सोशल मीडिया पोस्ट से शुरू हुआ विवाद अब कोर्ट तक पहुंचा, अनुराग कश्यप की मुश्किलें बढ़ीं, 24 दिसंबर को अगली सुनवाई
यह मामला पिछले साल 16 अप्रैल 2025 को अनुराग कश्यप की ओर से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर किए गए एक पोस्ट से जुड़ा है। शिकायत के मुताबिक एक यूजर ने उनकी टिप्पणी पर आपत्ति जताई थी। इसके जवाब में अनुराग कश्यप ने कथित तौर पर ब्राह्मण समुदाय को लेकर सवाल उठाने वाली टिप्पणी की थी। पोस्ट में उन्होंने एक यूजर से पूछा था कि ब्राह्मण होकर तुमने क्या हासिल कर लिया है। इस टिप्पणी को लेकर विवाद खड़ा हो गया था और कुछ लोगों ने इसे पूरे समुदाय के प्रति अपमानजनक बताते हुए कानूनी कार्रवाई की मांग की थी।
इस मामले में शिकायतकर्ता अधिवक्ता कमलेश रावल हैं। उन्होंने अदालत में याचिका दाखिल कर अनुराग कश्यप के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। कमलेश रावल कुछ हिंदूवादी संगठनों के कानूनी सलाहकार भी बताए जाते हैं। याचिका पर सुनवाई के बाद अदालत ने मई महीने में अनुराग कश्यप के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इनमें धारा 192 शामिल है जो विभिन्न समूहों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देने से संबंधित है। इसके अलावा धारा 352 के तहत जानबूझकर अपमान करने और शांति भंग करने के इरादे से किए गए कृत्य का उल्लेख किया गया है। शिकायत में झूठी अफवाहों से संबंधित प्रावधान का भी हवाला दिया गया है।
अदालत ने मामले की न्यायिक प्रक्रिया आगे बढ़ाने के लिए अनुराग कश्यप को समन जारी किया था। लेकिन शिकायतकर्ता के अनुसार वह निर्धारित तारीख पर अदालत में उपस्थित नहीं हुए। इसके बाद दोबारा समन भेजा गया लेकिन फिर भी उनकी पेशी नहीं हुई। बताया गया है कि अदालत ने अखबार में सार्वजनिक सूचना प्रकाशित कराने का निर्देश भी दिया था। इसके बावजूद अनुराग कश्यप के पेश नहीं होने पर अदालत ने जमानती वारंट जारी कर दिया।
जमानती वारंट का मतलब यह नहीं है कि आरोपी को सीधे जेल भेज दिया गया है। इस तरह के वारंट में अदालत की ओर से निर्धारित जमानत राशि और आवश्यक शर्तें पूरी करके आरोपी राहत प्राप्त कर सकता है। इसका उद्देश्य संबंधित व्यक्ति की अदालत में उपस्थिति सुनिश्चित करना होता है। हालांकि वारंट जारी होने के बाद अब अनुराग कश्यप के लिए इस कानूनी प्रक्रिया में शामिल होना महत्वपूर्ण हो गया है।
फिलहाल इस मामले में अदालत का अंतिम फैसला आना बाकी है। अगली सुनवाई 24 दिसंबर को होगी। अब देखना होगा कि अनुराग कश्यप अदालत में अपना पक्ष किस तरह रखते हैं और इस विवाद में आगे क्या कानूनी मोड़ आता है। सोशल मीडिया पर अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और किसी समुदाय के प्रति कथित आपत्तिजनक टिप्पणियों को लेकर यह मामला एक बार फिर बहस का विषय बन गया है।
