स्वियाटेक ने लौटाया अपना जलवा! रायबाकिना को सीधे सेटों में हराकर बनीं कैनेडियन ओपन चैंपियन
फाइनल में स्वियाटेक ने शुरुआत से ही अपने खेल पर नियंत्रण बनाए रखा। पहले सेट में उन्होंने रायबाकिना पर दबाव बनाया और अपनी आक्रामकता के दम पर लगातार अंक जुटाए। दूसरी ओर रायबाकिना की गलतियों ने उनकी मुश्किलें और बढ़ा दीं। कजाकिस्तान की खिलाड़ी ने लगातार दो डबल फॉल्ट किए और इसके कारण महत्वपूर्ण ब्रेक पॉइंट गंवा दिया। स्वियाटेक ने मौके का फायदा उठाते हुए अपनी बढ़त मजबूत की और पहला सेट 6-2 से अपने नाम कर लिया।
दूसरे सेट में भी मुकाबले की तस्वीर ज्यादा नहीं बदली। रायबाकिना को अपनी गलतियों का खामियाजा भुगतना पड़ा। उनके दो बैकहैंड शॉट चूकने से स्वियाटेक को एक और ब्रेक हासिल करने का मौका मिला और पोलिश खिलाड़ी ने इसे हाथ से जाने नहीं दिया। रायबाकिना ने वापसी की कोशिश जरूर की और एक चैंपियनशिप पॉइंट बचाने में भी सफल रहीं लेकिन स्वियाटेक ने अगले मौके पर मैच खत्म कर दिया। उन्होंने दूसरा सेट 6-3 से जीतकर खिताब पर कब्जा जमा लिया।
स्वियाटेक के लिए यह जीत केवल एक ट्रॉफी नहीं बल्कि आत्मविश्वास लौटाने वाली उपलब्धि भी है। पिछले सितंबर के बाद यह उनका पहला खिताब है। लगातार खिताब से दूर रहने के कारण उनके प्रदर्शन पर सवाल उठ रहे थे लेकिन कैनेडियन ओपन में उन्होंने पूरे टूर्नामेंट के दौरान अपने खेल में निरंतरता दिखाई और फाइनल में भी दबाव के बीच बेहतरीन प्रदर्शन किया। अब उनकी नजर यूएस ओपन पर होगी और कैनेडियन ओपन की यह जीत उनके लिए ग्रैंड स्लैम से पहले मनोबल बढ़ाने वाली साबित हो सकती है।
खिताब जीतने के बाद स्वियाटेक ने अपनी भावनाएं खुलकर जाहिर कीं। उन्होंने माना कि पिछले कुछ महीने उनके लिए आसान नहीं रहे हैं। ऑनलाइन और सोशल मीडिया पर लगातार होने वाली आलोचनाओं और लोगों की राय से निपटना उनके लिए चुनौतीपूर्ण रहा। इसके बावजूद उन्होंने अपने खेल में बदलाव करने और खुद को बेहतर बनाने पर ध्यान केंद्रित किया। स्वियाटेक ने कहा कि उनके आसपास मौजूद लोगों का समर्थन उन्हें हर दिन आगे बढ़ने और अपना सर्वश्रेष्ठ देने के लिए प्रेरित करता रहा।
स्वियाटेक ने अपनी खिताबी जीत को उन लोगों को समर्पित किया जिन्हें गलत तरीके से जज किया जाता है या जिन्हें खेल और जिंदगी के दूसरे क्षेत्रों में नफरत का सामना करना पड़ता है। उन्होंने संदेश दिया कि नकारात्मक विचारों को खुद पर हावी होने देना सही नहीं है। इसके बजाय आगे बढ़ते रहना अपनी कोशिशों पर ध्यान देना और खुद पर भरोसा बनाए रखना जरूरी है।
कैनेडियन ओपन की यह जीत स्वियाटेक के लिए एक नए दौर की शुरुआत भी मानी जा सकती है। लंबे अंतराल के बाद मिली ट्रॉफी ने उनके आत्मविश्वास को मजबूत किया है। अब सभी की नजरें इस बात पर होंगी कि वह इस लय को यूएस ओपन तक कैसे कायम रखती हैं और क्या इस जीत के बाद ग्रैंड स्लैम में भी अपना दबदबा दोबारा कायम कर पाती हैं।
