March 8, 2026

NEET Aspirant की मौत से हड़कंप, सब्जी खाने के बाद दिमाग में हुई गंभीर बीमारी

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उत्तर प्रदेश। उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले से एक बेहद चौंकाने वाला और दुखद मामला सामने आया है, जिसने असंतुलित और असाफ-सुथरे खाने के गंभीर स्वास्थ्य खतरों को उजागर कर दिया है। नीट की तैयारी कर रही 18 वर्षीय छात्रा इलमा की दिल्ली के राम मनोहर लोहिया अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। डॉक्टरों के अनुसार, पत्ता गोभी के जरिए शरीर में पहुंचा परजीवी (कीड़ा) दिमाग तक पहुँच गया, जिससे वहां करीब 25 गांठें बन गईं।

इलमा कौन थीं?

मंडी धनौरा थाना क्षेत्र के गांव चुचैला कलां निवासी किसान नदीम अहमद की बड़ी बेटी इलमा एक प्राइवेट स्कूल में इंटरमीडियेट की छात्रा थी। साथ ही वह नीट की तैयारी भी कर रही थी। परिवार के अनुसार, इलमा पढ़ाई में होशियार थी और डॉक्टर बनने का सपना देख रही थी। उसकी पढ़ाई और स्वास्थ्य के प्रति परिजनों की चिंता इसे और भी दर्दनाक बनाती है।

कैसे बिगड़ी तबीयत?

परिजनों ने बताया कि करीब एक महीने पहले इलमा को टाइफाइड हुआ था। इसके बाद उसकी सेहत लगातार गिरती चली गई। पहले उसे नोएडा के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां सीटी स्कैन और एमआरआई रिपोर्ट में दिमाग में 7-8 गांठें सामने आईं। इलाज के बाद कुछ समय के लिए उसकी हालत में सुधार हुआ, लेकिन फिर अचानक उसकी तबीयत बिगड़ गई। दोबारा जांच कराने पर डॉक्टर भी हैरान रह गए, क्योंकि अब दिमाग में गांठों की संख्या बढ़कर 25 हो गई थी।

दिल्ली में भी नहीं बच सकी जान

हालत गंभीर होने पर 22 दिसंबर को परिवार इलमा को दिल्ली के राम मनोहर लोहिया अस्पताल लेकर पहुंचे। यहां डॉक्टरों ने दिमाग का ऑपरेशन किया, लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद 29 दिसंबर को इलाज के दौरान इलमा की मौत हो गई। पिता के अनुसार, डॉक्टरों ने बताया कि पत्ता गोभी के जरिए शरीर में गया परजीवी दिमाग तक पहुंच गया, जिसने गांठों का रूप ले लिया और जानलेवा साबित हुआ।

यह पहला मामला नहीं

इससे ठीक एक सप्ताह पहले, अमरोहा के अफगानान मोहल्ले में 11वीं कक्षा की छात्रा अहाना की भी दिल्ली एम्स में इलाज के दौरान मौत हो चुकी थी। डॉक्टरों ने बताया कि लगातार फास्ट फूड और असंतुलित भोजन की वजह से उसका पाचन तंत्र पूरी तरह खराब हो गया था। ऑपरेशन के बाद भी उसकी जान नहीं बचाई जा सकी।

विशेषज्ञों की चेतावनी

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि असंतुलित आहार, बिना धोई गई सब्जियां और फास्ट फूड की आदतें बच्चों और युवाओं के लिए जानलेवा हो सकती हैं। ऐसे संक्रमण और परजीवी तेजी से शरीर में फैल सकते हैं और दिमाग जैसी संवेदनशील जगह तक पहुँचकर गंभीर खतरा पैदा कर सकते हैं। लगातार सामने आ रहे ये मामले यह साफ संकेत दे रहे हैं कि खाने-पीने में साफ-सफाई और संतुलन बनाए रखना बेहद जरूरी है।

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