March 8, 2026

उत्तराखंड में 159 हिंदू शरणार्थियों को मिलेगी भारतीय नागरिकता, इनमें 153 पाकिस्तानी भी शामिल

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देहरादून।
उत्तराखंड (Uttarakhand) में नागरिकता संशोधन कानून (Citizenship Amendment Act) के तहत बड़ी पहल होने जा रही है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी (Chief Minister Pushkar Singh Dhami) ने सोमवार को घोषणा की कि सिटिजनशिप अमेंडमेंट ऐक्ट 2019 (सीएए) के तहत राज्य में रह रहे 159 हिंदू शरणार्थियों को भारतीय नागरिकता (Indian Citizenship) प्रदान की जाएगी। इसके अलावा अमित शाह के सात मार्च को उत्तराखंड दौरे के दौरान कार्यक्रम में सम्मानित भी किया जाएगा।

नागरिकता संशोधन अधिनियम, 2019 के तहत केंद्र सरकार ने 31 दिसंबर 2014 से पहले भारत में शरण लेने आए हिंदू, सिख, जैन, बौद्ध, पारसी और ईसाई समुदाय के लोगों को नागरिकता देने का प्रावधान किया है। यह कानून विशेष रूप से अफगानिस्तान, पाकिस्तान और बांग्लादेश में धार्मिक उत्पीड़न का सामना कर चुके अल्पसंख्यक समुदायों को राहत देने के उद्देश्य से लाया गया था।

मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार ने कानून में संशोधन कर वर्षों से भारत में रह रहे शरणार्थी परिवारों की समस्याओं का समाधान किया है और उन्हें सम्मानजनक जीवन का अधिकार देने की दिशा में ठोस कदम उठाया है।

अमित शाह के कार्यक्रम में सम्मानित होंगे
एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सात मार्च को उत्तराखंड के दौरे पर आएंगे। हरिद्वार में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान नागरिकता प्राप्त करने वाले परिवारों को सम्मानित किया जाएगा। इस कार्यक्रम को राज्य सरकार और केंद्र सरकार की संयुक्त पहल के रूप में देखा जा रहा है।

पाकिस्तान और अफगानिस्तान से आए परिवार
राज्य सरकार के आंकड़ों के अनुसार, नागरिकता पाने वाले 159 लोगों में से 153 पाकिस्तान और छह अफगानिस्तान से आए हैं। पाकिस्तान से आने वाले अधिकांश परिवार सिंध और बलूचिस्तान प्रांत के निवासी हैं। इन परिवारों के कई रिश्तेदार पहले से ही देहरादून, ऋषिकेश, हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर में निवास कर रहे हैं। जानकारी यह भी सामने आई है कि पाकिस्तान स्थित माता हिंगलाज मंदिर से जुड़े पुजारी परिवार ने भी भारत में शरण ली थी, जिन्हें अब भारतीय नागरिकता दी जा रही है।

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