मैथ्यूस कुन्हा के दो गोलों से ब्राजील का शानदार प्रदर्शन, हैती पर एकतरफा जीत दर्ज कर वर्ल्ड कप में मजबूत किया दावा
टूर्नामेंट के अपने पिछले मुकाबले में अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर पाने के बाद ब्राजील पर दबाव था। मोरक्को के खिलाफ ड्रॉ के बाद टीम की रणनीति और फिनिशिंग क्षमता को लेकर सवाल उठे थे। हालांकि हैती के खिलाफ मैदान पर उतरी ब्राजीलियाई टीम पूरी तरह बदली हुई नजर आई। शुरुआती मिनटों से ही खिलाड़ियों ने गेंद पर नियंत्रण बनाए रखा और लगातार आक्रमण करते हुए विरोधी टीम पर दबाव बनाया।
ब्राजील के आक्रमण की अगुवाई मैथ्यूस कुन्हा, विनीसियस जूनियर और राफिन्हा ने की। तीनों खिलाड़ियों के बीच शानदार तालमेल देखने को मिला, जिससे हैती का रक्षात्मक ढांचा लगातार दबाव में रहा। मैच का पहला गोल पहले हाफ में आया, जब ब्राजील के हमले के दौरान गेंद हैती के डिफेंडर से टकराने के बाद गोल में पहुंच गई और टीम को शुरुआती बढ़त मिल गई। इस गोल ने ब्राजील को और अधिक आत्मविश्वास प्रदान किया।
पहला गोल मिलने के बाद ब्राजील ने अपनी गति और तेज कर दी। कुछ ही देर बाद मैथ्यूस कुन्हा ने शानदार व्यक्तिगत कौशल का प्रदर्शन करते हुए बॉक्स के बाहर से बेहतरीन शॉट लगाया, जिसे रोक पाना गोलकीपर के लिए संभव नहीं था। इस गोल ने ब्राजील की बढ़त को दोगुना कर दिया और मुकाबले की दिशा लगभग तय कर दी।
पहले हाफ के अंतिम क्षणों में विनीसियस जूनियर ने भी अपना नाम स्कोरशीट में दर्ज कराया। तेज मूवमेंट और सटीक फिनिशिंग के दम पर उन्होंने टीम के लिए तीसरा गोल किया। पहले हाफ की समाप्ति तक ब्राजील 3-0 की मजबूत बढ़त हासिल कर चुका था और हैती के लिए वापसी की संभावनाएं बेहद सीमित हो गई थीं।
दूसरे हाफ में हैती ने आक्रामक रवैया अपनाने का प्रयास किया और कुछ मौकों पर ब्राजील के गोल पर खतरा भी पैदा किया। हालांकि ब्राजील की रक्षापंक्ति और गोलकीपर एलिसन ने शानदार संयम दिखाया। एक अवसर पर हैती के खिलाड़ी ने हेडर के जरिए गोल करने की कोशिश की, लेकिन एलिसन ने बेहतरीन बचाव करते हुए टीम की बढ़त बरकरार रखी।
मुकाबले के अंतिम चरण में ब्राजील के युवा खिलाड़ी एंड्रिक ने भी गेंद को गोल में पहुंचाया, लेकिन रेफरी ने उसे ऑफसाइड करार दे दिया। इसके बावजूद ब्राजील की जीत पर कोई असर नहीं पड़ा और टीम ने पूरे आत्मविश्वास के साथ मुकाबला अपने नाम कर लिया।
इस परिणाम के साथ ब्राजील ने न केवल ग्रुप में अपनी स्थिति मजबूत की है, बल्कि खिताब की दौड़ में अपनी दावेदारी भी प्रभावी ढंग से प्रस्तुत की है। दूसरी ओर लगातार दूसरी हार झेलने वाली हैती की टीम टूर्नामेंट से बाहर हो गई है। ब्राजील अब आगामी मुकाबलों में इसी लय को बरकरार रखते हुए नॉकआउट चरण में मजबूत स्थिति हासिल करने का प्रयास करेगा।
