Uttarakhand samachar: प्रदेश के नौ संवेदनशील विभाग साइबर हमलावरों के निशाने पर
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केंद्र करेगा बचाव के लिए सहयोग
सबसे बड़े साइबर हमले का शिकार बन चुके उत्तराखंड के नौ संवेदनशील विभाग एक बार फिर साइबर हमलावरों के निशाने पर हैं। इस बार केंद्र सरकार इन विभागों का आईटी इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत बनाने में जुट गई है ताकि इससे साइबर अपराधियों, राज्य प्रायोजित हमलों से बचा जा सके।
हाल ही में इन विभागों की सुरक्षा के लिए आईटीडीए की अगुवाई में कार्यशाला हुई थी। उत्तराखंड के गृह, वित्त, राज्य कर और ऊर्जा जैसे नौ प्रमुख विभाग साइबर अपराधियों और राज्य-प्रायोजित साइबर हमलों के लिहाज से बेहद संवेदनशील हैं। सभी को ऑपरेशन सिंदूर से मिले अनुभवों और सबक के बारे में बताया गया। केंद्र सरकार के प्रतिनिधि सम्राट किशोर ने बताया कि इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय उत्तराखंड के डिजिटल परिदृश्य को सुरक्षित रखने के लिए गंभीरता से काम कर रहा है।
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आईटीडीए के डीजीएम साइबर सुरक्षा आशीष के उपाध्याय ने बताया किया कि आईटीडीए के तहत काम करने वाली सीईआरटी-उत्तराखंड टीम सभी विभागों को तकनीकी सहायता देने के लिए तैयार है। उन्होंने सभी संवेदनशील विभागों से अपील की कि वे अपनी सुरक्षा कमियों को खुलकर साझा करें और सीईआरटी की ओर से जारी की जाने वाली एडवाइजरी का कड़ाई से पालन करें।
इन नौ विभागों की सुरक्षा पर जोर
गृह और वित्त विभाग : कानून व्यवस्था और वित्तीय डेटा की सुरक्षा।
राज्य कर और ऊर्जा विभाग : राजस्व और बिजली ग्रिड जैसे क्रिटिकल इन्फ्रास्ट्रक्चर का बचाव।
स्वास्थ्य, शिक्षा और वन विभाग : आम जनता से जुड़ा संवेदनशील डेटाबेस।
पर्यटन और कौशल विकास विभाग : डिजिटल ट्रांजेक्शन और युवाओं का डेटा।
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अक्टूबर 24 में हुआ था सबसे बड़ा हमला
तीन अक्टूबर 2024 को उत्तराखंड में सबसे बड़ा साइबर हमला हुआ था। इसमें सीएम हेल्पलाइन समेत 90 वेबसाइटें पूरी तरह से बंद हो गई थीं। हमला इतना खतरनाक था कि सिक्योर इंटरनेट सर्विस यूके स्वान के अलावा सबसे अहम स्टेट डेटा सेंटर भी इसकी जद में आ गया था। माकोप रैनसमवेयर से साइबर हमलावर ने उत्तराखंड का डाटा कब्जा लिया था। बाद में यह वापस नहीं मिल पाया था। बैकअप से ज्यादातर डाटा लिया गया था।
