पंतनगर विवि: छात्रावास में फंदे से लटका मिला बीटेक का छात्र
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कक्षाओं में अनियमितता के लिए तीन बैक और दो आईआर लगने पर हताशा में उठाया कदम

पंतनगर। विवि के छात्रावास में सोमवार को बीटेक तृतीय वर्ष के छात्र का शव कमरे में फंदे से लटका मिला। जिससे छात्रों सहित विवि प्रशासन में सनसनी फैल गई। आनन-फानन पहुंचे अधिकारियों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया।
रूड़की (हरिद्वार) के संजय गांधी कॉलोनी निवासी सागर सैनी गाजियाबाद के सेक्टर-23 स्थित न्यू फ्रेंड्स कालोनी में सपरिवार रहकर व्यवसाय करते हैं। उनका पुत्र अक्षत सैनी (19) जीबी पंत कृषि विश्वविद्यालय स्थित प्रौद्योगिकी महाविद्यालय में सिविल इंजीनियरिंग तृतीय वर्ष का छात्र है और उसे रजत जयंती भवन छात्रावास में कमरा नंबर-151 आवंटित था। सोमवार सुबह अक्षत के साथी उसे बुलाने के लिए उसके कमरे पर पहुंचे। लेकिन काफी देर तक दरवाजा खटखटाने के बावजूद कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। संदेह होने पर उन्होंने दरवाजे को जोर से धक्का मारा, जिससे कमरे की सिटकनी टूट गई।
कमरे में प्रवेश करते ही उन्होंने अक्षत को पंखे से मफलर के सहारे फंदे पर लटके पाया। घबराए छात्रों ने मफलर काटकर उसे उतारा और बेड पर लिटाकर सीपीआर देने का प्रयास किया, लेकिन उसका शरीर ठंडा पड़ चुका था। साथियों ने इसी छात्रावास में रहने वाले उसकी मौसी के बेटे दिव्यांश सैनी और सुरक्षा कर्मियों को सूचना दी। मौके पर पहुंचे सहायक सुरक्षाधिकारी ठाकुर सिंह ने वार्डन डाॅ. मनीष तिवारी, चीफ वार्डन डाॅ. एसएस गुप्ता और पंतनगर थाने को सूचना दी। सूचना मिलते ही विवि प्रशासन, सुरक्षा अधिकारी, वार्डन और इंस्पेक्टर नंदन सिंह रावत और एसआई दिनेश रावत सहित पुलिस टीम मौके पर पहुंची। थाना प्रभारी रावत ने बताया कि प्रारंभिक जांच में यह मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है। कमरे की तलाशी में डायरी, मोबाइल फोन और मफलर आदि बरामद हुए हैं। जिन्हें पुलिस ने कब्जे में ले लिया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारणों की पुष्टि हो सकेगी। परिजनों को घटना की सूचना दे दी गई है। जिनके शाम तक पंतनगर पहुंचने की संभावना है।
डायरी में लिखा था खत-4.0
मृतक अक्षत ने मरने से पूर्व डायरी में खत-4.0 लिखा था। जिसमें उसने लिखा कि शायद अब सब चीजें कंट्रोल से बाहर होती जा रही हैं और … रोना अब किसी के भी आगे करना अच्छा नहीं लगता। मेरी तरफ चाहे दोस्त हों या घरवाले, कोई ध्यान भी नहीं देता। विशेषकर मेरी बातों पे सब लोग यही बोलकर छोड़ देते हैं, कि ये सब फालतू बातें सोचता है। हालांकि मै अब तो कोई फालतू बात सोचता नहीं, बस ये लगता है सब हाथ से निकलता जा रहा है। घर भी वापस नहीं जा सकता क्योंकि सेकेंड ईयर में जब गया था तो अपना हाल बद से बदतर होते हुए देखा है मैंने। शायद घर वाले मुझसे और मैं घर वालों से परेशान हो चुके थे। तो अब घर वापसी का भी कोई अॅाप्शन नहीं है। ऊपर से सिविल में आईआर और बैक तो जैसे विरासत में मिली है इस डिपार्टमेंट को।
पापा को सोचता हूं सब बता दूं, पर जब उनकी टेंशन देखता हूं और इस उम्र में भी बिजनेस में उलझे देखता हूं तो और टेंशन देने का मन नहीं करता। अंत में उसने अपने एडवाइजर डाॅ. एसके कटारिया का उनके सहयोग के लिए धन्यवाद किया।
अक्षत: पढ़ने में होशियर था
पंतनगर। साथी छात्रों ने बताया कि अक्षत पढ़ाई में होशियार था और रविवार को ही गाजियाबाद से पंतनगर लौटा था। रविवार शाम उसने दोस्तों के साथ छोटी मार्केट में भोजन भी किया था। वह हॉस्टल में अकेले रहता था, जबकि पास के कमरे में उसका मौसेरा भाई भी रहता है। सोमवार सुबह वह नाश्ते के लिए नहीं आया। जिसके बाद छात्र उसे मेकअप परीक्षा के लिए बुलाने उसके कमरे पर पहुंचे थे।
अक्षत: मानसिक तनाव से गुजर रहा था
पंतनगर। साथी छात्रों के अनुसार अक्षत पिछले एक वर्ष से मानसिक तनाव में था। सेकेंड ईयर में वह इलाज (थेरेपी आदि) के लिए एक-डेढ़ महीने घर पर रहा था। जिससे वह कक्षाएं अटेंड नहीं कर पाया। जिसके चलते उसकी तीन बैक (पुनः परीक्षा) और दो आईआर (कक्षाओं में अनियमित उपस्थिति) लगी थीं। जिससे वह आहत था और अंदर ही अंदर घुल रहा था।
पंतनगर विवि के छात्रावास में एक छात्र के फंदे पर लटके होने की सूचना मिली थी। पुलिस को मौके पर छात्र का शव कमरे में बेड पर मिला। जिसे कथित तौर पर उसके साथियों ने फंदे से उतार लिया था। शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस मौत के कारणों की जांच कर रही है।
– मणिकांत मिश्रा, एसएसपी यूसनगर
