ग्लासगो में भारत का परचम लहराया शर्मिला बनीं गोल्डन गर्ल चार नए पदकों के साथ मेडल टैली में मजबूत हुई दावेदारी
महिला शॉट पुट एफ57 वर्ग के फाइनल में शर्मिला ने शुरुआत से ही शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने छह प्रयासों में लगातार बेहतरीन थ्रो किए और तीसरे प्रयास में 9 दशमलव 81 मीटर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया। यह उनका इस सत्र का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन भी रहा। पूरे मुकाबले में उन्होंने आत्मविश्वास और तकनीकी कौशल का बेहतरीन प्रदर्शन किया जिससे प्रतिद्वंद्वी खिलाड़ी उनके आसपास भी नहीं पहुंच सके।
इस स्पर्धा में घाना की जिनाबु इसाह ने 8 दशमलव 65 मीटर के सर्वश्रेष्ठ प्रयास के साथ रजत पदक हासिल किया जबकि भारत की शिल्पा कंचुगरकोप्पालु शायला ने 7 दशमलव 26 मीटर का व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए कांस्य पदक अपने नाम किया। इस तरह एक ही स्पर्धा में भारत ने स्वर्ण और कांस्य दोनों पदक जीतकर शानदार उपलब्धि दर्ज की।
एथलेटिक्स में भी भारत को बड़ी सफलता मिली। पुरुषों की हाई जंप स्पर्धा में सर्वेश अनिल कुशारे ने 2 दशमलव 25 मीटर की ऊंची छलांग लगाकर रजत पदक अपने नाम किया। गोल्ड मेडल की दौड़ बेहद रोमांचक रही क्योंकि सर्वेश और जमैका के रोमेन बेकफोर्ड दोनों ने समान ऊंचाई पार की। हालांकि प्रयासों की संख्या के आधार पर स्वर्ण पदक जमैका के खिलाड़ी के नाम रहा जबकि सर्वेश को रजत से संतोष करना पड़ा। इसके बावजूद उनका प्रदर्शन भारतीय एथलेटिक्स के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
वेटलिफ्टिंग में भी भारत ने अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराई। पुरुषों के 79 किलोग्राम वर्ग में वल्लूरी अजय बाबू ने कुल 330 किलोग्राम वजन उठाकर रजत पदक जीता। उन्होंने स्नैच में 149 किलोग्राम का गेम रिकॉर्ड बनाया और क्लीन एंड जर्क में 181 किलोग्राम भार उठाया। हालांकि मलेशिया के एरी हिदायत मुहम्मद ने कुल 331 किलोग्राम वजन उठाकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। दोनों खिलाड़ियों के बीच मुकाबला बेहद कांटे का रहा और अजय बाबू केवल एक किलोग्राम के अंतर से स्वर्ण पदक से चूक गए।
भारतीय खिलाड़ियों के लगातार शानदार प्रदर्शन ने यह साबित कर दिया है कि देश के खिलाड़ी अब हर बड़े अंतरराष्ट्रीय मंच पर दमदार चुनौती पेश कर रहे हैं। पैरा खेलों से लेकर एथलेटिक्स और वेटलिफ्टिंग तक भारतीय प्रतिभाएं लगातार पदक जीतकर देश का मान बढ़ा रही हैं। आने वाले दिनों में भी कई स्पर्धाओं में भारतीय खिलाड़ियों से पदकों की उम्मीद बनी हुई है और खेल प्रेमियों की नजर अब अगले मुकाबलों पर टिकी है।
