October 27, 2026

राहुल गांधी की संपत्ति मामले में CJI सूर्यकांत की वकील को फटकार, पूछा- क्या मीडिया का ध्यान खींचने के लिए दायर की याचिका?

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नई दिल्ली ।कांग्रेस नेता राहुल गांधी से जुड़े कथित आय से अधिक संपत्ति के मामले में मंगलवार, 27 अक्टूबर 2026 को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने याचिकाकर्ता पक्ष के वकील को फटकार लगाई। अदालत ने मामले को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध कराने की मांग पर सवाल उठाते हुए पूछा कि क्या याचिका दाखिल करने का उद्देश्य केवल मीडिया का ध्यान आकर्षित करना है। मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि इस मुद्दे को उठाने के पीछे कोई स्पष्ट आधार नजर नहीं आता और दलील में पर्याप्त दम भी नहीं है।

सुनवाई के दौरान वकील ने राहुल गांधी के एक हालिया बयान का हवाला दिया। उनका दावा था कि राहुल गांधी ने एक कार्यक्रम में कहा था कि वह प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के 200 अधिकारियों के संपर्क में हैं। इसी बयान के आधार पर वकील ने सुप्रीम कोर्ट से मामले को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करने की मांग की।

इस दलील पर मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने सवाल किया कि क्या इस मुद्दे पर किसी न्यूज चैनल से सलाह ली गई है। उन्होंने टिप्पणी की कि ऐसा प्रतीत होता है कि मामले को उठाने का उद्देश्य मीडिया का ध्यान आकर्षित करना है। अदालत की इस टिप्पणी से स्पष्ट हुआ कि वह मामले की सुनवाई की मांग के पीछे प्रस्तुत आधार की पर्याप्तता को लेकर संतुष्ट नहीं थी।

यह विवाद राहुल गांधी की संपत्ति की जांच से संबंधित उस मामले से जुड़ा है, जिसमें इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ पीठ ने मई 2026 में सीबीआई और ईडी को जांच करने का आदेश दिया था। इसके बाद राहुल गांधी ने हाई कोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी। उन्होंने इस मामले को दिल्ली हाई कोर्ट में स्थानांतरित करने की मांग भी की थी।

अगस्त 2026 में सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद हाई कोर्ट के आदेश पर अंतरिम रोक लगा दी थी। साथ ही अदालत ने शिकायतकर्ता, सीबीआई और ईडी से जवाब मांगा था। सुप्रीम कोर्ट ने जांच एजेंसियों को हाई कोर्ट के समक्ष कोई रिपोर्ट दाखिल नहीं करने का निर्देश भी दिया था। इस रोक के कारण हाई कोर्ट के आदेश के तहत आगे की कार्रवाई पर अंतरिम स्थिति बनी हुई है।

मामले की शुरुआत कर्नाटक के भारतीय जनता पार्टी कार्यकर्ता विग्नेश शिशिर की शिकायत से हुई थी। उन्होंने राहुल गांधी की संपत्ति को लेकर कई आरोप लगाए थे। शिकायत में लगाए गए आरोपों और संपत्ति की जांच से संबंधित मांगों के आधार पर यह मामला न्यायिक प्रक्रिया में पहुंचा।

राहुल गांधी ने इलाहाबाद हाई कोर्ट के आदेश को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था। इसके बाद शीर्ष अदालत ने मामले में संबंधित पक्षों से जवाब मांगा और जांच के आदेश पर अंतरिम रोक लगाई। अब सुनवाई के दौरान याचिका को सूचीबद्ध कराने की मांग और उसके समर्थन में दिए गए तर्क चर्चा में रहे।

संपत्ति से जुड़े आरोपों के मामले में अदालत की कार्यवाही और जांच एजेंसियों की भूमिका महत्वपूर्ण बनी हुई है। हालांकि, शिकायत में लगाए गए आरोप अपने आप में दोष सिद्ध होने का प्रमाण नहीं हैं। मामले में आगे की स्थिति संबंधित पक्षों के जवाब और अदालत के आगामी आदेशों पर निर्भर करेगी।

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