Uttarakhand: राज्य योजना के बजट से बनी सड़क में भ्रष्टाचार की गंध
बनते ही क्षतिग्रस्त: जगह-जगह क्षतिग्रस्त हुई मुक्तिधाम सड़क
– पंतनगर में दशकों से उपेक्षित मुक्तिधाम सड़क बनने के अगले दिन से ही उधड़ने लगी

पंतनगर। पंतनगर परिसर में राज्य योजना के बजट से लोनिवि की ओर से बनवाई गई सड़क में, बनते ही भ्रष्टाचार की गंध आने लगी है। विधायक तिलकराज बेहड़ के सदन में कई बार मामला उठाने के बाद स्वीकृत हुई और तीन दिन पूर्व ही बनी सड़क अगले दिन से ही जगह-जगह उधड़नी शुरू हो गई है। जिसको लेकर लोगों में रोष है।
इस सड़क की आखिरी बार मरम्मत वर्ष 2001 में लोनिवि की ओर से कराई गई थी। जिसके बाद पूरी तरह जर्जर हो चुकी इस सड़क से लोगों ने आवागमन ही बंद कर दिया और यह नशेड़ियों का अड़डा बन गई थी। जिसके चलते लोग नगला गेट से फूलबाग गेट के बीच मुख्य सड़क का ही प्रयोग करते थे। परिसरवासियों की मांग पर विधायक बेहड़ ने इस सड़क की मरम्मत का मुद्दा सदन में उठाने सहित सीएम धामी को दस प्रमुख कामों में इस सड़क के जीर्णो˜ार की मांग भी रखी थी। जिसके बाद राज्य योजना के बजट से इस सड़क की मरम्मत के निर्देश दिए गए थे। 29.91 लाख रूपये (18 प्रतिशत जीएसटी अतिरिक्त) की लागत में इस सड़क को रूद्रपुर की कुमार इन्फ्राटेक एजेंसी ने बनाया है।
बरेली-रामपुर के बीच मुख्य मार्ग रही है सड़क
पूर्व में लोनवि के अधीन रही यह सड़क कालांतर में बरेली-रामपुर के बीच आवागमन का मुख्य मार्ग थी। साथ ही नगला-पंतनगर के बीच सेतु का कार्य करती थी। मुक्तिधाम सड़क नाम से प्रचलित यह सड़क शुरू से ही सौतेलेपन का शिकार रही। इस सड़क पर अधिकार को लेकर विवि प्रबंधन और लोनिवि के बीच तलवारें खिंची रहीं। जिसके बाद एकाधिकार विवि को मिला। राज्य योजना से बजट स्वीकृत होने के बाद इस सड़क की मरम्मत के लिए विवि प्रशासन ने लोनिवि को अनापत्ति प्रमाण पत्र दिया, जिसके बाद यह सड़क बनी है।
पंतनगर में मुक्तिधाम सड़क के बनते ही उधड़ने की शिकायत मिली है। रात्रि में ठंडा होने की वजह से ओबीसी हो गई होगी। संबंधित एजेंसी को तत्काल मरम्मत के निर्देश दे दिए गए हैं। सड़क जल्द ही ठीक हो जाएगी।
– गोविंद भट्ट, सहायक अभियंता लोनिवि रूद्रपुर।
राज्य योजना के बजट से नवनिर्मित मुक्तिधाम सड़क के बनते ही जगह-जगह से उधड़ने की शिकायत मिली है। जल्द मौके पर पहुंचकर देखूंगा। मेरी मांग है कि नवनिर्मित सड़क की गुणवत्ता की जांच कराई जाए, ताकि भ्रष्टाचार उजागर हो और दोषियों पर कार्यवाही सुनिश्चित हो सके।
– तिलकराज बेहड़, विधायक किच्छा।
