बिहार-असम में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज केस होंगे वापस, सरकार से वार्ता के बाद CJP का बड़ा अपडेट
सौरभ दास ने बताया कि पूरे मामले में मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे दिल्ली पुलिस के प्रतिनिधि उनसे मिलने पहुंचे। करीब डेढ़ से दो घंटे तक चली बैठक में सरकार की ओर से किए गए वादों के क्रियान्वयन पर विस्तार से चर्चा हुई।
उन्होंने कहा कि पुलिस प्रतिनिधि अपने साथ बिहार सरकार के गृह विभाग की एक प्रेस विज्ञप्ति भी लाए थे, जिसमें स्पष्ट रूप से उल्लेख है कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज सभी एफआईआर वापस ली जाएंगी और भविष्य में भी उनके विरुद्ध कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी।
#Important: 1 AM update.
Hours after our press conference, Government’s representatives met us. The meeting lasted for 2-3 hours. They shared copies of the Bihar and Assam notifications guaranteeing FIR withdrawals, no action in future, and release of all detainees and… pic.twitter.com/G7WcHHcfAs
— Saurav Das (@SauravDassss) July 27, 2026
सौरभ दास के मुताबिक बैठक में उन अन्य राज्यों पर भी चर्चा हुई, जहां प्रदर्शनकारियों के खिलाफ मामले दर्ज किए गए हैं। सरकार ने भरोसा दिलाया है कि जिन राज्यों को लेकर चिंता जताई गई है, वहां भी जल्द इसी तरह की अधिसूचनाएं जारी की जाएंगी। यदि किसी राज्य में मामलों की वापसी नहीं होती है, तो पार्टी संबंधित सरकार से सीधे संपर्क कर समाधान सुनिश्चित करेगी। शेष राज्यों की सूची भी सरकार को उपलब्ध कराई जाएगी।
उन्होंने कहा कि आंदोलन की शुरुआत से ही पार्टी हर प्रदर्शनकारी के साथ मजबूती से खड़ी रही है और आगे भी किसी को अकेला नहीं छोड़ा जाएगा। इस दौरान उन्होंने रत्ना, आशु, अभिजीत और वैष्णवी समेत टीम के अन्य सदस्यों के योगदान का भी उल्लेख किया।
वहीं, रत्ना सिंह ने कानूनी सहायता को लेकर जानकारी देते हुए बताया कि विभिन्न स्थानों पर प्रदर्शनकारियों की मदद करने वाले वकीलों से लगातार संपर्क बनाए रखा गया है। फिलहाल औपचारिक लीगल टीम का गठन नहीं हुआ है, लेकिन इसे जल्द अंतिम रूप दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि पार्टी ने यह सुनिश्चित किया है कि वकीलों के प्रयास व्यर्थ न जाएं और इस संबंध में लिखित आश्वासन भी प्राप्त हो चुका है।
