Uttarakhand Weather : आज कहां कैसा रहेगा मौसम का मिजाज
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उत्तराखंड में आज तांडव का दिन, हरिद्वार में होगी राहत की बारिश
Uttarakhand Weather 15 September : उत्तराखंड को लेकर आज रहवासियों के लिए सर्तकता बरतने की आवश्यकता पर जोर हैं। खुशनुमा मौसम के बीच मौसम खतरनाक रूप ले सकता है। भारत मौसम विज्ञान विभाग {India Meteorological Department (IMD)} की ओर से मंगलवार, 15 सितंबर 2026 को उत्तराखंड में बारिश और आंधी-तूफान का अंदेशा जताया गया है। मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश के कई हिस्सों में आज हल्की से मध्यम बारिश देखने को मिल सकती है। वहीं IMD ने कुछ इलाकों में भारी बारिश की संभावना के बीच आंधी-तूफान और बिजली गिरने की आशंका भी जताई है।
मौसम विभाग के मुताबिक पहाड़ी और भूस्खलन की संभावना वाले इलाकों में रहने वाले लोगों को सावधान रहना होगा। यात्रा करते समय ज्यादा सावधानी बरतने की जरूरत है क्योंकि भारी बारिश से सड़कों और विजिबिलिटी (दृश्यता) पर असर पड़ सकता है। उत्तराखंड में एक दिन पहले ही यानी सोमवारल (14 सितंबर) को भारी बारिश (7-11 सेमी) दर्ज की गई थी।
छिटपुट बौछारें: कहां पड़ेंगी
उत्तराखंड को लेकर IMD का कहना है कि प्रदेश में कई जगहों पर 15 और 16 सितंबर को बादलों की भयंकर गर्जना देखने को मिल सकती है। इस दौरान भूस्खलन और चट्टानें खिसकने का गंभीर खतरा भी बना हुआ है। ऐसे में पहाड़ी हाईवे पर यात्रा करने वाले लोगों को बेहद सतर्क रहने की आवश्यकता है। उचित होगा कि यात्री लगातार मौसम विभाग के अपडेट नजर बनाएं रखें। IMD के अनुसार, राज्य के पर्वतीय जिलों में रहने वालों को 15 सितंबर को बेहद सावधानी रखने की आवश्यकता है। हरिद्वार और उधम सिंह नगर को लेकर मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि 17 सितंबर तक छिटपुट बौछारें पड़ने से इन जगहों का मौसम खुशनुमा हो सकता है। वहीं इसके ठीक अगले दिन यानी 18 और 19 सितंबर को पूरे उत्तराखंड में बारिश में कमी देखने को मिलेगी।
ये हो सकते हैं संभावित असर और बचाव के सुझाव
: पेड़ों की टहनियां टूटने के अलावा केले, पपीते और सहजन जैसे छोटे पेड़ उखड़ सकते हैं। जबकि तेज हवा और बारिश से बागवानी और खड़ी फसलों को नुकसान हो सकता है।
: कमजोर ढांचों को तेज हवा और बारिश से नुकसान का खतरा है।
: सड़क यातायात भी भारी बारिश और तेज हवाओं के कारण प्रभावित हो सकता है।
: इसके अलावा जमीन खिसकने (लैंडस्लाइड), कीचड़ बहने और जलभराव की स्थिति भी निचले इलाकों में बन सकती है।
: दृश्यता (visibility) भी भारी बारिश के कारण कम रहने की संभावना है।
बचाव के सुझाव: जानकारों के अनुसार ऐसे समय में उचित होगा कि लोग मौसम की बिगड़ती स्थिति पर नजर बनाए रखें,और जरूरत पड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए तैयार रहें।
केवल सुरक्षित आश्रय लें, पेड़ों के नीचे शरण न लें, क्योंकि बिजली गिर सकती है।
आदि कैलाश यात्रा रोकी गई
अधिकारियों ने सोमवार को बताया कि खराब मौसम और सड़कें बंद होने के कारण उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले में आदि कैलाश यात्रा का दूसरा चरण 20 सितंबर तक टाल दिया गया है। यात्रा का दूसरा चरण 15 सितंबर से शुरू होना था। धारचूला के सब-डिविजनल मजिस्ट्रेट (SDM) आशीष जोशी ने बताया कि आदि कैलाश जाने वाले तीर्थयात्रियों के लिए ‘इनर लाइन परमिट’ जारी करने का काम 20 सितंबर से शुरू होगा। हालांकि यह अभी एक संभावित तारीख है। साल 2026 में 1 मई को यात्रा शुरू होने के बाद, दो महीनों के अंदर रिकॉर्ड 52,441 तीर्थयात्रियों ने आदि कैलाश और ओम पर्वत के दर्शन किए।
देहरादून: रुक-रुक कर बारिश
देहरादून समेत उत्तराखंड के कई जिलों में में रुक-रुक कर बारिश हो रही है. वहीं दूसरी तरफ मैदानी इलाकों में तेज धूप और बारिश भी देखने के लिए मिल रही है। हालांकि, देहरादून में सुबह और शाम सर्दी का एहसास होने लगा है। देहरादून में कभी धूप तो कभी बारिश से बदलते तापमान का असर आमजन की सेहत पर भी पड़ता दिख रहा है। 15 सितंबर यानी आज सुबह से ही चटख धूप खिल रही है। राजधानी देहरादून में आमतौर पर बादलों की आवाजाही बनी रहेगी और शहर के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ गरज-चमक होने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार, आज देहरादून का अधिकतम तापमान लगभग 26°C से 28°C और न्यूनतम तापमान 18°C से 22°C के आसपास रहने का अनुमान है।
भूस्खलन: केदारनाथ मार्ग पर
केदारनाथ पैदल मार्ग पर चीरबासा में पिछले कुछ दिनों से हो रहे भूस्खलन के बाद अब सुरक्षा व्यवस्था चाक चौबंद कर दी गई है। रुद्रप्रयाग के डीएम विशाल मिश्रा ने बताया कि यहां पुलिस के साथ एसडीआरएफ और डीडीआरएफ की टीमें तैनात हैं। पैदल मार्ग को सुचारू किया गया है, लेकिन पहले केदारनाथ से वापस आ रहे श्रद्धालु को निकला जा रहा है। यात्रा पड़ाव सोनप्रयाग में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ लगी है।
