September 30, 2026

Uttarakhand Tourism: बर्फबारी का कहर! गोमुख-तपोवन में फंसे 121 ट्रेकर्स

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UTTARAKHAND-उत्तराखंड में बर्फबारी का कहर!
  • पिंडारी ग्लेशियर और खाती गांव के पास भी 43 ट्रेकर्स के फंसे होने की जानकारी आई

उत्तराखंड के ऊंचाई वाले हिमालयी क्षेत्रों में भारी बारिश और बर्फबारी के कारण ट्रेकिंग रूट प्रभावित हुए हैं। उत्तरकाशी के गोमुख-तपोवन ट्रेक पर भारी बर्फबारी के बीच फंसे 121 ट्रेकर्स को वन विभाग की टीम ने सुरक्षित रेस्क्यू कर गंगोत्री धाम पहुंचाया।

वहीं बागेश्वर जिले में पिंडारी ग्लेशियर और खाती गांव के पास 43 ट्रेकर्स के फंसे होने की जानकारी सामने आई। प्रशासन के मुताबिक सभी सुरक्षित बताए जा रहे हैं।

बताया जाता है कि 121 ट्रेकर्स पिछले दो-तीन दिनों में गोमुख और तपोवन क्षेत्र में ट्रेकिंग और कैंपिंग के लिए पहुंचे थे। शनिवार दोपहर बाद अचानक तेज बर्फबारी शुरू होने से ट्रेक पर आवाजाही मुश्किल हो गई। कई स्थानों पर हिमस्खलन का खतरा भी बना हुआ था। इसके बाद प्रशासन और वन विभाग ने रेस्क्यू अभियान शुरू किया और सभी ट्रेकर्स को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।

वहीं उत्तरकाशी के अन्य ऊंचाई वाले क्षेत्रों में फंसे पर्वतारोहियों और ट्रेकर्स के लिए भी हेलीकॉप्टर रेस्क्यू अभियान चलाया गया। शुरुआत में 136 लोगों को अलग-अलग उच्च हिमालयी रूटों पर फंसा बताया गया था। इनमें हाई अल्टीट्यूड एक्सपीडिशन के सदस्य, कालिंदी पास और ऑडन कोल क्षेत्र में मौजूद ट्रेकर्स शामिल थे।

ऑडन कोल क्षेत्र में फंसे 29 ट्रेकर्स को हेलीकॉप्टर से सुरक्षित हर्षिल पहुंचाया गया और आर्मी बेस अस्पताल में उनका स्वास्थ्य परीक्षण कराया गया। बाद में कालिंदी खाल क्षेत्र में फंसे 19 ट्रेकर्स को भी सुरक्षित रेस्क्यू किया गया।

मौसम में सुधार के बाद दो दिनों से प्रभावित चारधाम यात्रा भी सोमवार को दोबारा शुरू कर दी गई। यमुनोत्री हाईवे पर वाहनों की आवाजाही धीरे-धीरे सामान्य हुई। हालांकि ऊंचाई वाले क्षेत्रों में मौसम और सड़क की स्थिति पर प्रशासन लगातार नजर बनाए हुए है।

इधर, केदारनाथ-बासुकीताल ट्रैक रूट पर गए पांच ट्रैकर्स का टूटा संपर्क

केदारनाथ-बासुकीताल ट्रैक रूट पर गए पांच सदस्यीय ट्रेकिंग दल से संपर्क टूटने के बाद खोजबीन शुरू कर दी गई है। परिजन यशवंत सिंह चौहान ने जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र (डीईओसी) रुद्रप्रयाग को इसकी सूचना दी। उन्होंने बताया कि उनके भाई प्रवेश चौहान 25 सितंबर को पांच साथियों के साथ केदारनाथ-बासुकीताल ट्रैक पर गए थे। दल की ऑडिन कोल होते हुए गंगोत्री जाने की योजना थी।

सूचना मिलने के बाद जिला आपदा प्रबंधन विभाग ने पुलिस नियंत्रण कक्ष और वन्यजीव प्रभाग गोपेश्वर को जानकारी दी। इसके साथ ही 40वीं वाहिनी PAC से भी समन्वय किया गया। लापता ट्रैकर्स में अमित फर्सवाण, 40वीं वाहिनी पीएसी हरिद्वार, नवीन रावत, 40वीं वाहिनी पीएसी रुद्रप्रयाग, प्रवेश चौहान, फोरेस्टर उत्तरकाशी, विवेक निवासी जग्गी बगवान और संजय सिंह रावत, पशुपालन विभाग केदारनाथ शामिल हैं।
राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र देहरादून के निर्देश पर एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और वन विभाग की टीमें ट्रैक रूट पर तलाश में जुटी हैं। जिलाधिकारी के निर्देश पर यूकाडा के सहयोग से हेलिकॉप्टर से भी सर्च अभियान चलाया गया, लेकिन उच्च हिमालयी क्षेत्र में कम दृश्यता के कारण इसे स्थगित करना पड़ा। मौसम अनुकूल होने पर फिर हेलिकॉप्टर से खोज अभियान चलाया जाएगा। वहीं, जमीनी स्तर पर रेस्क्यू टीमें लगातार लापता ट्रैकर्स की तलाश कर रही हैं।

 

 

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