March 10, 2026

मऊगंज में आदिवासी युवक की संदिग्ध मौत एएसआई सहित चार पुलिसकर्मी गिरफ्तारमामले की जांच जारी

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मऊगंज । मध्य प्रदेश मऊगंज थाना में एक आदिवासी युवक की संदिग्ध मौत का मामला सामने आया हैजिसे लेकर पुलिसकर्मियों के खिलाफ जांच की गई और चार पुलिसकर्मियों को गिरफ्तार किया गया है। युवक की मौत 16 फरवरी 2023 को थाने में हुई थीजिसके बाद स्थानीय लोगों और परिजनों ने इसे हत्या का मामला बताया था। घटना को लेकर मजिस्ट्रेटियल जांच का आदेश दिया गयाऔर पुलिस की भूमिका पर गंभीर सवाल उठाए गए।

घटना 16 फरवरी 2023 की हैजब मऊगंज जिले के घुरेहटा वार्ड 12 के निवासी आदिवासी युवक कैलाश कोल उम्र 29 वर्ष को चोरी के संदेह में ग्रामीणों ने बंधक बना लिया था। ग्रामीणों का आरोप था कि कैलाश ने चोरी की थीजिसके बाद उन्होंने उसे पुलिस को सौंप दिया। सूचना मिलने पर डायल-100 पुलिस टीम मौके पर पहुंची और युवक को थाने लेकर आई। थाने में युवक को मुंशी कक्ष में बैठाया गयाजबकि उस समय एएसआइ सूर्यबली सिंह थाने में ड्यूटी पर तैनात थे। बताया गया है कि युवक के शरीर पर पहले से ही गंभीर चोटों के निशान थेऔर थाने में पूछताछ के दौरान उसकी हालत बिगड़ी।

कुछ ही देर में युवक की मौत हो गईजिसके बाद परिवार और स्थानीय लोग आक्रोशित हो गए और थाने में हंगामा मच गया। इस घटना के बाद पुलिस ने मामला दर्ज किया और मजिस्ट्रेट जांच का आदेश दिया।मजिस्ट्रेट जांच के दौरान थाने के सीसीटीवी फुटेज जब्त किए गए। इन फुटेज की समीक्षा में यह स्पष्ट हुआ कि युवक के साथ पुलिसकर्मियों ने दुर्व्यवहार किया था। एएसआइ सूर्यबली सिंह की भूमिका संदिग्ध पाई गईजिसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। इसके अलावाविवेक गिरीवीरेंद्र उर्फ वीरू रजक और गणेश गिरी को भी आरोपी बनाया गया।मजिस्ट्रेट जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर पुलिस ने इन सभी पुलिसकर्मियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 304 हत्या 330 यातना 342 गिरफ्तारी के बाद अवैध तरीके से रखने 34 सामान्य उद्देश्य और एससी-एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया।
सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गयाजहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। यह घटना जिले में पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाती है और आदिवासी समुदाय के प्रति पुलिस के व्यवहार को लेकर गंभीर चिंताएं व्यक्त की जा रही हैं। स्थानीय लोग और सामाजिक कार्यकर्ता पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए न्याय की मांग कर रहे हैं। इस घटना के बाद प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि मामले की पूरी निष्पक्षता से जांच की जाएगी और दोषियों को कड़ी सजा दिलवाने की कोशिश की जाएगी। इस पूरे घटनाक्रम से यह भी स्पष्ट होता है कि पुलिस की जवाबदेही को लेकर अब और अधिक सख्त कदम उठाने की जरूरत हैताकि ऐसे मामले भविष्य में न हों।

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