September 14, 2026

उत्तराखंड समाचार: फर्जी प्रमाणपत्र से शिक्षक भर्ती मामले में 234 प्रवक्ताओं की दिव्यांगता की एम्स ऋषिकेश करेगा जांच

0
Rashikesh AIIMS

शिक्षा विभाग में राज्य गठन से लेकर अब तक दिव्यांग कोटे से भर्ती सभी 234 प्रवक्ताओं की दिव्यांगता की जांच होगी। मेडिकल बोर्ड एम्स ऋषिकेश सात मार्च से जांच शुरू करेगा। माध्यमिक शिक्षा निदेशक डॉ. मुकुल कुमार सती ने सभी मुख्य शिक्षा अधिकारियों को इस संबंध में निर्देश जारी किये हैं।

शिक्षा निदेशक ने निर्देश में कहा कि उत्तराखंड में प्रवक्ता संवर्ग में राज्य गठन से अब तक दिव्यांग कोटे से नियुक्त प्रवक्ताओं का स्वास्थ्य परीक्षण किया जाना है। चिकित्सा बोर्ड की ओर से निर्णय लिया गया है कि शिक्षकों का स्वास्थ्य परीक्षण सप्ताह में दो दिन बृहस्पतिवार और शनिवार को सुबह नौ से अपराह्न तीन बजे तक अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान एम्स ऋषिकेश में किया जाएगा।

सात मार्च को दिव्यांग कोटे से भर्ती 50 शिक्षकों के स्वास्थ्य की जांच होगी। इसके बाद क्रमश: 12 मार्च, 14 मार्च, 28 मार्च एवं दो अप्रैल को प्रवक्ताओं के स्वास्थ्य की जांच होगी। निर्देश में कहा गया है कि सभी सीईओ को दिव्यांग कोटे से भर्ती शिक्षकों की सूची भेजी गई है। सूची में शामिल शिक्षकों को इसकी जानकारी दी जाए। जांच के लिए तय तिथि को उपस्थित न होने वाले शिक्षकों के खिलाफ एकतरफा कार्रवाई की जाएगी।
यह है प्रकरण

देहरादून। शिक्षा विभाग में कुछ शिक्षक दिव्यांगता के फर्जी प्रमाणपत्र से नौकरी पा गए हैं। शिक्षा विभाग ने इन शिक्षकों को नोटिस जारी किए थे। प्रकरण तब सामने आया जब नेशनल फेडरेशन ऑफ द ब्लाइंड की ओर से हाईकोर्ट में जनहित याचिका दाखिल की गई। इस याचिका के आधार पर वर्ष 2022 में राज्य मेडिकल बोर्ड की ओर से कुछ शिक्षकों के दिव्यांगता के प्रमाणपत्रों की जांच की गई और फर्जी पाया गया। इस पर शिक्षा विभाग को इन शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए गए, लेकिन मामले में अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।

इन जिलों के शिक्षकों के सूची में नाम

दिव्यांग कोटे से भर्ती 234 शिक्षकों की सूची में पौड़ी, नैनीताल, देहरादून, उत्तरकाशी, पिथौरागढ़, बागेश्वर, चमोली, चंपावत, टिहरी, हरिद्वार सहित सभी जिलों के शिक्षक शामिल हैं।

कार्रवाई के निर्देश: न्यायालय आयुक्त दिव्यांगजन ने भी दिए थे 

न्यायालय आयुक्त दिव्यांगजन ने 22 नवंबर 2025 को इस प्रकरण की सुनवाई की जिसमें जनहित याचिका में दाखिल इस तरह के शिक्षकों की सूची शिक्षा विभाग को उपलब्ध कराते हुए मामले में कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए थे।

स्वास्थ्य महानिदेशक सुनीता टम्टा का कहना है कि कोर्ट के आदेश के तहत दिव्यांग कोटे से भर्ती शिक्षकों के स्वास्थ्य की जांच की जानी है। एम्स के न्यूरोसर्जन और स्वास्थ्य विभाग के कुछ अन्य चिकित्सकों की टीम यह जांच करेगी।

0Shares

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *