March 10, 2026

Uttarakhand Budget: 1.11 लाख करोड़ रुपये का बजट, विपक्ष ने किया जोरदार प्रर्दशन

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Uttarakhand Budget Session Today

– राज्यपाल अभिभाषण के बाद सीएम ने पेश किया बजट, इन पर रहा फोकस

Uttarakhand Budget Session Today: उत्तराखंड सरकार के गैरसैंण (भराड़ीसैंण) पहुंचने से ग्रीष्मकालीन राजधानी में फिर से रौनक लौट आई है। आज से भराड़ीसैंण विधानसभा में महत्वपूर्ण पांच दिवसीय बजट सत्र शुरू होगा। जिसमें राज्य का नया बजट पेश किया जाना है। राज्यपाल के अभिभाषण से सत्र की शुरुआत होगी। भराड़ीसैंण विधानसभा में बजट सत्र के लिए सभी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। सुबह 11 बजे राज्यपाल रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह सदन में पहुंचेंगे। उनके अभिभाषण में उत्तराखंड के समग्र विकास के लिए सरकार का पूरा रोडमैप बताया जाएगा। अभिभाषण के बाद सदन की अन्य कार्यवाही शुरू होगी।

Updates: विपक्ष ने पहले दिन दिया धरना
सत्र शुरू होने से पहले ही विपक्षी विधायकों ने सदन के बाहर सीढ़ियों पर धरना दे दिया। उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया कि पहले ही दिन बजट पेश करके सवालों से बचने की कोशिश की जा रही है। धरने में हरिद्वार ग्रामीण की विधायक अनुपमा रावत, खटीमा के विधायक भुवन कापड़ी और नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य शामिल थे। विपक्षी विधायक नारेबाजी करते हुए सरकार के खिलाफ आवाज उठा रहे थे।

उग्र हुए यूकेडी कार्यकर्ता, बैरिकेड तोड़े
वहीं सत्र के पहले दिन उत्तराखंड क्रांति दल ने दिवालीखाल में प्रदर्शन कर ताकत दिखाई। स्थायी राजधानी, अंकिता भंडारी हत्याकांड सहित अन्य समस्याओं को लेकर दल ने विधानसभा घेराव की योजना बनाई। इस दौरान दिवालीखाल में कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन कर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इस बीच पुलिस को चकमा देकर कुछ कार्यकर्ता विधानसभा तक पहुंच गए। पुलिस ने 10 से 15 कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया। यूकेडी कार्यकर्ताओं ने पुलिस की गाड़ियां रोक दी। गाड़ियों में हिरासत में ले जा रहे आंदोलनकरियों को उतारा। पुलिस के साथ हुई झड़प। इसके बाद पुलिस ने पानी की बौछार कर उन्हें आगे बढ़ने से रोका।

मंत्री सौरभ बहुगुणा की अपील
इस बीच कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा ने प्रदर्शन कर रहे विपक्षी विधायकों से अपील की। उन्होंने कहा कि इस बार सत्र को बिना किसी रुकावट के चलने दिया जाए। वे चाहते हैं कि सदन में सकारात्मक चर्चा हो और राज्य के विकास पर फोकस रहे।

सत्र का कार्यक्रम और बजट पेश
सत्र की कार्यसूची के अनुसार, दोपहर 2 बजे सदन की शुरुआत “वंदे मातरम्” गान से होगी। इसके बाद विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण राज्यपाल के अभिभाषण को सदन में पढ़कर सुनाएंगी। अभिभाषण के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी दोपहर 3 बजे वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट (आय-व्ययक) सदन के पटल पर पेश करेंगे।

बजट का अनुमान और फोकस
अनुमान है कि इस बार का बजट लगभग 1.11 लाख करोड़ रुपये का हो सकता है। यह बजट राज्य के विकास से जुड़े कई बड़े क्षेत्रों जैसे सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन, कृषि और रोजगार पर केंद्रित रहेगा। सरकार कई नई योजनाओं और परियोजनाओं की घोषणा कर सकती है।

