दिल्ली घूमने का बना रहे हैं प्लान, तो नेशनल जूलॉजिकल पार्क की सैर जरूर करें, जानिए क्या देखें और कैसे पहुंचें
दिल्ली चिड़ियाघर में घूमने के दौरान आपको कई तरह के जानवर और पक्षी देखने को मिल सकते हैं। बाघ और तेंदुए जैसे बड़े मांसाहारी जीवों से लेकर हिरण और बंदरों तक यहां वन्यजीवों की विविधता देखने को मिलती है। रंग-बिरंगे पक्षियों को देखना भी बच्चों के लिए खास अनुभव हो सकता है। जानवरों को उनके निर्धारित बाड़ों में देखकर बच्चे किताबों में पढ़ी जानकारी को वास्तविक जीवन से जोड़ सकते हैं। यही वजह है कि स्कूल के विद्यार्थियों और प्रकृति में दिलचस्पी रखने वाले लोगों के लिए भी यह जगह आकर्षण का केंद्र है।
चिड़ियाघर घूमने की योजना बनाते समय समय का ध्यान रखना जरूरी है। आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार एक अप्रैल से 15 अक्टूबर तक यहां सुबह 8:30 बजे से शाम 5:30 बजे तक घूमने की व्यवस्था है। इस दौरान टिकट बुकिंग शाम 5 बजे बंद हो जाती है। 16 अक्टूबर से 31 मार्च तक सर्दियों में समय सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक रहता है और टिकट बुकिंग शाम 4:30 बजे बंद होती है। चिड़ियाघर प्रत्येक शुक्रवार को बंद रहता है। इसलिए यात्रा पर निकलने से पहले आधिकारिक वेबसाइट पर समय और टिकट की ताजा जानकारी जरूर देख लें।
भारतीय पर्यटकों के लिए सामान्य प्रवेश टिकट की दर वयस्कों के लिए 80 रुपये है। पांच साल तक के बच्चों का प्रवेश निशुल्क है जबकि पांच से 12 साल तक के बच्चों और 60 वर्ष या उससे अधिक उम्र के वरिष्ठ नागरिकों के लिए टिकट 40 रुपये है। टिकट ऑनलाइन बुक करने की सुविधा भी उपलब्ध है। दिव्यांगजनों के लिए व्हीलचेयर की सुविधा निशुल्क दी जाती है। परिसर में बैटरी से चलने वाले वाहन भी उपलब्ध हैं जिनसे पैदल चलने में परेशानी महसूस करने वाले पर्यटकों को मदद मिल सकती है। टिकट की दरों और सुविधाओं में बदलाव संभव है इसलिए जाने से पहले आधिकारिक जानकारी देखना बेहतर रहेगा।
अगर आप परिवार के साथ जा रहे हैं तो आरामदायक जूते पहनकर निकलें क्योंकि परिसर में घूमने के लिए काफी पैदल चलना पड़ सकता है। पीने के पानी की व्यवस्था रखें और मौसम के अनुसार कपड़े पहनें। चिड़ियाघर के नियमों का पालन करना भी जरूरी है। जानवरों को खाना न खिलाएं और उन्हें परेशान करने से बचें। बाड़ों की सुरक्षा सीमा पार न करें तथा कचरा केवल निर्धारित डस्टबिन में डालें। परिसर में खाने की चीजों और अन्य प्रतिबंधित सामान को लेकर नियम लागू हैं इसलिए प्रवेश से पहले आधिकारिक निर्देश पढ़ लें।
दिल्ली चिड़ियाघर की सैर को केवल घूमने की गतिविधि न मानें बल्कि इसे प्रकृति और जीव-जंतुओं को समझने का अवसर बनाएं। बच्चों को जानवरों की आदतों और उनके प्राकृतिक आवास के बारे में बताएं। अगर आप दिल्ली में परिवार के साथ एक दिन बिताने के लिए ऐसी जगह तलाश रहे हैं जहां मनोरंजन के साथ सीखने का अनुभव भी मिले तो नेशनल जूलॉजिकल पार्क आपकी यात्रा की योजना में शामिल किया जा सकता है।
