June 3, 2026

Uttarakhand BJP: महामंत्री अजय कुमार यहां रहें वरिष्ठ नेता नहीं चाहते थे

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Ajay Kumar ji
  • राष्ट्रीय अध्यक्ष को दिया था फीडबैक

उत्तराखंड में भाजपा के ही कई वरिष्ठ नेता संगठन महामंत्री अजय कुमार को अब यहां रखना नहीं चाहते थे। लिहाजा, उन वरिष्ठ नेताओं ने राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के तीन दिवसीय दौरे के दौरान उन्हें अजय कुमार को लेकर अपना फीडबैक दिया था। ऐसे में माहौल की गंभीरता को देखते हुए राष्ट्रीय अध्यक्ष ने भी तत्काल अजय कुमार को यहां से हटाकर सम्मानजनक तरीके से राजस्थान भेज दिया।

सितंबर 2019 को बतौर संगठन महामंत्री अजय कुमार ने कमान संभाली थी। अजय कुमार संगठन को करीब सात साल में बहुत गहराई से समझ चुके थे। उनका ट्रैक रिकॉर्ड चुनावों के लिहाज से शानदार भी रहा। जिसके चलते भाजपा ने पहले विधानसभा चुनाव, इसके बाद 2024 का लोकसभा चुनाव और फिर निकाय व पंचायत चुनावों में भाजपा का श्रेष्ठ प्रदर्शन किया।

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बावजूद इसके अंकिता भंडारी प्रकरण में अजय कुमार का नाम घसीटे जाने, राज्य में हुए घटनाक्रमों, सामाजिक ताने-बाने, जनभावनाओं को देखते हुए पिछले कुछ दिनों से कहीं न कहीं कई वरिष्ठ नेता चिंतित थे। उन्हें ये भी चिंता थी कि कहीं आगामी विधानसभा चुनाव में पार्टी को इसका नुकसान न उठाना पड़ें। वो भी तब जबकि विपक्षी कांग्रेस और यूकेडी अंकिता भंडारी मामले को लगातार मुद्दा बनाए हुए हैं और कोर्ट के फैसले से संतुष्ट नहीं हैं।

अलग से की पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से बात
यहां आने के बाद राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने पहले कोर कमेटी की बैठक ली। इसके बाद मंत्रियों और अलग-अलग सांगठनिक शाखाओं की बैठकें कीं। उन्होंने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से भी अलग से बात की। पार्टी के ये वरिष्ठ नेता चाहते थे कि लंबा समय यहां बिताने के बाद अजय कुमार का अब उनका यहां रहना ठीक नहीं है।

अब नए महामंत्री संगठन पर भी इस कुर्सी को लेकर चुनौतियां तो बनी रहेंगी। इसका सीधा कारण ये है कि अगला विधानसभा चुनाव सिर पर है, ऐसे में पहले तो आने वाले महामंत्री के लिए प्रदेश का सांगठनिक, भौगोलिक, सामाजिक और राजनीतिक हालातों को समझना होगा। इसके अलावा 70 विधानसभा सीटों पर संगठनात्मक पकड़ बनाने, यहां के नेताओं को समझने, जनभावनाओं को ठीक से समझने की भी चुनौती होगी।

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