प्रश्नों की संख्या और चर्चा
विधानसभा अध्यक्ष के अनुसार, सत्र के लिए अब तक 38 विधायकों ने कुल 531 प्रश्न विधानसभा सचिवालय को भेजे हैं। इन सवालों के अलावा विभिन्न जनहित के मुद्दों पर भी सदन में विस्तार से चर्चा होने की उम्मीद है। विपक्ष इन सवालों के जरिए सरकार से जवाब मांगेगा। यह बजट सत्र उत्तराखंड के लिए काफी अहम है। राज्य की आर्थिक स्थिति, विकास योजनाओं और भविष्य की दिशा इसी सत्र से तय होगी। सभी की नजरें इस पर टिकी हुई हैं कि सरकार क्या नया लाती है और विपक्ष कैसे प्रतिक्रिया देता है।

सीएम ने पहली बार राज्यपाल के अभिभाषण के बाद पेश किया बजट
उत्तराखंड के राजनीतिक इतिहास में पहली बार सरकार ने राज्यपाल अभिभाषण के दिन ही सदन में बजट पेश किया। यह पहला मौका था जब मुख्यमंंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सदन में वित्त मंत्री के रूप में अपनी सरकार का बजट पेश किया। सीएम धामी ने 1.11 लाख करोड़ से ज्यादा का बजट पेश किया। इस बार बजट को 10 फीसदी बढ़ाया है। चुनावी वर्ष का यह बजट गरीब, युवा, किसान व महिला सशक्तीकरण पर फोकस रहा।

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जेंडर बजट बढ़ाया
खास बात यह है कि सरकार ने इस सत्र में जेंडर बजट बढ़ाया है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में 16961.32 करोड़ का प्रावधा था जो कि इस बार बढ़ाकर 19692.02 करोड़ का प्रावधान किया गया।

इन योजनाओं के लिए बरसा धन
कुम्भ मेला के लिए भारत सरकार से अवस्थापना अनुदान के लिए 1027.00 करोड़
विकसित भारत रोजगार गारंटी एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) हेतु समग्र रूप से रु0 705.25 करोड़
निर्भया फंड के लिए 112.02 करोड़
पर्यटन विकास हेतु अवस्थापना निर्माण के लिए 100.00 करोड़
कोलोनाइजेशन प्रोत्साहन के लिए अवस्थापना निर्माण के लिए 25.00 करोड़
हरिद्वार गंगा कॉरिडोर परियोजना हेतु के लिए 10.00 करोड़
ऋषिकेश गंगा कॉरिडोर परियोजना के लिए 10.00 करोड़
साईबर सिक्योरटी के क्रियान्वयन के लिए 15.00 करोड़
इमरजिंग टेक्नोलॉजी एवं एआई के क्रियान्वयन के लिए 10.50 करोड़
महक क्रान्ति हेतु 10.00 करोड़
स्पिरिचुअल इकोनोमिक ज़ोन के विकास के लिए 10.00 करोड़
हाउस ऑफ़ हिमालयाज के लिए 5.00 करोड़
उत्तराखण्ड एवं भारत दर्शन के लिए 4.50 करोड़
सरयू एवं अन्य रिवर फ्रंट योजनाओं के लिए 10.00 करोड़
आपदा सखी हेतु 2.00 करोड़
ग्राम प्रहरीके लिए 5.00 करोड़
नशा मुक्ति केन्द्र के लिए 4.50 करोड़
पुस्तकालय निर्माण 5.00 करोड़
विदेश रोजगार प्रकोष्ठ 3.73 करोड़
न्याय पंचायत स्तर पर स्टेडियम 10.00 करोड़
रेस्क्यू सेंटर 19.00 करोड़

गरीब कल्याणः मानव सेवा नारायण सेवा
अन्नपूर्ति योजना के लिए 1300 करोड़
प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) 298.35 करोड़
प्रधानमंत्री आवास योजना 2.0 (शहरी) 56.12 करोड़
ई.डब्ल्यू.एस. आवास हेतु अनुदान 25.00 करोड़
परिवहन निगम की बसों में निर्धारित श्रेणी के यात्रियों हेतु निःशुल्क यात्रा की सुविधा 42.00 करोड़
निर्धन परिवार हेतु रसोई गैस पर अनुदान -43.03 करोड़
दिव्यांग पेंशन, तीलू रौतेली पेंशन, बौना पेंशन एवं जन्म से 18 वर्ष तक के दिव्यांग बच्चों हेतु -167.05 करोड़
दैवीय आपदाओं से प्रभावित परिवारों का पुनर्वास- 25.00 करोड़
राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण- 01.00 करोड़

