मायावती का नया फैसला, आकाश और दीपिका को जिम्मेदारी नहीं; ईशान आनंद को फिर मिलेगा पार्टी में मौका
नई दिल्ली । बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख मायावती ने अपने परिवार के सदस्यों की पार्टी में भूमिका को लेकर एक बार फिर बड़ा फैसला लिया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि आकाश आनंद और उनकी बहन दीपिका आनंद को अब पार्टी में कोई जिम्मेदारी नहीं दी जाएगी। इसके साथ ही उन्होंने अपने भाई आनंद कुमार के परिवार से ईशान आनंद को सम्मानजनक जिम्मेदारी देकर आगे बढ़ाने की बात कही है।
मायावती ने कहा कि उन्होंने यह निर्णय अपने अनुभवों और पार्टी के हित को ध्यान में रखते हुए लिया है। उनके मुताबिक राजनीति में सफलता और समाज के लिए काम करने के लिए व्यक्ति को अपने भाई-बहनों और नजदीकी रिश्तेदारों के मोह से ऊपर उठकर पूरी ईमानदारी और निष्ठा के साथ काम करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि बहुजन समाज ही उनका असली परिवार है। उनके अनुसार शोषित वर्ग को सत्ता में भागीदारी दिलाकर उसके हित और कल्याण को सुनिश्चित करना उनका प्रमुख राजनीतिक लक्ष्य है। इसी उद्देश्य के तहत वह जरूरत पड़ने पर अपने परिवार के सदस्यों के खिलाफ भी निर्णय लेने के लिए तैयार हैं।
आकाश आनंद को लेकर मायावती ने कहा कि उनके भाई आनंद कुमार के विशेष आग्रह पर उन्हें राजनीति में आगे बढ़ाया गया था। हालांकि, शादी के बाद आकाश के रवैये और गतिविधियों को लेकर उन्होंने असहमति जताई। मायावती ने कहा कि इन्हीं परिस्थितियों के कारण आकाश को कुछ समय पहले पार्टी से अलग करना पड़ा।
मायावती ने आकाश आनंद की पार्टी में वापसी की संभावना से भी इनकार किया। उन्होंने कहा कि मौजूदा परिस्थितियों में उन्हें दोबारा पार्टी में जिम्मेदारी देना संगठन के हित में उचित नहीं होगा। उनके मुताबिक आकाश और उनकी बहन दीपिका को अब पार्टी की किसी भी जिम्मेदारी से पूरी तरह दूर रखा जाएगा और इस फैसले में बदलाव नहीं किया जाएगा।
दीपिका को लेकर मायावती ने कहा कि पहले उनके परिवार के किसी सदस्य को आगे बढ़ाने को लेकर उनके मन में दुविधा थी। लेकिन भविष्य में पारिवारिक परिस्थितियों के कारण संगठन के सामने किसी तरह की परेशानी पैदा न हो, इसे ध्यान में रखते हुए उन्होंने दीपिका को भी पार्टी की जिम्मेदारी से दूर रखने का फैसला किया है।
इसके स्थान पर ईशान आनंद को आगे बढ़ाने की घोषणा की गई है। मायावती ने कहा कि आनंद कुमार के परिवार में से अब केवल ईशान आनंद को पार्टी में सम्मानजनक जिम्मेदारी दी जाएगी। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि ईशान ने भविष्य में कोई गंभीर पार्टी विरोधी गतिविधि की, तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
मायावती ने कहा कि ऐसी स्थिति में आनंद कुमार के परिवार के किसी अन्य सदस्य को भी पार्टी में छोटी या बड़ी जिम्मेदारी नहीं दी जाएगी। इसके बजाय संगठन में काम कर रहे दलित वर्ग के किसी समर्पित और वफादार कार्यकर्ता को आगे बढ़ाया जाएगा।
अपने फैसले को स्पष्ट करते हुए मायावती ने बहुजन समाज पार्टी के संस्थापक कांशीराम और डॉ. भीमराव आंबेडकर का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि कांशीराम ने अपने नजदीकी रिश्तेदारों को राजनीतिक लाभ देने से दूरी बनाए रखी थी और अपना जीवन बहुजन समाज के हित के लिए समर्पित किया।
मायावती ने डॉ. आंबेडकर के 23 फरवरी 1956 के एक पत्र का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इस पत्र में सार्वजनिक संपत्ति और संगठनात्मक जिम्मेदारियों के मामले में व्यक्तिगत रिश्तों से ऊपर नियम और सार्वजनिक हित को प्राथमिकता देने का संदेश मिलता है।
मायावती ने बताया कि देश, जनहित और संगठन से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा के लिए 23 सितंबर को BSP की ऑल इंडिया बैठक बुलाई गई है। उन्होंने कहा कि इस बैठक के बाद पार्टी कार्यकर्ताओं को संगठन के काम में पूरी मजबूती और निष्ठा के साथ जुटने की दिशा में आगे बढ़ाया जाएगा।
