फ्लाईदुबई फ्लाइट घटना पर अल कायदा की यमन शाखा का समर्थन, 9/11 का जिक्र कर को-पायलट की कथित कोशिश को सराहा
नई दिल्ली ।फ्लाईदुबई की फ्लाइट 1073 से जुड़ी कथित हाईजैकिंग कोशिश के मामले में अल कायदा की यमन शाखा AQAP से जुड़े एक अनौपचारिक मुखपत्र ने घटना पर संपादकीय प्रकाशित किया है। इसमें फ्लाइट के ओमानी को-पायलट की कथित कार्रवाई का समर्थन किया गया और 9/11 हमले का भी उल्लेख किया गया। हालांकि, AQAP ने इस घटना की सीधे तौर पर जिम्मेदारी स्वीकार नहीं की है। सुरक्षा एजेंसियां इस बात पर ध्यान दे रही हैं कि संगठन ने जिम्मेदारी लेने के बजाय घटना को वैचारिक समर्थन देने का रास्ता अपनाया है।
संपादकीय में फ्लाईदुबई की फ्लाइट की घटना को 9/11 से जोड़कर पेश किया गया है। इसका शीर्षक ‘Between September 11 and September 30’ रखा गया है। लेख में फ्लाइट को ‘यहूदी-यूएई विमान’ के रूप में संबोधित किया गया और ओमानी को-पायलट की कथित कोशिश की प्रशंसा की गई। संपादकीय में यह दावा भी किया गया कि अगर हाईजैकिंग की कोशिश सफल हो जाती तो क्षेत्र में ताकत का संतुलन बदल सकता था। इसके साथ फ्लाईदुबई के विमान की तस्वीरें भी प्रकाशित की गईं।
घटना के बाद फ्लाइट में सवार को-पायलट से जुड़े सोशल मीडिया अकाउंट भी जांच के दायरे में आए हैं। बताया गया है कि घटना के कुछ घंटे बाद उसके एक सोशल मीडिया अकाउंट से दो पोस्ट साझा की गई थीं। इस घटनाक्रम के बीच जांच एजेंसियां आरोपी को-पायलट से संबंधित उपलब्ध जानकारियों और उसके कथित ऑनलाइन गतिविधियों की जांच कर रही हैं।
मुखपत्र में यह भी कहा गया कि अमेरिका और इजराइल को गैर-मुस्लिम लोग भी निशाना बना सकते हैं और ऐसे हमलों को मुसलमानों के फायदे के रूप में पेश किया गया। संपादकीय में फ्लाइट 1073 का उल्लेख करते हुए दावा किया गया कि विमान सऊदी अरब में उतरा था। साथ ही ओमानी को-पायलट की कथित कार्रवाई को समर्थन देने के लिए 9/11 हमले का संदर्भ इस्तेमाल किया गया। संगठन की ओर से घटना की प्रत्यक्ष जिम्मेदारी नहीं ली गई है।
जांच से जुड़ी जानकारी के अनुसार, फ्लाईदुबई की फ्लाइट 1073 इजराइल जा रही थी। आरोप है कि विमान के कॉकपिट में ओमान के को-पायलट ने क्रैश एक्स से कप्तान पर हमला किया था। घटना के बाद इस मामले में को-पायलट की पृष्ठभूमि भी जांच का विषय बनी। बताया गया है कि हमाम अल-हमामी को पहले ही कट्टरपंथी विचारों के कारण ओमान में उड़ान भरने से प्रतिबंधित किया गया था।
इस पूरे घटनाक्रम के बीच AQAP से जुड़े मुखपत्र का संपादकीय सुरक्षा एजेंसियों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इसमें कथित विमान घटना को वैचारिक समर्थन दिया गया है। हालांकि संगठन ने हमले की जिम्मेदारी स्वीकार नहीं की। जांच में फ्लाइट की घटना, को-पायलट की कथित गतिविधियों, उसके सोशल मीडिया अकाउंट और AQAP की प्रतिक्रिया से जुड़े पहलुओं पर ध्यान दिया जा रहा है।
