September 14, 2026

कई महीनों से पेट दर्द और उल्टी से परेशान थी किशोरी जांच में सामने आया बालों का बड़ा गुच्छा

0
untitled-1789375853

शिवपुरी । शिवपुरी के श्रीमंत राजमाता विजयाराजे सिंधिया मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में डॉक्टरों की टीम ने 14 वर्षीय किशोरी का जटिल ऑपरेशन कर उसके पेट से बालों का बड़ा गुच्छा निकाला है। करीब 16×14 सेंटीमीटर आकार का यह बालों का गुच्छा पेट के लगभग 90 प्रतिशत हिस्से में फैला हुआ था और छोटी आंत तक पहुंच गया था। करीब तीन घंटे तक चली ओपन सर्जरी के बाद किशोरी की हालत अब स्थिर बताई जा रही है।

किशोरी को पिछले कई महीनों से लगातार पेट दर्द की शिकायत थी। इसके साथ ही उसे उल्टी होती थी और पेट भरा हुआ महसूस होता था। भूख भी काफी कम लग रही थी। लगातार बनी इन परेशानियों के बाद उसे 11 सितंबर को मेडिकल कॉलेज के सर्जरी विभाग में भर्ती कराया गया। जांच के दौरान उसका हीमोग्लोबिन स्तर सिर्फ 7.8 ग्राम पाया गया। डॉक्टरों ने उसकी स्थिति को देखते हुए उसे दो यूनिट खून चढ़ाया।

इसके बाद किशोरी का सीटी स्कैन कराया गया। जांच में पेट के भीतर बड़े आकार का बालों का गुच्छा दिखाई दिया। साथ ही आंत में छेद होने की आशंका भी सामने आई। मरीज की स्थिति और पेट में मौजूद गुच्छे के आकार को देखते हुए डॉक्टरों ने सामान्य प्रक्रिया के बजाय ओपन सर्जरी करने का फैसला लिया।

अधिष्ठाता डॉ. ईला गुजारिया के मार्गदर्शन और सर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ. अनंत राखोंडे के नेतृत्व में डॉक्टरों की टीम ने ऑपरेशन किया। प्रोफेसर डॉ. सौरभ चौहान और असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. कौशलेन्द्र सिंह नरवरिया के साथ पीजी डॉक्टर डॉ. महेश पाटीदार ने सर्जरी में हिस्सा लिया। एनेस्थीसिया विभागाध्यक्ष डॉ. प्रियंका गुप्ता की देखरेख में करीब तीन घंटे तक ऑपरेशन चला।

डॉक्टरों के मुताबिक पेट में मौजूद बालों का गुच्छा इतना बड़ा हो चुका था कि उसे सामान्य एंडोस्कोपी के जरिए पूरी तरह निकालना मुश्किल था। इसी वजह से पेट खोलकर सर्जरी की गई और बालों के पूरे गुच्छे को बाहर निकाला गया। ऑपरेशन के बाद किशोरी की हालत स्थिर है और डॉक्टर उसकी लगातार निगरानी कर रहे हैं।

प्रोफेसर डॉ. सौरभ चौहान ने बताया कि बाल आसानी से पचते नहीं हैं। लंबे समय तक बाल निगलने पर वे पेट में जमा होते रहते हैं और धीरे धीरे एक ठोस गुच्छे का रूप ले लेते हैं। इसी स्थिति को ट्राइकोबेजोआर कहा जाता है। इस किशोरी के मामले में भी पेट के भीतर लंबे समय तक बाल जमा होने के कारण बड़ा गुच्छा बन गया था।

असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. कौशलेन्द्र सिंह नरवरिया के मुताबिक ऐसी स्थिति कई बार ट्राइकोटिलोमेनिया यानी बाल तोड़ने की आदत और ट्राइकोफेजिया यानी बाल खाने या निगलने की आदत से जुड़ी हो सकती है। मानसिक तनाव और चिंता भी इसके पीछे एक कारण हो सकते हैं। ऐसे मामलों में केवल सर्जरी ही पर्याप्त नहीं मानी जाती बल्कि ऑपरेशन के बाद मरीज की निगरानी और जरूरत के अनुसार मानसिक स्वास्थ्य संबंधी परामर्श भी महत्वपूर्ण होता है।

यह मामला इस बात की ओर भी ध्यान दिलाता है कि बच्चों और किशोरों में लंबे समय तक बने रहने वाले पेट दर्द उल्टी भूख कम लगना या पेट भरा रहने जैसी समस्याओं को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। समय पर जांच होने से गंभीर स्थिति का पता लगाया जा सकता है और उचित उपचार शुरू किया जा सकता है।

0Shares

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *