छत्तीसगढ़ में कारोबारी नितिन डागा और गुलशन बघेल के ठिकानों पर ईडी की छापेमारी, दस्तावेजों की जांच जारी
रायपुर में नितिन डागा के आवास पर जांच
जानकारी के अनुसार, ईडी की टीम रायपुर के पंडरी क्षेत्र स्थित रवि नगर के सुशील विला में कारोबारी नितिन डागा के घर पहुंची। अधिकारियों के दो गाड़ियों से वहां आने की जानकारी सामने आई है। टीम ने आवास के भीतर दस्तावेजों की पड़ताल शुरू की। नितिन डागा का कारोबार ज्वेलरी और जमीन से जुड़ा बताया जाता है।
हालांकि, उनके आवास पर की गई कार्रवाई किस मामले से संबंधित है, इसका आधिकारिक खुलासा नहीं हुआ है। जांच एजेंसी की ओर से छापेमारी के उद्देश्य, किसी संभावित अनियमितता या जांच के दायरे को लेकर फिलहाल विस्तृत जानकारी नहीं दी गई है। ऐसे में कार्रवाई के पीछे की वजह की पुष्टि आधिकारिक बयान आने के बाद ही हो सकेगी।
दुर्ग में गुलशन बघेल के घर भी पहुंची टीम
दुर्ग की ऋषभ कॉलोनी में बघेल्स कॉर्पोरेट प्राइवेट लिमिटेड के संस्थापक गुलशन बघेल के आवास पर भी ईडी की टीम ने जांच की। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, दो गाड़ियों से पहुंचे दल में 10 से अधिक अधिकारी शामिल थे। अधिकारियों ने यहां भी दस्तावेजों की पड़ताल की।
इस कार्रवाई को भारतमाला परियोजना से जुड़े मामले से संबंधित होने की आशंका जताई जा रही है, लेकिन जांच एजेंसी ने इसकी पुष्टि नहीं की है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि दोनों स्थानों पर की गई कार्रवाई एक ही मामले से जुड़ी है या अलग-अलग जांच के तहत की गई है। किसी संभावित वित्तीय अनियमितता या अन्य आरोप के संबंध में भी आधिकारिक विवरण सामने नहीं आया है।
कौन हैं गुलशन बघेल?
गुलशन बघेल बघेल्स कॉर्पोरेट प्राइवेट लिमिटेड के संस्थापक बताए जाते हैं। कंपनी भवन निर्माण, सड़क निर्माण, अर्थवर्क, निर्माण सामग्री की ढुलाई और परिवहन सेवाओं से जुड़े कार्य करती है। कंपनी सरकारी और निजी क्षेत्र की निर्माण परियोजनाओं में भी काम करती है। उनके आवास पर ईडी की कार्रवाई के संबंध में विस्तृत जानकारी सामने आने के बाद ही जांच के दायरे को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
पहले भी ठगी के आरोपों को लेकर आए थे चर्चा में
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, करीब छह साल पहले गुलशन बघेल पर खुद को छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का भतीजा बताकर सरकारी नौकरी दिलाने का दावा करने और एक महिला से ठगी करने के आरोप लगे थे। उस मामले में पुलिस ने उन्हें पकड़ा था। हालांकि, उस पुराने प्रकरण और मौजूदा ईडी कार्रवाई के बीच किसी संबंध की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
फिलहाल, रायपुर और दुर्ग में जारी जांच के संबंध में कई अहम सवालों के जवाब सामने आना बाकी है। ईडी की ओर से कार्रवाई के कारण, जांच के विषय और दस्तावेजों की पड़ताल से जुड़े निष्कर्षों की आधिकारिक जानकारी मिलने के बाद ही मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
