March 8, 2026

महत्वपूर्ण अवसरों पर अवश्य करें पौधरोपण: धामी

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  •  विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री आवास में ’’एक पेड़ मां के नाम’’ अभियान के अंतर्गत पौधारोपण किया।

  • विश्व पर्यावरण दिवस: जागरूकता पोस्टर का विमोचन व इको टूरिज्म कॉर्पोरेशन के पोर्टल का किया लोकार्पण

  •  बोले, संकल्प से ही हम कर पाएंगे पर्यावरण संरक्षण : धामी

  •  मुख्यमंत्री ने किया पर्यावरण क्षेत्र में सर्वश्रेष्ठ कार्य करने वाले लोगों को सम्मानित

जन्मदिन, वैवाहिक वर्षगांठ और अन्य महत्वपूर्ण अवसरों पर अवश्य पौधरोपण करें। ऐसे प्रयासों के संकल्प से ही हम पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा दे पाएंगे। यह बातें मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विश्व पर्यावरण दिवस पर लोगों से आह्वान करते हुए कहीं। यहां उन्होंने प्रदेशवासियों और यात्रियों से भी यह आग्रह किया है कि वे जीव-जंतुओं को ऐसी वस्तुएं न खिलाएं जो उनकी सेहत के लिए हानिकारक हों।

इसके साथ ही गुरुवार को विश्व पर्यावरण दिवस पर मुख्यमंत्री धामी ने मुख्य सेवक सदन में पर्यावरण के क्षेत्र में सर्वश्रेष्ठ कार्य करने वाले लोगों को सम्मानित किया। इस दौरान सुन्दर लाल बहुगुणा प्रकृति एवं पर्यावरण संरक्षण पुरस्कार 2025 (सरकारी श्रेणी) से नगर निगम रुद्रपुर को सम्मानित किया गया। यह पुरस्कार उप नगर आयुक्त शिप्रा जोशी ने प्राप्त किया।

वहीं सुन्दर लाल बहुगुणा प्रकृति एवं पर्यावरण संरक्षण पुरस्कार-2025 (गैर सरकारी श्रेणी) से विजय जड़धारी एवं प्रताप सिंह पोखरियाल को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर उत्तराखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के जागरूकता पोस्टर का विमोचन और इको टूरिज्म कॉर्पोरेशन द्वारा तैयार किए गए पोर्टल का भी मुख्यमंत्री ने लोकार्पण किया। साथ ही प्लास्टिक मुक्त उत्तराखंड की शपथ के साथ ही स्कूली बच्चों को कपड़े के बैग प्रदान किए।

सीएम की ओर से इस वर्ष वन विभाग को प्रदेश के प्रत्येक वन डिवीज़न में एक हज़ार फलदार वृक्ष लगाने के निर्देश भी ​दिए गए ताकि जंगली जीव-जंतुओं के लिए पर्याप्त आहार मिल सके।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि, उत्तराखंड प्राकृतिक सौंदर्य और जैव विविधता से परिपूर्ण राज्य है। घने जंगल, पवित्र नदियां, हिमालयी ग्लेशियर हमारे राज्य की भौगोलिक पहचान है। सोलर मिशन, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, ग्रीन हाइड्रोजन मिशन, स्वच्छ भारत मिशन, नमामि गंगे अभियान और प्लास्टिक मुक्त भारत अभियान जैसी योजनाएं पर्यावरण संरक्षण में अहम भूमिका निभा रही हैं। साथ ही प्रदेश के नौले,धारे और वर्षा आधारित नदियों जैसे परंपरागत जल स्रोतों के संरक्षण के लिए स्प्रिंग एंड रिवर रिजुविनेशन अथॉरिटी (सारा) का गठन किया है। सीएम धामी के अलावा समारोह को वन मंत्री सुबोध उनियाल और मुख्य सचिव आनंद बर्डन ने भी संबोधित किया।

3.12 मिलियन घन मीटर वर्षा जल का संचयन
सीएम धामी ने बताया कि बीते एक वर्ष में राज्य में 6,500 से अधिक जल स्त्रोतों का संरक्षण व उपचार हुआ है। 3.12 मिलियन घन मीटर वर्षा जल का संचयन भी किया गया। चारधाम यात्रा सहित विभिन्‍न धार्मिक, पर्यटन और अन्य अवसरों पर प्रदेश में आने वाहनों में कूड़ेदान रखना अनिवार्य किया गया है। प्रदेश में आयोजित राष्ट्रीय खेलों को ग्रीन गेम्स की थीम पर आयोजित कर सभी मेडल और पुरस्कार ई-वेस्ट सामग्री से बनाए गए और खेल किट भी रीसाइकल्ड सामग्री से तैयार की गईं।

एक पेड़ मां के नाम: मां के प्रति श्रद्धा रखें प्रकृति की सेवा करें

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री आवास में एक पेड़ मां के नाम के तहत सीता अशोक का पौधा लगाया। इस दौरान उनके साथ पत्नी गीता पुष्कर धामी भी मौजूद रहीं।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर प्रदेश की जनता से भी आह्वान किया कि वे इस पावन कार्य में सहभागी बनें और अपनी मां के प्रति श्रद्धा व्यक्त करते हुए प्रकृति की सेवा
करें। यह अभियान मातृ सम्मान एवं पर्यावरण संरक्षण को समर्पित है, जिसमें प्रत्येक व्यक्ति को अपनी माता के नाम पर एक वृक्ष लगाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। इस अवसर पर वन एवं पर्यावरण मंत्री सुबोध उनियाल और मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने भी पौधारोपण किया और लोगों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति प्रेरित किया।

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