अन्नदाता को क्या मिला ?
ट्राउट प्रोत्साहन योजना हेतु 39.90 करोड़
आईटीबीपी बटालियन को जीवित भेड़. बकरी और कुक्कुट आपूर्ति योजना के लिए 3.50 करोड़
दीनदयाल उपाध्याय सहकारिता किसान कल्याण योजनांतर्गत 42.50 करोड़
हाउस ऑफ हिमालयाज के अन्तर्गत 05.00 करोड़
मिशन एप्पल योजना अन्तर्गत समग्र रूप से 42.00 करोड़
दुग्ध उत्पादकों को दुग्ध मूल्य प्रोत्साहन योजना हेतु समग्र रूप 32.00 करोड़
मुख्यमंत्री राज्य कृषि विकास योजनांतर्गत- 20.00 करोड़
मुख्यमंत्री मत्स्य सपदा योजना के लिए 12.43 करोड़
मिलेट मिशन योजना के प्रोत्साहन के लिए 12.00 करोड़
स्थानीय फसलों को प्रोत्साहन कार्यक्रम के लिए 5.75 करोड़
मुख्यमंत्री राज्य कृषि विकास योजना के लिए 20.00 करोड़
किसान पेंशन योजना 12.06 करोड़
प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना 160.13 करोड़
गंगा कार्यकारी योजना के अन्तर्गत रखरखाव के लिए जल संस्थान को अनुदान 25.00 करोड़

युवा कल्याणः युवाओं को सशक्त बनाना
मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के लिए- 60.00 करोड़
मुख्यमंत्री पलायन रोकथाम योजना के लिए- 10.00 करोड़
पं. दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना हेतु- 62.29 करोड़
गैर-सरकारी महाविद्यालयों को सहायता अनुदान- 155.38 करोड़
शिक्षा मित्रों को मानदेय का भुगतान- 10.00 करोड़
सीएम युवा भविष्य निर्माण योजना- 10.00 करोड़
उल्लास नव साक्षरता कार्यक्रम के लिए 3.34 करोड़

नारी सशक्तीकरण के लिए खुला पिटारा
नन्दा गौरा योजनांतर्गत 220.00 करोड़
प्रधानमंत्री मातृत्व वन्दना योजना के लिए 47.78 करोड़
मुख्यमंत्री बाल पोषण योजनांतर्गत 25.00 करोड़
मुख्यमंत्री महालक्ष्मी किट योजनांतर्गत 30.00 करोड़
मुख्यमंत्री महिला पोषण योजनांतर्गत 13.44 करोड़
मुख्यमंत्री आंचल अमृत योजनांतर्गत 15.00 करोड़
मुख्यमंत्री बाल एवं महिला बहुमुखी विकास निधि हेतु- 08.00 करोड़
निराश्रित विधवाओं की पुत्रियों के विवाह हेतु 05.00 करोड़
मुख्यमंत्री अल्पसंख्यक मेधावी बालिका प्रोत्साहन योजना के अन्तर्गत 3.76 करोड़
मुख्यमंत्री महिला स्वयं सहायता समूह सशक्तिकरण योजना हेतु 05.00 करोड़
राज्य में प्रसूता के लिए ईजा-बोई शगुन योजना हेतु समग्र रूप से 122 करोड़
मुख्यमंत्री महिला सतत आजीविका योजनांतर्गत 02.00करोड़
महिला स्पोर्ट्स कॉलेज चंपावत का निर्माण- 10.00 करोड़
गंगा गाय महिला डेरी विकास योजनांतर्गत 05.00 करोड़

बजट सत्र शुरू होते ही कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने किया वॉकआउट
ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण में आज से बजट सत्र शुरू हो गया है। विधानसभा सत्र शुरू होने से पहले ही कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विधान भवन परिसर में प्रदर्शन शुरू कर दिया। बजट की अवधि बढ़ाने की मांग को लेकर कांग्रेस विधायक परिसर में धरने पर बैठ गए। इस दौरान विपक्ष ने नारेबाजी की। इसके बाद सत्र शुरू होते ही विपक्षी नेता नारेबाजी कर वेल में पहुंचे। इसके बाद शोर के बीच ही राज्यपाल का संबोधन शुरू हुआ। बजट सत्र शुरू होते ही कांग्रेस विधायकों ने वहां हंगामा शुरू कर दिया। राज्यपाल के अभिभाषण शुरू ही हुआ था कि कांग्रेस विधायकों ने सदन से वॉकआउट कर दिया।

 

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