April 23, 2026

Snowfall: मौसम ने ली करवट, बढ़ी ठिठुरन, बर्फ से ढके केदारनाथ और यमुनोत्री धाम

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kedarnath
  • तस्वीरों में देखें मनमोहक नजारा

  • देवभूमि के कई शहरों में बारिश जारी है

देवभूमि उत्तराखंड में मौसम ने करवट ली और मैदान में बारिश की साथ ही केदारनाथ, यमुनोत्री धाम सहित ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी हुई। दोनों धामों में बर्फ से ढके पहाड़ और रास्तों के दृश्य बेहद मनमोहक नजर आए। लगातार हो रही बर्फबारी के चलते ठंड में इजाफा हो गया है। और लोगों को गर्म कपड़े निकालने पड़े।

 

 

एक ओर जहां मौसम के बदले मिजाज ने उत्तराखंड में पहाड़ से लेकर मैदान तक बदले मौसम ने लोगों को चौंका दिया। आज सुबह से बारिश का सिलसिला जारी है। लगातार हो रही बर्फबारी के कारण मौसम बेहद सर्द हो गया है। वहीं, देहरादून समेत मैदानी क्षेत्रों में रातभर हुई बारिश से तापमान में गिरावट दर्ज की गई। जिलेभर में बुधवार सुबह से ठंडक बढ़ गई और लोगों को फिर से स्वेटर और जैकेट पहननी पड़ी। बारिश के कारण दफ्तर और बाजार जाने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। कई स्थानों पर जलभराव की स्थिति भी बनी, जिससे जनजीवन प्रभावित रहा।

इसके साथ ही मौसम विभाग ने संकेत दिए हैं कि आने वाले कुछ दिनों तक मौसम का यही रुख बना रह सकता है। हल्की बारिश, बादलों की आवाजाही और ठंडी हवाओं के चलते तापमान सामान्य से नीचे रहने का अनुमान है। मौसम विज्ञान केंद्र की ओर से जारी पूर्वानुमान के अनुसार आज आठ अप्रैल को देहरादून समेत टिहरी, पौड़ी, नैनीताल, चंपावत और ऊधमसिंह नगर जिले के कुछ हिस्सों में बिजली चमकने के साथ ओलावृष्टि और 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज तूफान चलने का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। अन्य जिलों में भी बिजली और तेज हवाओं का येलो अलर्ट जारी किया गया है। जबकि, तीन हजार मीटर से अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी होने की संभावना है।

इससे पहले मंगलवार को रुक-रुककर हुई बारिश और तेज ठंडी हवाओं के चलते अधिकतम तापमान में छह डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई। दिन में कई बार बादल छाने से अंधेरा भी हो गया। उधर, अप्रैल के पहले सप्ताह में जहां आमतौर पर गर्मी बढ़ने लगती थी वहीं इस बार ठंड का अहसास बना हुआ है।

मौसम विभाग के अनुसार, देहरादून का न्यूनतम तापमान 14.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से एक डिग्री कम है। मसूरी और अन्य पहाड़ी इलाकों में तापमान और नीचे चला गया है। विभाग ने देहरादून, टिहरी, पौड़ी, नैनीताल, चंपावत और ऊधमसिंहनगर में बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जबकि अन्य जिलों में यलो अलर्ट है। 2800 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी की संभावना जताई गई है।

पिछले 24 घंटे में चकराता में 36.3 मिमी, मसूरी में 32.4 मिमी, कोटद्वार में 32 मिमी और कीर्तिनगर में 30 मिमी बारिश दर्ज की गई। कोटी में सबसे अधिक 57 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई, जबकि नागथात और धनोल्टी में भी अच्छी बारिश हुई।

 

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इस बदलाव के पीछे मुख्य वजह पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता है। पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से उत्तर भारत के पर्वतीय और मैदानी क्षेत्रों में बादल छाए रहे और बारिश हो रही है। इसके साथ ही हिमालयी क्षेत्रों से आने वाली ठंडी हवाओं ने तापमान में और गिरावट ला दी। विशेषज्ञों का कहना है कि जब पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होता है तो यह अरब सागर और भूमध्यसागर क्षेत्र से नमी लेकर आता है। यही नमी बादलों का निर्माण करती है और बारिश का कारण बनती है। इसके चलते सूर्य की किरणें सीधे जमीन तक नहीं पहुंच पातीं जिससे तापमान में कमी आती है।

असर: पश्चिमी विक्षोभ और पहाड़ी हवाओं का 

मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि इस बदलाव के पीछे मुख्य वजह पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता है। पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से उत्तर भारत के पर्वतीय और मैदानी क्षेत्रों में बादल छाए रहे और बारिश हो रही है। इसके साथ ही हिमालयी क्षेत्रों से आने वाली ठंडी हवाओं ने तापमान में और गिरावट ला दी। विशेषज्ञों का कहना है कि जब पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होता है तो यह अरब सागर और भूमध्यसागर क्षेत्र से नमी लेकर आता है। यही नमी बादलों का निर्माण करती है और बारिश का कारण बनती है। इसके चलते सूर्य की किरणें सीधे जमीन तक नहीं पहुंच पातीं जिससे तापमान में कमी आती है।

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