कनेक्शन हटने तक भरना होगा पानी का बिल, इंदौर में जल उपभोक्ताओं के लिए नए नियम, 150 रुपए की रसीद के बाद बंद होगा खाता
नगर निगम कमिश्नर क्षितिज सिंघल के निर्देश पर तैयार की गई SOP के अनुसार जल कनेक्शन स्थायी रूप से बंद कराने के लिए उपभोक्ता को अपने क्षेत्र के सहायक यंत्री के पास लिखित आवेदन देना होगा। आवेदन में उपभोक्ता को अपनी कंज्यूमर आईडी और नाम के साथ जल कनेक्शन का पूरा पता दर्ज करना होगा। इसके अलावा मोबाइल नंबर और कनेक्शन बंद कराने का कारण भी बताना अनिवार्य होगा। आवेदन मिलने के बाद संबंधित अधिकारी उपभोक्ता के खाते की जांच करेंगे और यह पता लगाएंगे कि जलकर या अन्य किसी तरह की राशि बकाया तो नहीं है।
बकाया राशि की जांच के बाद सहायक यंत्री जल कनेक्शन हटाने में आने वाले खर्च का एस्टीमेट तैयार करेंगे। नगर निगम ने इसके लिए आवेदन मिलने के 10 दिन के भीतर उपभोक्ता को जानकारी देने की समय-सीमा तय की है। इस एस्टीमेट में बकाया जलकर और कनेक्शन हटाने के लिए निर्धारित शुल्क की जानकारी दी जाएगी। उपभोक्ता को दोनों तरह की राशि जमा करनी होगी। भुगतान पूरा होने के बाद ही कनेक्शन हटाने की आगे की कार्रवाई शुरू की जाएगी।
भुगतान के बाद नगर निगम के संबंधित अधिकारी मौके पर पहुंचकर जल कनेक्शन को फिजिकली हटाएंगे। यानी केवल कागजों में कनेक्शन बंद करने के बजाय वास्तविक रूप से जल आपूर्ति का कनेक्शन हटाया जाएगा। यह काम पूरा होने के बाद सहायक यंत्री इसकी रिपोर्ट तैयार करेंगे। इस प्रतिवेदन को आगे की कार्रवाई के लिए संबंधित एआरओ के पास भेजा जाएगा। इसके बाद एआरओ 150 रुपए की रसीद जारी करेंगे और पूरा मामला नगर निगम मुख्यालय को भेजेंगे। मुख्यालय स्तर पर उपभोक्ता का खाता बंद करने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
नगर निगम की नई SOP में सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि केवल आवेदन देने से पानी का बिल आना बंद नहीं होगा। जब तक जल कनेक्शन को वास्तविक रूप से हटाया नहीं जाता तब तक उपभोक्ता के खाते में देय राशि बनती रहेगी। इसलिए आवेदन जमा करने के बाद भी कनेक्शन हटने की तारीख तक का बकाया जलकर जमा करना होगा। फिजिकली कनेक्शन हटने और सभी जरूरी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद ही उपभोक्ता का खाता बंद माना जाएगा। इससे उन लोगों को भी स्पष्ट जानकारी मिलेगी जो लंबे समय से कनेक्शन बंद कराने की कोशिश कर रहे हैं लेकिन बिलिंग जारी रहने के कारण परेशान हैं।
नगर निगम ने निर्धारित शुल्क जमा होने के बाद अधिकतम 30 दिन के भीतर कनेक्शन हटाने और खाता बंद करने की प्रक्रिया पूरी करना अनिवार्य किया है। अधिकारियों को सभी आवेदनों का तय समय-सीमा में निराकरण करने के निर्देश दिए गए हैं। नई व्यवस्था से जल कनेक्शन स्थायी रूप से बंद कराने की प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित और पारदर्शी होने की उम्मीद है। उपभोक्ताओं को अब आवेदन से लेकर कनेक्शन हटाने और खाता बंद होने तक की प्रक्रिया की जानकारी स्पष्ट रूप से मिल सकेगी।
