वेस्ट बैंक विवाद पर इजरायल का ब्रिटेन को जवाब, पूर्वी यरूशलम का ब्रिटिश वाणिज्य दूतावास बंद करने का ऐलान
ब्रिटेन को गाजा मिशन से भी हटाएगा इजरायल
पूर्वी यरूशलम का ब्रिटिश वाणिज्य दूतावास ब्रिटेन और फिलिस्तीनी अथॉरिटी के बीच संबंधों से जुड़े मामलों को देखता था। इजरायल ने इसके अलावा अमेरिका की अगुआई वाले गाजा समन्वय मिशन से ब्रिटेन को बाहर करने की बात कही है। साथ ही फिलिस्तीनी सुरक्षा बलों को ब्रिटेन की ओर से दी जा रही ट्रेनिंग भी रोकने का फैसला किया गया है।
जेरेमी कॉर्बिन समेत 12 ब्रिटिश अधिकारियों पर रोक
इजरायल ने ब्रिटेन के पूर्व नेता जेरेमी कॉर्बिन समेत 12 चुने हुए ब्रिटिश अधिकारियों और कुछ अन्य नागरिकों के देश में प्रवेश पर भी प्रतिबंध लगाने का ऐलान किया है। इजरायल का आरोप है कि इन लोगों की गतिविधियां यहूदी विरोधी और इजरायल विरोधी रही हैं।
विदेश मंत्री गिडियन सार ने ब्रिटेन की पहल को गलत बताया। उन्होंने इसे किसी संप्रभु देश के आंतरिक मामलों में सीधा हस्तक्षेप करार दिया। सार ने ब्रिटेन के विदेश सचिव एड मिलिबैंड के उस आरोप को भी खारिज किया, जिसमें कहा गया था कि वेस्ट बैंक के कुछ इलाकों से फिलिस्तीनियों को जबरन हटाया जा रहा है।
अमेरिका ने व्यापारिक पाबंदियों का किया विरोध
दूसरी तरफ अमेरिका ने ब्रिटेन, फ्रांस और कनाडा की प्रस्तावित व्यापारिक पाबंदियों का समर्थन नहीं किया है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि अमेरिका इस अभियान का हिस्सा नहीं बनेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि इस तरह के कदम वेस्ट बैंक में तनाव और अस्थिरता को और बढ़ा सकते हैं।
वहीं ब्रिटेन के प्रधानमंत्री एंडी बर्नहम, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने संयुक्त बयान में कहा कि यह कदम दो-राष्ट्र समाधान की रक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण मोड़ है। तीनों नेता सितंबर में संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान भी इस मुद्दे को उठाने की तैयारी में हैं। डेनमार्क, नॉर्वे, पोलैंड, स्पेन और स्वीडन ने भी दो-राष्ट्र समाधान के समर्थन को दोहराया है।
पाबंदी का आर्थिक असर सीमित, राजनीतिक संदेश बड़ा
वेस्ट बैंक की यहूदी बस्तियों से मुख्य रूप से खजूर, खट्टे फल, जड़ी-बूटियां और वाइन जैसे कृषि उत्पादों का निर्यात होता है। इजरायल के कुल निर्यात में इनका हिस्सा काफी छोटा है। ऐसे में प्रस्तावित व्यापारिक पाबंदियों का सीधा आर्थिक प्रभाव सीमित माना जा रहा है, लेकिन इसका कूटनीतिक और राजनीतिक संदेश काफी महत्वपूर्ण है।
इसी बीच इजरायल वेस्ट बैंक में करीब 1,000 नए घरों के निर्माण की योजना पर आगे बढ़ रहा है। इनमें ई1 बस्ती परियोजना को लेकर सबसे ज्यादा चिंता जताई जा रही है। इसे लेकर इजरायल और उसके पश्चिमी सहयोगियों के बीच मतभेद और गहराने की आशंका है।
