March 8, 2026

पिथौरागढ़ बनेगा ऊर्जा का नया केंद्र, गौरीगंगा पर प्रस्तावित परियोजना को मिली स्वीकृति

0
CM-PS Dhami-

पिथौरागढ़ (Pithoragarh) में गौरीगंगा नदी पर प्रस्तावित 120 मेगावाट की सिरकरी भ्योल रूपसियाबगड़ जलविद्युत परियोजना के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के लगातार प्रयास रंग लाए हैं। इस परियोजना के क्रियान्वयन के लिए 29.997 हेक्टेयर वन भूमि हस्तांतरित करने के प्रस्ताव पर वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय की वन सलाहकार समिति ने विचार किया। नई दिल्ली स्थित इंदिरा पर्यावरण भवन में आयोजित इस महत्वपूर्ण बैठक में परियोजना को मंजूरी दे दी गई है।

गौरीगंगा पर प्रस्तावित परियोजना को स्वीकृति मिली
बता दें इस परियोजना को पर्यावरण की दृष्टि से बेहद खास तरीके से डिजाइन किया गया है। करीब एक किमी लंबी सुरंग और अधिकांश ढांचे भूमिगत होने के कारण वन भूमि पर प्रभाव नगण्य रहेगा। परियोजना क्षेत्र में कोई राष्ट्रीय उद्यान, वन्यजीव अभ्यारण्य या इको सेंसिटिव जोन नहीं है और न ही इससे किसी तरह का विस्थापन होगा। परियोजना से हर साल अनुमानित 529 मिलियन यूनिट हरित ऊर्जा का उत्पादन होगा, जो उत्तराखंड की बिजली जरूरतों को पूरा करने के साथ ही राज्य को ऊर्जा के मामले में आत्मनिर्भर बनाने में योगदान देगी। साथ ही स्थानीय लोगों को स्थायी और अस्थायी रोजगार, बुनियादी ढांचे का विकास और पलायन पर नियंत्रण जैसे लाभ मिलेंगे।

सीएम धामी ने जताया आभार
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने परियोजना को मंजूरी मिलने पर पीएम मोदी का आभार जताया। सीएम ने कहा कि यह परियोजना उत्तराखंड के सीमांत क्षेत्र के विकास की दिशा में ऐतिहासिक कदम है। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी के मार्गदर्शन और सहयोग से राज्य ने ऊर्जा और रोजगार के क्षेत्र में सफलता हासिल की है। सीएम बोले कि सरकार जनकल्याण के प्रति पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है। यह परियोजना राज्य के भविष्य की आधारशिला बनेगी।

गौरतलब है कि इससे पहले सीएम ने पीएम मोदी और केंद्रीय वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव से मुलाकात के दौरान इस परियोजना की मंजूरी का अनुरोध किया था। जिसे केंद्र से हरी झंडी मिल गई है।

0Shares

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *