July 26, 2026

कॉमनवेल्थ गेम्स से पहले नीरज का दमदार संदेश, कहा- विदेशी खिलाड़ियों से अब नहीं घबराते भारतीय

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नई दिल्ली । भारत के स्टार जैवलिन थ्रोअर और ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता नीरज चोपड़ा ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 से पहले भारतीय खिलाड़ियों के बढ़ते आत्मविश्वास को देश के खेलों के लिए सबसे बड़ा बदलाव बताया है। ग्लासगो पहुंचने के बाद मीडिया से बातचीत में नीरज ने कहा कि अब भारतीय खिलाड़ी विदेशी एथलीटों से डरते नहीं हैं, बल्कि पूरी मजबूती और आत्मविश्वास के साथ मुकाबला करते हैं। उनका मानना है कि पिछले कुछ वर्षों में भारतीय खेलों की तस्वीर बदली है और इसका सबसे बड़ा कारण खिलाड़ियों का मानसिक रूप से मजबूत होना है।

नीरज ने कहा कि पहले भारतीय खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में विदेशी खिलाड़ियों को खुद से बेहतर मान लेते थे। इससे प्रदर्शन पर भी असर पड़ता था, लेकिन अब हालात पूरी तरह बदल चुके हैं। आज भारतीय एथलीट कड़ी मेहनत, आधुनिक प्रशिक्षण और बेहतर तैयारी के दम पर दुनिया के किसी भी खिलाड़ी को चुनौती देने का माद्दा रखते हैं। यही आत्मविश्वास अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की सफलता की सबसे बड़ी ताकत बन रहा है।

कॉमनवेल्थ गेम्स में अपनी तैयारियों को लेकर नीरज ने कहा कि ग्लासगो की ठंडी हवाएं और मौसम निश्चित रूप से चुनौतीपूर्ण हैं, लेकिन ये परिस्थितियां सभी खिलाड़ियों के लिए समान हैं। ऐसे में मौसम को बहाना बनाने के बजाय मानसिक रूप से मजबूत रहना ज्यादा जरूरी है। उनका कहना है कि किसी भी कठिन परिस्थिति में यह सोचना चाहिए कि उसमें अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कैसे किया जाए।

उन्होंने कहा कि किसी भी प्रतियोगिता में उनका लक्ष्य केवल पदक जीतना नहीं होता, बल्कि अपनी तकनीक और रणनीति को पूरी तरह लागू करना होता है। यदि खिलाड़ी मैदान पर अपना शत-प्रतिशत दे देता है तो परिणाम अपने आप बेहतर आते हैं। नीरज ने कहा कि वह हर बार भारत की जर्सी पहनकर मैदान में उतरते हैं तो वह प्रतियोगिता उनके लिए खास बन जाती है और इस बार भी उनका प्रयास देश के लिए सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने का रहेगा।

फिटनेस को लेकर नीरज ने भरोसा जताया कि वह पहले की तुलना में बेहतर स्थिति में हैं। उन्होंने बताया कि विश्व चैंपियनशिप और दोहा प्रतियोगिता के बाद उन्होंने अपनी कमजोरियों पर लगातार काम किया है। अब वह खुद को पहले से ज्यादा फिट और तैयार महसूस कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि कॉमनवेल्थ गेम्स के तुरंत बाद एशियन गेम्स होने हैं, इसलिए लगातार फिट रहना और प्रदर्शन में निरंतरता बनाए रखना उनकी प्राथमिकता है।

90 मीटर से ज्यादा का थ्रो करने के बाद हर प्रतियोगिता में उसी प्रदर्शन को दोहराने के दबाव के सवाल पर नीरज ने कहा कि उनका ध्यान किसी एक दूरी पर नहीं रहता। उनका लक्ष्य हर बार अपने पिछले प्रदर्शन से बेहतर करना और दुनिया के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों के बीच अपनी पहचान मजबूत बनाए रखना है। उन्होंने स्वीकार किया कि ग्लासगो में मुकाबला बेहद कठिन होगा क्योंकि यहां ओलंपिक, कॉमनवेल्थ और डायमंड लीग के कई चैंपियन खिलाड़ी मौजूद हैं, लेकिन वह पूरी तैयारी और आत्मविश्वास के साथ मैदान में उतरेंगे।

नीरज चोपड़ा ने खिलाड़ियों को मिल रहे सरकारी सहयोग की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में प्रशिक्षण, विदेशों में अभ्यास और अन्य सुविधाओं में काफी सुधार हुआ है। इससे भारतीय खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने में बड़ी मदद मिली है। उनका मानना है कि यदि यही समर्थन और तैयारी आगे भी जारी रही तो भारतीय खिलाड़ी आने वाले वर्षों में वैश्विक खेल मंच पर और अधिक बड़ी सफलताएं हासिल करेंगे।

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