October 6, 2026

मिसाइल टिप्पणी पर ओवैसी और रामेश्वर शर्मा आमने-सामने, काजी कैंप से UCC तक भोपाल में तेज हुई राजनीतिक बयानबाजी

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मध्य प्रदेश: की राजधानी भोपाल में भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा और AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। विवाद की शुरुआत रामेश्वर शर्मा की उस टिप्पणी से हुई, जिसमें उन्होंने एक कार्यक्रम के दौरान करोंद चौराहे से काजी कैंप तक मिसाइल गिराने की बात कही थी। बाद में शर्मा ने सफाई देते हुए कहा कि उनका इशारा भोपाल के काजी कैंप की ओर नहीं, बल्कि इस्लामाबाद के काजी कैंप की ओर था।

इस बयान के बाद मामला राजनीतिक विवाद में बदल गया। 15 सितंबर को भोपाल में आयोजित सभा में असदुद्दीन ओवैसी ने रामेश्वर शर्मा की टिप्पणी का जिक्र किया। उन्होंने शर्मा को चुनौती देते हुए कहा कि यदि उनमें हिम्मत है तो काजी कैंप में आकर मिसाइल गिराकर दिखाएं। ओवैसी ने यह भी कहा कि वह इस तरह के बयानों से डरने वाले नहीं हैं।

ओवैसी की टिप्पणी के बाद रामेश्वर शर्मा ने भी पलटवार किया। उन्होंने कहा कि अगर ओवैसी बैरिस्टर हैं तो उन्हें बदतमीजी की भाषा छोड़कर उनका पूरा बयान सुनना चाहिए। शर्मा ने कहा कि यदि उनके बयान को लेकर कोई आपत्ति है तो अदालत का रास्ता अपनाया जा सकता है।

रामेश्वर शर्मा ने अपने जवाब में ऑपरेशन सिंदूर, भारतीय मिसाइलों और आतंकवाद का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भारत की सेना ने आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई में अपनी ताकत दिखाई है। शर्मा का कहना था कि जहां आतंकवाद के कैंप और भारत विरोधी गतिविधियां होंगी, वहां भारत की मिसाइल तैयार है।

शर्मा ने यह भी कहा कि वह अपने पहले दिए गए बयान पर कायम हैं। इस दौरान उन्होंने ओवैसी के खिलाफ कई व्यक्तिगत और आपत्तिजनक टिप्पणियां भी कीं, जिससे दोनों नेताओं के बीच बयानबाजी और तीखी हो गई।

यह राजनीतिक विवाद केवल मिसाइल वाली टिप्पणी तक सीमित नहीं रहा। समान नागरिक संहिता यानी UCC को लेकर भी रामेश्वर शर्मा और असदुद्दीन ओवैसी के बीच मतभेद सामने आए। रामेश्वर शर्मा ने UCC का समर्थन करते हुए कहा कि यदि राजनीतिक दल हिंदुओं के वोट चाहते हैं तो हिंदू कानून को लेकर सवाल क्यों उठाए जाते हैं।

शर्मा ने कहा कि UCC लागू होने से शादी और परिवार से जुड़े नियमों में एक समान व्यवस्था आएगी। उन्होंने यह भी दावा किया कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 2029 तक 21 राज्यों में UCC लागू होने की बात कही है और मध्य प्रदेश में यह लागू हो चुका है।

वहीं, असदुद्दीन ओवैसी UCC का लगातार विरोध करते रहे हैं। भोपाल में आयोजित सभा के दौरान उन्होंने इस मुद्दे पर अपनी आपत्तियां सामने रखीं। इस तरह दोनों नेताओं के बीच राजनीतिक मतभेद मिसाइल टिप्पणी से आगे बढ़कर समान नागरिक संहिता जैसे मुद्दे तक पहुंच गए।

करोंद चौराहे और काजी कैंप के संदर्भ से शुरू हुआ यह विवाद अब आतंकवाद और UCC से जुड़े बयानों तक पहुंच चुका है। दोनों नेताओं की ओर से लगातार सामने आए बयानों और जवाबी टिप्पणियों के कारण भोपाल में इस मुद्दे को लेकर राजनीतिक चर्चा तेज हुई है। फिलहाल पूरा विवाद दोनों नेताओं के सार्वजनिक बयानों और उनके जवाबी बयानों के इर्द-गिर्द केंद्रित है।

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