाग्य का प्रतीक माना जाता है।

 लाल या पीली चुनरी
तुलसी माता को नई लाल या पीली चुनरी अर्पित करने का विशेष महत्व है। यह सम्मान, श्रद्धा और सौभाग्य का प्रतीक माना जाता है। मान्यता है कि इससे घर में सुख-समृद्धि का वास होता है।

सुहाग की सामग्री
चूड़ियां, बिंदी, सिंदूर, कुमकुम और अन्य सुहाग सामग्री तुलसी माता को अर्पित करने से वैवाहिक जीवन में सुख, सौहार्द और परिवार में खुशहाली बनी रहती है। यह उपाय विशेष रूप से महिलाओं के लिए शुभ माना गया है।

कलावा बांधें
तुलसी के तने पर सात बार कलावा या मौली बांधकर परिवार की सुख-शांति और समृद्धि की कामना करें। धार्मिक मान्यता है कि इससे घर की नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और शुभ फल प्राप्त होते हैं।

 घी का दीपक और परिक्रमा
शाम के समय तुलसी माता के समक्ष गाय के शुद्ध घी का दीपक जलाएं और कम से कम तीन या सात बार परिक्रमा करें। यह उपाय भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की कृपा प्राप्त करने का सरल और प्रभावी माध्यम माना जाता है।

भूलकर भी न करें यह गलती
निर्जला एकादशी के दिन तुलसी माता को जल अर्पित नहीं किया जाता। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन तुलसी माता स्वयं भगवान विष्णु के लिए निर्जला व्रत रखती हैं। इसलिए इस दिन तुलसी के पौधे में जल चढ़ाना और पत्तियां तोड़ना वर्जित माना गया है। इस नियम का पालन करना बेहद आवश्यक माना जाता है।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार निर्जला एकादशी पर तुलसी माता की विधि-विधान से पूजा करने और इन उपायों को अपनाने से घर में धन, वैभव और खुशहाली का आगमन होता है। साथ ही भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी का विशेष आशीर्वाद भी प्राप्त होता है।

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