March 8, 2026

भोपाल में 'दोस्ती' की खूनी सजा: सेल्समैन का अपहरण कर बेल्ट-डंडों से पीटा, अधमरा कर अस्पताल में फेंका

0
sangarh-1772790616


भोपाल। राजधानी के कोलार क्षेत्र में आपसी रंजिश और गैंगवार जैसी मानसिकता ने एक 22 वर्षीय युवक की जान जोखिम में डाल दी। गारमेंट्स शॉप में काम करने वाले दिनेश अहिरवार को सिर्फ इसलिए अगवा कर बेरहमी से पीटा गया क्योंकि वह बदमाशों के दुश्मन का दोस्त था। आरोपियों ने न केवल उसे मरणासन्न स्थिति में पहुंचाया, बल्कि पकड़े जाने के डर से ‘एक्सीडेंट’ की झूठी कहानी रचकर उसे अस्पताल छोड़ दिया।
बांसखेड़ी पुलिया से ‘किडनैपिंग’ और 2 घंटे का टॉर्चर घटना 4 मार्च 2026 की दोपहर की है। दिनेश जब बांसखेड़ी पुलिया के पास से गुजर रहा था, तभी निक्की शुक्ला, आकाश प्रजापति और उनके 5-6 साथियों ने उसे घेर लिया।बदमाशों ने चिल्लाकर कहा, तू विशु शर्मा के साथ क्यों घूमता है? उससे हमारी पुरानी रंजिश है, अब उसकी दोस्ती का खामियाजा तुझे भुगतना होगा। बर्बरता: आरोपी उसे जबरन कार में डालकर सोम्या ग्रीन सिटी के पास एक सुनसान इलाके में ले गए।
वहां करीब दो घंटे तक उसे लाठी, डंडों और बेल्ट से तब तक पीटा गया जब तक वह बेहोश नहीं हो गया। मारपीट इतनी भीषण थी कि दिनेश की उंगलियां फ्रैक्चर हो गई और पूरा शरीर नीली चोटों से भर गया। शातिर दिमाग: पिटाई के बाद रचा ‘एक्सीडेंट’ का ड्रामा जब दिनेश बेहोश हो गया, तो आरोपी घबरा गए। खुद को बचाने के लिए उन्होंने एक शातिर चाल चली वे दिनेश को कोलार रोड स्थित सीएचसी अस्पताल ले गए। दिनेश के ही मोबाइल से उसकी बहन शिवानी को फोन किया और झूठ बोला कि तुम्हारे भाई का एक्सीडेंट हो गया है, जल्दी अस्पताल पहुंचो।
परिवार जब अस्पताल पहुंचा तो वहां दिनेश लहूलुहान हालत में मिला, जिसके बाद सच्चाई सामने आई। पुलिसिया कार्रवाई: पुराने बदमाशों पर शिकंजा कोलार थाना प्रभारी संजय सोनी के अनुसार, दिनेश के बयानों के आधार पर निक्की शुक्ला, आकाश, तिलक, दिव्यांशु, नन्नू, अजय और अमन प्रजापति के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज कर ली गई है। आपराधिक रिकॉर्ड: पुलिस ने बताया कि इन आरोपियों का पहले भी आपराधिक रिकॉर्ड रहा है। तलाश जारी: आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें अलग-अलग ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। “यह घटना भोपाल में बढ़ते ‘स्ट्रीट क्राइम’ और बेखौफ बदमाशों की बानगी है, जहां किसी से दोस्ती रखना भी अब जानलेवा साबित हो सकता है। पुलिस के लिए इन आदतन अपराधियों को सलाखों के पीछे भेजना एक बड़ी चुनौती है।”
0Shares

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *