उज्जैन में दो मंजिला मकान भरभराकर ढहा, मलबे में दबकर किशोर की मौत; पांच गंभीर, निर्माण कार्य पर उठे सवाल
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार सुबह का समय होने के कारण मकान के भीतर कई लोग मौजूद थे। अचानक तेज आवाज के साथ पूरी इमारत जमींदोज हो गई। मकान के गिरते ही आसपास रहने वाले लोगों ने बिना समय गंवाए राहत कार्य शुरू कर दिया। स्थानीय नागरिकों ने मलबा हटाकर अंदर फंसे लोगों को बाहर निकालने का प्रयास किया और प्रशासन को सूचना दी। कुछ ही देर में पुलिस और राहत दल भी मौके पर पहुंच गए।
जानकारी के अनुसार हादसे के समय मकान के भीतर कुल आठ लोग मौजूद थे। मकान के ढहने से सभी लोग मलबे के नीचे दब गए। स्थानीय लोगों और बचाव दल की मदद से घायलों को बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया। हादसे में 15 वर्षीय अरशान कुरैशी की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं खुर्शीद बी, इकलाश, फरान नाज, शेर मोहम्मद और परवीन बी गंभीर रूप से घायल हुए हैं। चिकित्सकों की निगरानी में उनका उपचार जारी है और उनकी स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
हादसे के बाद पूरे क्षेत्र में शोक और चिंता का माहौल है। आसपास के लोगों का कहना है कि मकान के गिरने की घटना इतनी अचानक हुई कि किसी को संभलने का मौका तक नहीं मिला। तेज धमाके जैसी आवाज सुनकर लोग घरों से बाहर निकल आए और मौके पर पहुंचकर बचाव कार्य में जुट गए। कई घंटों तक इलाके में लोगों की आवाजाही प्रभावित रही और सुरक्षा के मद्देनजर प्रशासन ने क्षेत्र को घेराबंदी कर सुरक्षित किया।
प्रारंभिक जांच में मकान ढहने के पीछे पड़ोस में चल रहे निर्माण कार्य को संभावित कारण माना जा रहा है। स्थानीय स्तर पर मिली जानकारी के अनुसार समीप स्थित एक भवन का निर्माण कार्य जारी था, जिसके कारण प्रभावित मकान की नींव पर प्रतिकूल असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि हादसे के वास्तविक कारणों का पता विस्तृत तकनीकी जांच के बाद ही चल सकेगा। विशेषज्ञों की टीम को भी घटनास्थल का निरीक्षण करने के लिए लगाया गया है।
पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण कर आवश्यक जानकारी जुटाई है। आसपास के अन्य मकानों की स्थिति का भी आकलन किया जा रहा है ताकि भविष्य में किसी संभावित खतरे को रोका जा सके। अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद यदि किसी स्तर पर लापरवाही या नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है तो संबंधित पक्षों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
उज्जैन में हुए इस हादसे ने एक बार फिर पुराने और कमजोर भवनों की सुरक्षा, निर्माण कार्यों की निगरानी तथा शहरी क्षेत्रों में भवन निर्माण संबंधी नियमों के पालन को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल प्रशासन राहत कार्य, घायलों के उपचार और घटना के कारणों की जांच पर प्राथमिकता से काम कर रहा है।
