October 26, 2026

भेड़ाघाट नर्मदा महोत्सव में अरुणिता और ऋचा शर्मा की गायकी ने बांधा समां, ढोल-ताशा की गूंज से झूमे दर्शक

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मध्य प्रदेश: के जबलपुर स्थित भेड़ाघाट में आयोजित दो दिवसीय नर्मदा महोत्सव का समापन रविवार को सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ हुआ। महोत्सव की अंतिम शाम में गायिका अरुणिता कांजीलाल और पार्श्व गायिका ऋचा शर्मा ने अपने गीतों से दर्शकों का मनोरंजन किया। वहीं, महाराष्ट्र से आए कलाकारों की पारंपरिक ढोल-ताशा प्रस्तुति ने कार्यक्रम में उत्साह भर दिया। शरद पूर्णिमा की चांदनी और भेड़ाघाट की संगमरमरी चट्टानों के बीच आयोजित इस सांस्कृतिक संध्या में भक्ति संगीत, शास्त्रीय नृत्य और फिल्मी गीतों का संगम देखने को मिला।

कार्यक्रम की शुरुआत मां नर्मदा के पूजन से हुई। इसके बाद जबलपुर की त्रिभंग कला अकादमी की कलाकार कौतुकी उपाध्याय ने कथक शैली में शिव स्तुति प्रस्तुत की। शास्त्रीय नृत्य की इस प्रस्तुति के बाद महाराष्ट्र की शिवमुद्रा संस्था के कलाकारों ने पारंपरिक ढोल-ताशा वादन किया। कलाकारों की ऊर्जावान प्रस्तुति ने दर्शकों का ध्यान खींचा और सांस्कृतिक संध्या का माहौल उत्साहपूर्ण बना दिया।

महोत्सव की प्रमुख प्रस्तुतियों में अरुणिता कांजीलाल का गायन शामिल रहा। इंडियन आइडल सीजन-12 की प्रथम उपविजेता अरुणिता ने ‘अई गिरि नंदिनी’ स्तोत्र से अपनी प्रस्तुति की शुरुआत की। इसके बाद उन्होंने ‘राम सियाराम’, ‘एक राधा एक मीरा’, ‘हीरे मोती मैं न चाहूं’ और ‘सत्यम शिवम सुंदरम’ जैसे गीत सुनाए। उनके गायन में भक्ति और लोकप्रिय संगीत का मेल देखने को मिला।

अरुणिता ने मां नर्मदा को समर्पित भजन ‘मां रेवा थारो पानी निर्मल’ भी प्रस्तुत किया। इस भजन ने कार्यक्रम में भक्तिमय वातावरण बनाया। नर्मदा महोत्सव के धार्मिक और सांस्कृतिक स्वरूप के बीच यह प्रस्तुति शाम के खास हिस्सों में शामिल रही।

इसके बाद पार्श्व गायिका ऋचा शर्मा ने मंच संभाला। उन्होंने ‘सोनिया वे रांझणा वे’, ‘जिंदगी में कभी कोई आए न रब्बा’ और ‘माही वे’ जैसे लोकप्रिय फिल्मी गीत प्रस्तुत किए। उनकी गायकी के दौरान दर्शकों ने तालियां बजाकर उत्साह जताया। ऋचा शर्मा की प्रस्तुति के साथ महोत्सव की सांस्कृतिक संध्या का समापन हुआ।

शरद पूर्णिमा के अवसर पर आयोजित होने वाले इस महोत्सव में हर साल बड़ी संख्या में पर्यटक भेड़ाघाट पहुंचते हैं। यहां की संगमरमरी चट्टानें, नर्मदा तट का प्राकृतिक सौंदर्य और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजन को विशेष पहचान देते हैं। इस बार भी कथक, भजन, फिल्मी गीत और पारंपरिक वाद्ययंत्रों की प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम को विविध रंग दिए।

समापन समारोह में राज्यसभा सांसद सुमित्रा वाल्मीकि मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं, जबकि विधायक नीरज सिंह ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह भी वर्चुअल माध्यम से समारोह से जुड़े। उन्होंने नर्मदा महोत्सव को मध्य प्रदेश की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक परंपरा का प्रतीक बताया। साथ ही आयोजन को और भव्य बनाने तथा पर्यटन को बढ़ावा देने के प्रयास जारी रखने की बात कही। महोत्सव के समापन के साथ भेड़ाघाट की सांस्कृतिक विरासत और पर्यटन महत्व एक बार फिर सामने आया।

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