March 8, 2026

Ajab-Gajab Uttarakhand: देहरादून के माल्टा महोत्सव ने किसानों की जगह विभाग की हुई चार गुना आय

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Ajab-Gajab Uttarakhand

– किसानों से 10 रुपये प्रति किलो खरीदकर 40 में बेचा गया

किसानों से उत्तराखंड औद्यानिक परिषद ने 10 रुपये प्रति किलो के हिसाब से खरीदे, वहीं माल्टा को महोत्सव में चार गुना कीमत पर यानी 40 रुपये प्रति किलो की दर से बेचे। एक ओर जहां इससे किसान खुद को ठगा महसूस कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर इसकी डिमांड देखकर अब किसानों को माल्टा से भविष्य में बेहतर मुनाफे की आस जगी है।

माल्टा उत्तराखंड की पहचान और परंपरा से जुड़ा है। पहाड़ में धूप में बैठकर इसके स्वाद का आनंद ही कुछ और है। इसके बावजूद दूरदराज के क्षेत्रों में किसानों को माल्टे और नींबू वर्गीय फलों के अच्छे दाम नहीं मिल पा रहे हैं। इसे देखते हुए सरकार ने माल्टे की ब्रांडिंग और इसे बेहतर बाजार उपलब्ध कराने के लिए पहली बार राजकीय उद्यान सर्किट हाउस गढ़ीकैंट में माल्टा महोत्सव का आयोजन किया।

इसमें किसानों से 10 रुपये प्रति किलो की दर से खरीदा गया सी ग्रेड माल्टा 40 रुपये बिका। वहीं गलगल और चकोतरा को किसानों से सात रुपये प्रतिकिलो के हिसाब से खरीदा गया जो विभाग ने 15 रुपये प्रतिकिलो बेचा। किसानों का कहना है कि यह पैसा उत्तराखंड औद्यानिक परिषद के खाते में गया। उन्हें अपेक्षाकृत इसका लाभ नहीं मिल सका।

महोत्सव में आए जजोली ब्लॉक गंगोलीहाट पिथौरागढ़ के दुर्गा राम बताते हैं कि सरकार ने माल्टे का न्यूनतम समर्थन मूल्य 10 रुपये घोषित किया है, हालांकि यह उनके क्षेत्र में कम बिकता है। दस रुपये में खरीद के लिए कोई क्रय केंद्र भी नहीं है। बागेश्वर से आए रोशन सिंह बताते हैं कि विभाग ने उनसे माल्टा रोड हेड से 10 रुपये प्रतिकिलो के हिसाब से खरीदा।

उत्तराखंड औद्यानिक परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी नरेंद्र यादव के अनुसार किसान का जो माल्टा बाजार में नहीं बिकता सी ग्रेड के उस माल्टे को 10 रुपये प्रतिकिलो के हिसाब से खेत से खरीदा गया है।

वहीं कृषि एवं उद्यान मंत्री गणेश जोशी के अनुसार माल्टे की बाजार में बहुत मांग है। किसान सीधे बाजार में इसे 40 रुपये प्रतिकिलो के हिसाब से बेच सकते हैं। महोत्सव में कुछ किसानों ने इसे सीधे बेचा, अब हम दिल्ली में भी माल्टा महोत्सव आयोजित करने जा रहे हैं।

महोत्सव में हुई बिक्री को ऐसे समझें
माल्टा महोत्सव में विभिन्न जिलों से 253 क्विंटल माल्टा, 29 क्विंटल गलगल, 12 क्विंटल कागजी नींबू, 4.50 क्विंटल चकोतरा लाया गया। जिसमें से 20 क्विंटल माल्टा, सात क्विंटल गलगल, 35 किलो कागजी नींबू, 16 किलो चकोतरा बिका। इसमें 28 क्विंटल फुटकर बिक्री हुई जबकि 271 क्विंटल संरक्षण इकाई को दिया गया।

 

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