Snowfall view: तस्वीरों में देखें, बर्फ की सफेद चादर में लिपटे गंगोत्री-यमुनोत्री धाम
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औली में जमी तीन फीट ताज़ी परत

बीते मंगलवार देर रात को जनपद के गंगोत्री सहित यमुनोत्री धाम, हर्षिल घाटी और खरसाली, मोरी के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में जमकर बर्फबारी हुई। साल की दूसरी बर्फबारी के बाद पहाड़ बर्फ से लकदक हो गए। बर्फबारी के कारण गंगोत्री और यमुनोत्री हाईवे सहित अन्य मुख्य मार्गाें को खोलने में विभागों को छह से सात घंटे का समय लगा।
गंगोत्री और यमुनोत्री धाम में बीती मंगलवार शाम से ही बर्फबारी शुरू हो गई थी। वहीं, देर रात में दोनों धामों के साथ ही जनपद के सभी ऊंचाई वाले क्षेत्रों में जमकर बर्फबारी हुई। निचले इलाकों में बारिश के कारण तापमान में भारी गिरावट देखने को मिली। बर्फबारी के कारण गंगोत्री हाईवे सुक्की सहित यमुनोत्री हाईवे रानाचट्टी और फूलचट्टी सहित राड़ी टॉप में बंद हो।

उत्तरकाशी लंबगांव मोटर मार्ग भी आवाजाही बंद हो गई थी। गंगोत्री हाईवे को बीआरओ की ओर से करीब छह घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद खोला गया। दूसरी ओर यमुनोत्री हाईवे को खोलने में एनएच विभाग और एनएचआईडीसीएल की ओर से करीब चार से पांच घंटे का समय लगा। साथ ही उत्तरकाशी लंबगांव मोटर मार्ग को भी चार घंटे बाद आवाजाही के लिए सुचारू किया गया।

गंगोत्री हाईवे पर हर्षिल से आगे आवाजाही मुश्किल बनी हुई है। दूसरी ओर बीते सप्ताह शुक्रवार को हुई बर्फबारी के बाद से धराली और गंगोत्री व मोरी के दस गांवों में बिजली की आपूर्ति सुचारू नहीं हो पाई है।

औली में मंगलवार और बुधवार को भी बर्फबारी हुई। औली में अब दो से तीन फीट तक बर्फ जम चुकी है। वहीं बुधवार दोपहर को धूप खिलने से लोगों को ठंड से राहत मिली। औली पहुंचे पर्यटक बर्फ का जमकर लुत्फ उठाते नजर आए। मंगलवार दोपहर बाद औली में बर्फबारी शुरू हो गई थी जो बुधवार सुबह करीब 10 बजे तक हल्की होती रही।

इससे क्षेत्र में कड़ाके की ठंड पड़ रही है। शाम होते ही ठंडी हवा चल रही है। औली मार्ग पर बर्फबारी के कारण टीवी टावर से आगे वाहनों की आवाजाही बंद है। औली के लिए फोर बाय फोर वाहन ही चल पा रहे हैं। वहीं बदरीनाथ धाम में भी तीन फीट से अधिक बर्फ जम चुकी है।
Snowfall view: See in pictures, Gangotri-Yamunotri shrine wrapped in a white sheet of snow
