Haldwani News: सीएम धामी भी लेंगे कालूसिद्ध मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा में भाग

देवभूमि उत्तराखंड के कुमाऊँ का द्वार कहे जाने वाले हल्द्वानी में स्थित कालू सिद्ध बाबा का मंदिर 200 से अधिक साल पुराना माना जाता है। बताया जाता है कि दशकों पहले जब कालू सिद्ध बाबा हल्द्वानी पहुंचे थे तो उन्होंने यहां पीपल के पेड़ के नीचे भगवान शनि की उपस्थिति जानकर एक मठ की स्थापना की थी, जो आगे चलकर श्री कालू सिद्ध बाबा के मंदिर के रूप में परिवर्तित हो गया।
ऐसे में अब कालूसिद्ध मंदिर को शिफ्ट किए जाने के बाद शनिवार 7 जून को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के द्वारा मंदिर का विधिवत उद्घाटन कर श्रद्धालुओं के दर्शनों के लिए खोल दिया जाएगा।
सीएम धामी के कार्यक्रम के अनुसार वे शनिवार 7 जून को सुबह 9: 45 बजे एफटीआई हैलीपेड हल्द्वानी पहुंचेंगे। जहां से वे कालूसिद्ध मंदिर में होने वाली प्राण प्रतिष्ठा में भाग लेने 10:05 बजे कालूसिद्ध मंदिर आएंगे। यहां वे मंदिर में कराए गए कार्यों का भी निरीक्षण करेंगे।
जिसके बाद 10: 35 बजे पर सीएम धामी यहां से प्रस्थान करते हुए नगर निगम गौशाला, गंगापुर कबडवाल, लालकुआं पहुंचेंगे। जहां वे गौ शाला में गौ-पूजन व विभिन्न योजनाओं का लोकार्पण, शिलान्यास कार्यक्रम में भाग लेंगे।
यहां से दोपहर 12:40 बजे प्रस्थान कर मुख्यमंत्री 01:15 बजे पर एपीएस स्कूल लामाचौड़ पहुुंचेंगे। जहां इन दिनों आरएसएस का ओटीसी शिविर चल रहा है। जिसके बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी 01:45 बजे प्रस्थान कर एमआईईटी कुमाऊँ नर्सिंग कॉलेज हैलीपेड पहुंच कर देहरादून के लिए प्रस्थान करेंगे।
यहां हर रोज सैकड़ों श्रद्धालु आते हैं शीश नवाने
कालू सिद्ध बाबा के मंदिर में रोजाना सैकड़ों श्रद्धालु शीश नवाने आते हैं। मन में मुरादें लेकर आने वाला हर श्रद्धालु यहां गुड़ की भेली लेकर पहुंचता है। मंदिर में भगवान बजरंगबली, शनि देव के अलावा मां दुर्गा, भगवान विष्णु के साथ अनेक देवी-देवताओं की मूर्तियां भी हैं।
हल्द्वानी के रक्षक हैं कालू सिद्ध बाबा: कालू सिद्ध बाबा को हल्द्वानी शहर का रक्षक भी माना जाता है। कालू सिद्ध बाबा को कालू साईं नाम से भी जाना जाता है। मंदिर के आसपास से गुजरने वाला हर व्यक्ति कालू सिद्ध बाबा के मंदिर में एक बार दर्शन करने जरूर आता है। मान्यता है कि मंदिर में श्रद्धा से गुड़ की भेली चढ़ाने से सभी कष्ट दूर होते हैं और हर मनोकामना पूरी होती है।
