MP में अगले 4 दिन बदलेगा मौसम, ग्वालियर-चंबल समेत 5 संभागों में बारिश के आसार
मौसम विभाग के मुताबिक, शुक्रवार को ग्वालियर, श्योपुर, भिंड, मुरैना और शिवपुरी में आंधी-बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। इसके बाद 17 अक्टूबर को ग्वालियर, भिंड, मुरैना, दतिया, श्योपुर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, आगर-मालवा, राजगढ़, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर और पन्ना में बारिश होने का अनुमान है। इन इलाकों में 18 और 19 अक्टूबर को भी मौसम का मिजाज बिगड़ा रह सकता है।
इससे पहले गुरुवार को नीमच, मंदसौर, ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड और शिवपुरी में बादल छाए रहे। कई स्थानों पर हल्की बारिश और आंधी जैसी स्थिति भी बनी।
अमरकंटक में 15.8 डिग्री पर पहुंचा पारा
बारिश के बीच प्रदेश के कई शहरों में रात का तापमान 18 डिग्री सेल्सियस से नीचे बना हुआ है। मौसम विभाग के अनुसार, 20 अक्टूबर के बाद रात में ठंड का असर और बढ़ सकता है।
अनूपपुर जिले का अमरकंटक प्रदेश के ठंडे इलाकों में सबसे आगे रहा। यहां बीती रात न्यूनतम तापमान 15.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके अलावा शाजापुर में 17.4 डिग्री, भोपाल में 17.6 डिग्री और इंदौर तथा बालाघाट जिले के मलाजखंड में 17.8 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड हुआ। रायसेन और छिंदवाड़ा में न्यूनतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस रहा।
3 अक्टूबर को लौट चुका मानसून, फिर भी हो रही बारिश
मध्य प्रदेश से मानसून की विदाई 3 अक्टूबर को हो चुकी है। इसके बावजूद मौसमी सिस्टम सक्रिय रहने के कारण बारिश का सिलसिला जारी है। पिछले एक सप्ताह में पूर्वी मध्य प्रदेश के कई जिलों में आंधी और बारिश का असर देखने को मिला। हालांकि, रविवार और सोमवार को कहीं आंधी-बारिश दर्ज नहीं की गई थी।
मौसम विशेषज्ञ शैलेंद्र कुमार नायक के मुताबिक, पिछले 10 वर्षों के आंकड़ों में अक्टूबर के दौरान बारिश, गर्मी और ठंड तीनों तरह की परिस्थितियां देखने को मिली हैं। इस साल भी मौसम का यही रुख बना हुआ है। अक्टूबर की शुरुआत में मौसम साफ होने के साथ धूप निकली, जबकि रात के तापमान में गिरावट दर्ज की गई। कई जिलों में बारिश भी होती रही। इस बार प्रदेश में दक्षिण-पश्चिम मानसून करीब 100 दिन तक सक्रिय रहा।
सामान्य से 1.5 इंच कम बारिश
जून से सितंबर के बीच दक्षिण-पश्चिम मानसून के दौरान मध्य प्रदेश में कुल 908.4 मिलीमीटर यानी करीब 35.8 इंच बारिश दर्ज की गई। यह सामान्य बारिश 949.5 मिलीमीटर यानी लगभग 37.3 इंच से 41.1 मिलीमीटर या करीब 1.5 इंच कम है। कुल मिलाकर प्रदेश में सामान्य से लगभग 4 प्रतिशत कम बारिश हुई।
हालांकि, पूर्वी और पश्चिमी मध्य प्रदेश के आंकड़ों में अंतर रहा। पूर्वी हिस्से में सामान्य से 4 प्रतिशत अधिक बारिश हुई, जबकि पश्चिमी हिस्से में औसत से 12 प्रतिशत कम पानी गिरा।
पूर्वी क्षेत्र के जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभागों में कुल बारिश का आंकड़ा सामान्य से 4 प्रतिशत अधिक रहा। इसके बावजूद बालाघाट, छिंदवाड़ा, दमोह, जबलपुर, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, रीवा, सागर और सिवनी में सामान्य के मुकाबले 5 से 21 प्रतिशत तक कम बारिश दर्ज की गई।
पश्चिमी मध्य प्रदेश में बारिश की कमी ज्यादा रही। आलीराजपुर, अशोकनगर, बड़वानी, बैतूल, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, खंडवा, मंदसौर, मुरैना, नर्मदापुरम, नीमच, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, उज्जैन और विदिशा में सामान्य से 9 से 51 प्रतिशत तक कम बारिश हुई।
25 जिलों में बारिश का कोटा पूरा, 30 में कमी
प्रदेश के 25 जिलों में मानसूनी बारिश का निर्धारित कोटा पूरा हो चुका है। इनमें भोपाल, राजगढ़, बुरहानपुर, खरगोन, कटनी, मंडला, डिंडौरी, ग्वालियर, गुना, दतिया, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, मैहर, आगर-मालवा, भिंड, श्योपुर, सिंगरौली, सीधी, सतना, मऊगंज, शहडोल, उमरिया और अनूपपुर शामिल हैं।
दूसरी ओर, 30 जिलों में सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई। इनमें नरसिंहपुर, दमोह, बालाघाट, अशोकनगर, मुरैना, मंदसौर, खंडवा, बड़वानी, नीमच, जबलपुर, रीवा, सागर, देवास, सिवनी, सीहोर, शिवपुरी, रायसेन, छिंदवाड़ा, विदिशा, शाजापुर, पांढुर्णा, इंदौर, उज्जैन, बैतूल, हरदा, नर्मदापुरम, रतलाम, झाबुआ, धार और आलीराजपुर शामिल हैं।
फिलहाल प्रदेश में बारिश और तापमान में उतार-चढ़ाव का दौर जारी रहने का अनुमान है। अगले चार दिन उत्तरी और मध्य हिस्सों के कई जिलों में बारिश हो सकती है, जबकि महीने के तीसरे सप्ताह के बाद रात की ठंड बढ़ने के आसार हैं।
